किसानों को मिलेगा बारिश व ओलावृष्टि से फसल नुकसान का मुआवजा, गिरदावरी के निर्देश
प्रकाशित - 31 Dec 2024 by Tractor Junction
जानें, किन किसानों को मिलेगा मुआवजा और इसके लिए सरकार ने क्या दिए हैं निर्देश
साल 2024 के दिसंबर माह के आखिरी हफ्ते में हुई बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है जिसे लेकर किसानों ने राज्य सरकार से मुआवजे की मांग की है। किसानों की परेशानी हो देखते हुए राज्य सरकार ने उन्हें राहत प्रदान करने की घोषणा की है। हाल ही में हरियाणा के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने राजस्व अधिकारियों को गिरदावरी (ग्राम भूमि रिकॉर्ड) के काम में तेजी लाने और राज्य में विभिन्न जिलों में दिसंबर माह के अंत में हुई ओलावृष्टि से हुए फसलों को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि फसल नुकसान के सर्वे में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं करें ताकि किसानों को जल्द से जल्द राहत प्रदान की जा सके।
इन जगहों पर फसलों को सबसे अधिक नुकसान की आशंका
ओलावृष्टि से सबसे अधिक नुकसान हरियाणा के फतेहाबाद जिले के ढांगर, बिगर, मोहम्मदपुर रोही, सालमखेड़ा, बड़ोपल, भिरडाना, झलानिया, बिस्ला, बरसीन, ढाणी माजरा, व जांडली खुर्द गांवों में होने की जानकारी सामने आई थी, जहां किसान बारिश होने से खुश थे, क्योंकि बारिश से मिट्टी व फसलों के लिए आवश्यक नमी और सिंचाई की पूर्ति हो जाती, लेकिन ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया और इससे फसलों को नुकसान हो गया। इसके अलावा हिसार में आदमपुर व नारनौंद इलाके के करीब 15 गांवों में ओले गिरने से फसलों नुकसान होने की जानकारी सामने आई है।
सरसों व गेहूं की फसल में कितना हुआ नुकसान
बताया जा रहा है कि गुरुग्राम के पटौदी व उसके आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को 70 प्रतिशत और सरसों की फसल को 100 प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है। वहीं सब्जियों की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई। किसानों के मुताबिक उनकी सरसों व गेहूं की फसल करीब एक फीट तक ओले से पटी पड़ी थी जिसमें सरसो की फसल तो पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। जबकि 70 प्रतिशत गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है।
राज्य में फसल नुकसान पर किसानों को कितना मिल सकता है मुआवजा
योजना के तहत हरियाणा सरकार की ओर से बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों की मुआवजा राशि पहले से निर्धारित की हुई है। इसके तहत किसानों की 100 प्रतिशत खराब फसल होने पर सरकार की ओर से प्रति एकड़ 15 हजार रुपए, 25 से 50 प्रतिशत फसल नुकसान पर 9,000 रुपए प्रति एकड़ मुआवजा , 51 से 75 प्रतिशत फसल नुकसान पर किसानों को 12,000 रुपए प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देना निर्धारित किया हुआ है।
किन किसानों को मिलता है फसल नुकसान का मुआवजा
राज्य में जिन किसानों ने “मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल” पर अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है उन किसानों को फसल नुकसान मुआवजा मिलता है, क्योंकि इसमें किसान व्यक्तिगत का ब्यौरा होता है। इसी के साथ ही इसमें किसान ने अपने खेत में कितने एकड़ में कितनी फसल बोई है आदि की जानकारी भी होती है, ऐसे में फसल नुकसान होने की दशा में यह डेटा किसानों को मुआवजा राशि दिए जाने में पारदर्शिता लाने में सहायता करता है। ऐसे में राज्य सरकार ने प्रत्येक किसान को अपना ब्यौरा “मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल” पर देना अनिवार्य किया हुआ है।
फसल नुकसान की किसान को कहां करनी देनी होती है सूचना
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) के तहत फसल नुकसान होने पर किसान को 72 घंटे के भीतर भारत सरकार के टोल फ्री नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा किसान कृषि विभाग के विकासखंड स्तरीय राजकीय कृषि बीज भंडार, तहसील स्तरीय उप-संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, उप कृषि निदेशक कार्यालय या फसल बीमा कंपनी के जिला प्रतिनिधि को लिखित रूप में सूचित करना चाहिए। यदि किसान के पास एंड्रॉइड मोबाइल है तो वह जिस बीमा कंपनी से उसने बीमा करवाया है उसे ऑनलाइन भी शिकायत दर्ज करा सकता है। यदि 72 घंटे के अंदर किसान पूरी जानकारी नहीं देता है तो उसे 7 दिन में पूरी जानकारी निर्धारित प्रपत्र में संबंधित बीमा कंपनी दे सकता है।
किसान फसल नुकसान की सूचना दो तरीके से दे सकते हैं
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना हरियाणा (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) के तहत किसान दो तरीके से फसल नुकसान की सूचना दे सकते हैं। इसमें पहला तरीके में किसान कृषि रक्षक पोर्टल हेल्पलाइन (KRPH) - 14447 पर नीचे दिए गए तरीके से शिकायत दर्ज करा सकते हैं-
- फसल बीमा से संबंधित शिकायत के लिए 14447 नंबर पर कॉल करें।
- फोन करने के बाद वहां पर अपनी शिकायत से संबंधित पूरी जानकारी दें।
- साथ ही आप जो शिकायत कर रहे हैं उससे संबंधित दस्तावेज की जानकारी दें।
- शिकायत करने के बाद आपको शिकायत नंबर या रिफेरेंस नंबर भी मिलेगा, उसे हासिल करें।
- इसके बाद शिकायत पर अपडेट की प्रतीक्षा करें या फिर दोबारा अपनी शिकायत को लेकर फोलोअप ले सकते हैं।
दूसरा तरीके में किसान फसल बीमा मोबाइल एप्लीकेशन (Crop Insurance Mobile Application) को डाउनलोड करके भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसे आप गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) से अपलोड कर सकते हैं।
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