किसानों को मुफ्त मिलेंगे मक्का-बाजरा के बीज
प्रकाशित - 15 Mar 2026 by Vivek Tailang
राज्य में 8.5 लाख किसानों को संकर मक्का बीज मिनिकिट देने की तैयारी
राज्य में फसलों का उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए सरकार बीजों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रही है। बेहतर उत्पादन के लिए बीज को सबसे महत्वपूर्ण इनपुट माना जाता है, इसलिए किसानों को प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी कड़ी में राजस्थान सरकार मक्का और बाजरा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को मुफ्त और अनुदानित बीज उपलब्ध कराएगी।
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि मक्का उत्पादन वाले क्षेत्रों में किसानों को संकर मक्का बीज के मिनिकिट का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है, जिससे किसानों को बेहतर उपज प्राप्त करने में सहायता मिल सके।
2025-26 में लाखों किसानों को मिला मक्का बीज मिनिकिट
कृषि मंत्री ने विधानसभा में बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य के कई जिलों में किसानों को बड़ी संख्या में मक्का बीज मिनिकिट वितरित किए गए। डूंगरपुर, उदयपुर, बांसवाड़ा, सलूम्बर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, प्रतापगढ़, पाली, सिरोही और बारां जिलों के जनजातीय किसानों को कुल 8,26,219 मक्का बीज मिनिकिट वितरित किए गए। इसके अलावा इन जिलों के गैर-जनजातीय किसानों को भी 2,26,643 मिनिकिट दिए गए। इस प्रकार जनजातीय क्षेत्रों में कुल 10,52,862 मक्का बीज मिनिकिट मुफ्त वितरित किए गए। इसके अलावा अजमेर, ब्यावर, बूंदी, भीलवाड़ा और झालावाड़ जिलों के किसानों को भी 96,882 मक्का बीज मिनिकिट निःशुल्क उपलब्ध कराए गए। सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक किसान प्रमाणित बीजों का उपयोग करें, जिससे उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि हो सके।
2026-27 में 8.5 लाख किसानों को मिलेगा लाभ
कृषि मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए भी सरकार ने मक्का उत्पादन बढ़ाने की योजना बनाई है। इसके तहत अनुसूचित जनजाति और सहरिया क्षेत्र वाले जिलों डूंगरपुर, उदयपुर, बांसवाड़ा, सलूम्बर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, प्रतापगढ़, पाली, सिरोही और बारां के अनुसूचित क्षेत्रों में 8 लाख 50 हजार किसानों को निःशुल्क संकर मक्का बीज मिनिकिट उपलब्ध कराए जाएंगे। इस योजना पर लगभग 85 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि उच्च गुणवत्ता वाले संकर बीजों के उपयोग से मक्का की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है, जिससे किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत दिए जाएंगे निःशुल्क बीज
कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (National Food Security & Nutrition Mission) के तहत भी मक्का उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के चयनित जिलों में बारां, झालावाड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सलूम्बर, उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद शामिल किए गए हैं। इन जिलों में मक्का फसल के लिए 500 क्विंटल प्रमाणित बीज अनुदानित दर पर वितरित किए जाएंगे। इसके साथ ही लगभग 4,500 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का फसल के प्रदर्शन (डेमोन्स्ट्रेशन) आयोजित किए जाएंगे, जिनके लिए किसानों को निःशुल्क बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार ने कार्ययोजना तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दी है।
बाजरा के बीज भी किसानों को दिए जाएंगे निःशुल्क
मक्का के साथ-साथ राज्य सरकार बाजरा उत्पादन को भी बढ़ावा दे रही है। कृषि मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में राज्य के बाजरा उत्पादक 28 जिलों के किसानों को कुल 7,99,900 बाजरा बीज मिनिकिट वितरित किए गए हैं। वर्ष 2026-27 में बाजरा उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत 12 हजार क्विंटल प्रमाणित बाजरा बीज किसानों को अनुदानित दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा करीब 24 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बाजरा फसल के प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनके लिए किसानों को निःशुल्क बीज दिए जाएंगे। कृषि मंत्री ने सदन में आश्वस्त किया कि राज्य सरकार किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार से कार्ययोजना को मंजूरी मिलते ही आगामी बुवाई सीजन से पहले मक्का और बाजरा के बीजों का वितरण शुरू कर दिया जाएगा, ताकि किसान समय पर बुवाई कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें।
ट्रैक्टर जंक्शन हमेशा आपको अपडेट रखता है। इसके लिए ट्रैक्टरों के नये मॉडलों और उनके कृषि उपयोग के बारे में एग्रीकल्चर खबरें प्रकाशित की जाती हैं। प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों महिंद्रा ट्रैक्टर, सोनालिका ट्रैक्टर आदि की मासिक सेल्स रिपोर्ट भी हम प्रकाशित करते हैं जिसमें ट्रैक्टरों की थोक व खुदरा बिक्री की विस्तृत जानकारी दी जाती है। अगर आप मासिक सदस्यता प्राप्त करना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करें।
अगर आप नए ट्रैक्टर, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण बेचने या खरीदने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार और विक्रेता आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु को ट्रैक्टर जंक्शन के साथ शेयर करें।
सर्टिफाइड पुराने ट्रैक्टर्स
ट्रैक्टर की प्राइस चेक करें