सूखी खेती करने वाले किसानों को मिलेगी 50 प्रतिशत सब्सिडी

प्रकाशित - 13 Aug 2022

सूखी खेती करने वाले किसानों को मिलेगी 50 प्रतिशत सब्सिडी

केंद्र और राज्य सरकार की ओर से किसानों के लिए कई प्रकार की लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही है जिसका लाभ किसानों को मिल रहा है। इन योजनाओं को चलाने का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में बढ़ोतरी करना है। इसी क्रम मेें बिहार सरकार ने किसानों के लिए एक खास योजना चलाई रखी है। इसके तहत किसानों को सूखी खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत किसानों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाएगा। प्रदेश में गिरते भूजल स्तर को देखते हुए सरकार की ओर से ये निर्णय लिया गया है।

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जानें, क्या है सूखी खेती तकनीक और इसके लाभ

सूखी खेती से तात्पर्य बहुत कम पानी में खेती करने से है। इस योजना की खास बात ये है इसमें बूंद-बूंद सिंचाई योजना को मुख्य रूप से शामिल किया गया है ताकि कम से कम पानी में अधिक फसलें उगाई जा सकें। इसके लिए ड्रिप सिंचाई सूक्ष्म सिंचाई आधारित शुष्क बागवानी योजना के तहत कम पानी में होने वाले शुष्क फलों के उत्पादन हेतु 0.60 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर तीन वार्षिक किस्तों में लागत और रोपण सामग्री के मद में होने वाले व्यय को पूरा करने के लिए लिए दिया जाएगा। जो अधिकतम 0.30 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर अथवा लागत का 50 प्रतिशत अनुदान जो भी कम हो दिए जाने का प्रावधान योजना के तहत किया गया है। संयंत्र स्थापित करने के लिए सरकार की ओर से 100 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। सूखी खेती अपनाकर किसान अधिक लाभ कमा सकते हैं और साथ ही पानी की बचत भी कर सकते हैं।

सूखी खेती पर कितना मिलेगा सरकार से अनुदान

सूखी खेती के लिए सरकार की ओर से दिए जाने वाला अनुदान सिर्फ बूंद-बंूद सिंचाई संयंत्र स्थापित करने वाले किसानों को ही दिया जाएगा। ऐसे किसान जिन्होंने अपने खेत में ड्रिप सिंचाई संयंत्र स्थापित किया है या वे उनके खेतों में ड्रिप सिंचाई संयंत्र स्थापित किया जा रहा हो, वे इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत किसान फलदार पौधे हेतु अधिकतम 4 हेक्टेयर तथा न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर के लिए आवेदन कर सकते हैं। योजना का कार्यान्वयन किसान अपने खेतों के मेड़ पर भी करवा सकते हैं।

सब्जियों की खेती से कर सकते अतिरिक्त आमदनी

सूखी खेती के तहत फसलदार पौधों की खेती के साथ ही किसान सब्जियों की खेती करके भी अच्छा लाभ कमा सकते हैं। फलदार पौधों के बीच की जगह पर किसान सब्जियां उगा सकते हैं। इससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी होगी। इसके लिए सरकार 7500 सब्जी पौधा प्रति हेक्टेयर एकीकृत उद्यान विकास योजना से किसानों की मांग अनुरूप उपलब्ध कराएगी।

किसानों को दिया जाएगा सूखी खेती का प्रशिक्षण

बिहार सरकार प्रदेश के किसानों को सूखी खेती का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके तहत किसानों को फलदार पौधों की खेती के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा ताकि किसान उन्नत तरीके से खेती करके अच्छा लाभ कमा सकें। योजना के तहत जिलेवार योजना संचालन हेतु 2400 किसानों को सेंटर ऑफ एक्सेलेंस द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

इन फलों की खेती पर दिया जाएगा अनुदान

इस योजना का संचालन बिहार के सभी राज्यों में किया जाएगा। इस योजना के तहत किसानों को आंवला, बेर, जामुन, कटहल, बेल अनार, नींबू, एवं मीठा नींबू आदि के फलदार पौधे किसान लगा सकते हैं। किसानों को सेंटर ऑफ एक्सेलेंस, देसरी, वैशाली से फल पौध उपलब्ध कराई जाएगी। किसान अपनी इच्छा अनुसार फल पौध का चयन करने के लिए स्वतंत्र होंगे। इसमें फल पौध के अनुदान की राशि योजना की राशि से काटकर सेंटर ऑफ एक्सेलेंस, देसरी, वैशाली को उपलब्ध करा दी जाएगी। 

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ड्रिप सिंचाई के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत मिलेगा अनुदान

खेत में ड्रिप सिंचाई संयंत्र स्थापित करने के लिए किसानों को केंद्र सरकार की कृषि सिंचाई योजना के तहत अनुदान दिया जाएगा। बता दें कि ड्रिप सिंचाई योजना के लिए किसानों को सरकार की ओर से 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है। इसके अलावा बिहार सरकार की ओर से सामूहिक नलकूप की स्थापना के लिए राज्य मद से संचालित सामुदायिक नलकूप योजना तहत 100 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। सामुदायिक नलकूप योजना का लाभ समूह में योजना लेने वाले किसानों को ही दिया जाएगा।

शुष्क बागवानी या सूखी खेती के संबंध में खास बातें

  • योजना का मुख्य लक्ष्य सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देना है जिससे खेती में पानी की बचत हो सकें।
  • इस योजना के तहत किसान अधिकतम 1 हेक्टेयर एवं न्यूनतम एक हेक्टेयर में अपने इच्छानुसार फल पौधे का चयन कर सकते हैं।
  • किसान द्वारा शुष्क बागवानी योजना हेतु चिह्नित किए गए प्लाट पर ड्रीप सिंचाई की स्थापना पूर्व में नहीं किया गया हो (यदि किया गया है, तो योजना हेतु चिह्नित प्लाट पर किसी प्रकार का पौधरोपण कार्य नहीं किया है) यह सुनिश्चित करने के बाद ही वह प्लाट योजना हेतु मान्य होगा।
  • आवेदन करने के बाद फल-सब्जी पौध की कृषक राशि किसान को विभागीय कार्यालय में जमा करने के बाद ही योजना का लाभ दिया जाएगा।
  • व्यक्तिगत रूप से आवेदन अधिकतम 1 हेक्टेयर एवं न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर हो मान्य होगा।
  • ग्रुप में आवेदन तीन या उससे अधिक किसान रहने पर ही मान्य होगा।
  • ग्रुप में आवेदन का रकवा अधिकतम 5 हेक्टेयर ही मान्य होगा।

सूखी खेती पर अनुदान के लिए कहां करें आवेदन

शुष्क बागवानी योजना के तहत सूखी खेती पर अनुदान प्राप्त करने के लिए राज्य के किसान बिहार कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट http://horticulture.bihar.gov.in/HORTMIS/Home.aspx# पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

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