फसल अवशेष प्रबंधन : 73 हजार कृषि यंत्रों पर मिली सब्सिडी, 12 लाख की छूट के लिए करें आवेदन
प्रकाशित - 28 Jun 2023
by Tractor Junction
50 से 80 प्रतिशत तक अनुदान की योजना, जानें कैसे मिलेगा लाभ
देश में कृषि के यांत्रीकरण के लिए कई सारी योजनाएं चलाई जा रही है। खेती में किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ हो सके इसके लिए जरूरी है कि किसान मानवीय श्रम के बजाय कृषि यंत्रों से ज्यादा काम लें। कृषि यंत्र (Agricultural Machinery) से काम करने पर किसान को काफी समय की बचत होती है। समय से खेती कर पाने की वजह से उत्पादन बढ़ता है, इसके अलावा मानवीय श्रम की अपेक्षा काफी कम लागत में खेती हो जाती है। इससे किसानों को दो बार बचत होती है। यही वजह है कि देश में केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, किसानों को कृषि यंत्रों पर अनुदान दे रही है। बता दें कि हरियाणा सरकार हैपी सीडर, सुपर स्ट्राव मैनेजमेंट सिस्टम (सुपर एसएमएस), स्ट्रा बेलर विद रेक, पैडी स्ट्रॉ चॉपर, श्रेडर-मल्चर, रोटरी स्लेशर-शर्ब मास्टर, रिवर्सिबल एमबी प्लाऊ, सुपर सीडर, जीरो टिल ड्रिल, स्वचालित क्रॉप रीपर-ट्रैक्टर चालित क्रॉप रीपर, रीपर कम बाइंडर आदि कृषि उपकरणों पर 50 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत तक अनुदान प्रतिवर्ष देती है। अब तक करीब 73 हजार कृषि यंत्र सब्सिडी पर दिए जा चुके हैं। हरियाणा सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन 2023 के तहत कृषि यंत्रों पर सब्सिडी के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 23 जुलाई 2023 रखी गई है।
ट्रैक्टर जंक्शन के इस पोस्ट में हम इन कृषि यंत्रों पर अनुदान पाने की प्रक्रिया, कृषि यंत्र सब्सिडी की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, आवेदन करने की प्रक्रिया आदि की जानकारी दे रहे हैं।
क्या है सरकार की योजना और क्यों दिया जा रहा है अनुदान
फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत किसानों को पराली के अवशेषों को प्रबंधित करने वाली मशीनों के अलावा कई अन्य मशीनों पर भी अनुदान मिल रहा है। हरियाणा किसान सरकार की इस योजना से अब तक लाखों किसान लाभान्वित हो चुके हैं। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2018-19 से इस योजना का लाभ किसानों को मिल रहा है। योजना के तहत दो प्रकार से लाभ दिए जाते हैं। एक तो कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए लाभ मिलता है। दूसरा कोई भी व्यक्तिगत किसान इस योजना का लाभ ले सकता है। इस योजना के तहत अब तक 72,777 से ज्यादा फार्म मशीनरी किसानों के लिए डिलीवर किए जा चुके हैं।
अब तक कितना मिला है लाभ
इस योजना का क्रियान्वयन प्रदेश में बड़े स्तर पर किया जा रहा है। योजना की शुरुआत और इससे मिलने वाला लाभ वित्तीय वर्ष 2018-19 से ही शुरू हो चुका है। इस योजना के तहत कुल 6775 कस्टम हायरिंग सेंटर (Custom Hiring Center) स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं 41,331 व्यक्तिगत किसानों को भी इसका लाभ मिला है। मिले हुए लाभ की ज्यादा और विस्तृत जानकारी के लिए यह चार्ट देखें।
वर्ष 2018-19 में इस योजना से मिलने वाला लाभ
| क्रम संख्या | अवयव |
वित्तीय वर्ष 2018-19 |
|
| इकाई लाभ | प्रदत्त राशि | ||
| 1. |
कस्टम हायरिंग सेंटर |
1194 |
74.31 करोड़ रुपए |
| 2, |
व्यक्तिगत किसान |
3549 |
16.87 करोड़ रुपए |
वर्ष 2019-20 में इस योजना से मिलने वाला लाभ
| क्रम संख्या | अवयव |
वित्तीय वर्ष 2019-20 |
|
| इकाई लाभ | प्रदत्त राशि | ||
| 1. |
कस्टम हायरिंग सेंटर |
1685 | 97.86 करोड़ रुपए |
| 2, |
व्यक्तिगत किसान |
5228 | 24.93 करोड़ रुपए |
वर्ष 2020-21 में इस योजना से मिलने वाला लाभ
| क्रम संख्या | अवयव | वित्तीय वर्ष 2020-21 | |
| इकाई लाभ | प्रदत्त राशि | ||
| 1. |
कस्टम हायरिंग सेंटर |
1345 | 53.80 करोड़ रुपए |
| 2, |
व्यक्तिगत किसान |
23712 | 143.92 करोड़ रुपए |
वर्ष 2021-22 में इस योजना से मिलने वाला लाभ
| क्रम संख्या | अवयव |
वित्तीय वर्ष 2019-20 |
|
| इकाई लाभ | प्रदत्त राशि | ||
| 1. |
कस्टम हायरिंग सेंटर |
2551 | 102.04 करोड़ रुपए |
| 2, |
व्यक्तिगत किसान |
8842 | 72.55 करोड़ रुपए |
इस तरह किसानों को इस योजना के तहत फार्म मशीनरी बैंक या कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने के लिए कुल 328.01 करोड़ रुपए की मदद मिली है। वहीं व्यक्तिगत किसानों को 258.27 करोड़ रुपए की मदद मिली है।
कितना मिलेगा लाभ
इस योजना के तहत कस्टमर हायरिंग सेंटर और व्यक्तिगत किसान के अलग अलग लाभ दिए जाते हैं। व्यक्तिगत किसान जो इस योजना का लाभ उठाते हैं उन्हें 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। वहीं सीएचसी सेंटर स्थापित करने के लिए 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।
| अवयव | प्रतिशत अनुदान | अधिकतम अनुदान |
|
कस्टम हायरिंग सेंटर |
80% | 12 लाख रुपए |
|
व्यक्तिगत किसान |
50% |
1 लाख 25 हजार रुपए |
किन किन कृषि यंत्रों पर मिलता है अनुदान
इस योजना के तहत 10 से ज्यादा कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जाता है। प्रमुख कृषि यंत्र इस प्रकार से हैं।
| सुपर एसएमएस | जीरो ड्रिल |
| हैप्पी सीडर | सुपर सीडर |
| स्ट्रॉ चॉपर / थ्रेडर | स्ट्रॉ बेलर |
| मल्चर | क्रॉप रीपर |
| श्रब मास्टर / रोटरी स्लेशर | ट्रैक्टर चालित क्रॉप रीपर |
| रिवर्सिबल प्लाऊ | रीपर कम बाइंडर |
किन किसानों को मिलेगा अनुदान (पात्रता शर्तें)
इस योजना का लाभ लेने केलिए कुछ पात्रता शर्तें रखी गई है जो इस प्रकार है।
- किसान का हरियाणा का स्थाई निवासी होना चाहिए।
- पिछले 4 वर्षों में व्यक्तिगत किसान ने योजना का लाभ न लिया हो।
- कस्टमर हायरिंग सेंटर, आवेदित कृषि यंत्र पर पिछले 4 वर्षों में कोई लाभ नहीं लिया हो।
आवश्यक दस्तावेज
इस योजना में लाभ लेने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की जरुरत पड़ती है।
- एफपीओ प्रमाण पत्र (सीएचसी के लिए)
- किसान की को ऑपरेटिव समिति पंजीयन संख्या
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- बैंक खाता पासबुक
- कृषि भूमि का विवरण और दस्तावेज
- मेरी फसल मेरा ब्यौरा पंजीयन
योजना का लाभ कैसे मिलेगा / आवेदन प्रक्रिया
लाभार्थी का चयन जिला स्तरीय कार्यकारिणी समिति द्वारा किया जाएगा। संबंधित उपयुक्त की अध्यक्षता में लाभार्थी का चयन किया जाएगा। योजना में आवेदन के लिए नजदीकी कृषि अभियंता के कार्यालय में संपर्क करना होगा। उप कृषि निदेशक या सहायक कृषि अभियंता के कार्यालय में संपर्क करें और ज्यादा जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 18001802117 पर संपर्क करें। योजना से जुड़े विस्तृत जानकारी के लिए हरियाणा कृषि विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट www.agriharyana.gov.in पर विजिट करें।
ट्रैक्टर जंक्शन हमेशा आपको अपडेट रखता है। इसके लिए ट्रैक्टरों के नये मॉडलों और उनके कृषि उपयोग के बारे में एग्रीकल्चर खबरें प्रकाशित की जाती हैं। प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर, जॉन डियर ट्रैक्टर आदि की मासिक सेल्स रिपोर्ट भी हम प्रकाशित करते हैं जिसमें ट्रैक्टरों की थोक व खुदरा बिक्री की विस्तृत जानकारी दी जाती है। अगर आप मासिक सदस्यता प्राप्त करना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करें।
अगर आप नए ट्रैक्टर, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण बेचने या खरीदने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार और विक्रेता आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु को ट्रैक्टर जंक्शन के साथ शेयर करें।