बकरी पालन योजना: किसानों को बकरी पालन पर मिलेगी 90% सब्सिडी, अभी करें आवेदन

जानें, बकरी पालन के लाभ और सब्सिडी की पूरी जानकारी

किसानों को खेती के साथ ही पशुपालन के लिए भी सरकार की ओर से प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग राज्यों में वहां की सरकार की ओर से पशुपालक किसानों के लिए योजनाएं चलाई जा रही है। इन्हीं योजनाओं में से एक योजना मुख्यमंत्री भेड़/बकरी पालन उत्थान योजना (mukhyamantree bhed/bakaree paalan utthaan yojana) है। इसके तहत किसानों को 90 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। इस योजना को हरियाणा सरकार की ओर से शुरू किया गया है। इस योजना के तहत पशुपालक किसान बकरी पालन (goat farming) का काम शुरू करके काफी अच्छा पैसा कमा सकते हैं। बता दें कि बकरी पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो कम लागत से शुरू किया जा सकता है लेकिन इससे काफी अच्छा पैसा कमाया जा सकता है। बकरी के दूध और मांस की बाजार मांग को देखते हुए यह बिजनेस लाभ का सौंदा साबित हो रहा है।

आज हम ट्रैक्टर जंक्शन के माध्यम से किसान भाइयों को बकरी पालन (goat farming) बिजनेस के लिए सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी और इस बिजनेस से कितना लाभ हो सकता है, इस विषय की जानकारी दे रहे हैं, तो आइए जानते हैं बकरी पालन पर मिलने वाली सरकारी आर्थिक सहायता और इस बिजनेस से होने वाले लाभ के बारें में पूरी जानकारी।

क्या है मुख्यमंत्री भेड़/बकरी पालन उत्थान योजना

हरियाणा सरकार की ओर से किसानों की आय बढ़ाने के उद्‌देश्य से मुख्यमंत्री भेड़/बकरी पालन योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत पशुपालक किसानों को 90 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इस योजना में आवेदन करके किसान सरकारी अनुदान से बकरी पालन बिजनेस की शुरुआत कर सकते हैं। इस बिजनेस के लिए आप बैंक से लोन भी ले सकते हैं। बहुत से बैंक इस व्यवसाय के लिए लोन उपलब्ध कराते हैं। 

किसानों को वर्गानुसार कितनी मिलेगी सब्सिडी

राज्य सरकार की ओर से किसानों को बकरी पालन पर भारी सब्सिडी दी जा रही है। इसके तहत पशुपालकों को बकरी पालन के लिए प्रोत्साहित किया जा है। इसके लिए एससी (S.C) वर्ग के किसानों को 90 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। इस योजना में किसान का एससी वर्ग का होना जरूरी है। इसके अलावा नाबार्ड बकरी पालन योजना के तहत भी किसानों को सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाता है। इसके तहत एससी, एसटी, पिछड़ा वर्ग व महिला पशुपालक किसानों को 33 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। जबकि सामान्य किसान पशुपालकों को 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। यह सब्सिडी बकरी पालन पर लिए गए लोन पर दी जाती है। बकरी पालन पर एसबीआई लोन देता है। बता दें कि हरियाणा के अलावा बकरी पालन पर उत्तर प्रदेश (बकरी पालन लोन सब्सिडी UP), मध्यप्रदेश (बकरी पालन लोन सब्सिडी MP), बिहार, राजस्थान (बकरी पालन लोन सब्सिडी राजस्थान) में भी वहां के निर्धारित किए गए अनुसार सब्सिडी का दी जाती है। 

बकरी पालन बिजनेस में कितना हो सकता है मुनाफा (Profit in Goat Farming)

आज के समय में बकरी पालन बिजनेस (goat farming business) लाभ का सौंदा साबित हो रहा है। बकरी के दूध से ज्यादा इसके मांस की बाजार में अधिक डिमांड है। बकरी पालन बिजनेस कम खर्च में अधिक मुनाफा देने वाला बिजनेस है। इस बिजनेस को शुरू करने के लिए आपको शुरुआत में एक वर्ग मीटर एरिया की आवश्यकता होती है। वहीं बकरियों के आहार का कोई विशेष प्रबंध भी नहीं करना पड़ता है। बकरियां पेड़ों के हरे पत्ते खाकर भी अपना गुजारा कर लेती हैं। हालांकि बकरियों की अच्छी ग्रोथ के लिए उन्हें पौष्टिक आहार देना चाहिए। इसमें एक बकरी को दो किलो चारा और आधा किलो दाना दिया जाता है। यदि सही तरीके से बकरी पालन बिजनेस को किया जाए तो इसके दूध और मांस से काफी अच्छा पैसा कमाया जा सकता है। एक अनुमान के मुताबिक 18 बकरी पर औसतन 2,16,000 रुपए की कमाई की जा सकती है। वहीं इसके बकरे से औसतन 1,98,000 रुपए की कमाई हो सकती है। यदि आप भी कम समय में अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं तो बकरी पालन का बिजनेस करके कमा सकते हैं।

बकरी पालन पर सब्सिडी के लिए योग्यता व शर्तें

हरियाणा सरकार की इस योजना के तहत पशुपालक किसानों को सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाएगा। इसके लिए जो योग्यता और शर्तें तय की गई है, वे प्रकार से हैं

  • बकरी पालन की इस योजना का लाभ केवल एससी वर्ग के पशुपालक किसान उठा सकते हैं।
  • इस योजना का लाभ लेने के लिए हरियाणा राज्य के मूल निवासी होना आवश्यक है।
  • इस योजना में आवेदन करने वाले पशुपालक किसान की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • इस योजना का के लिए एससी वर्ग के गरीबी बेरोजगार लोग पात्र होंगे।
  • यदि लाभार्थी पहले से बकरी पालन की ऐसी किसी योजना का लाभ ले चुका है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।

बकरी पालन योजना में आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की होगी आवश्यकता (Required Documents for Goat Farming Scheme)

राज्य सरकार की मुख्यमंत्री भेड़/बकरी पालन उत्थान योजना में आवेदन के लिए पशुपालकों को पशुपालन विभाग के माध्यम से आवेदन करना होगा। इसके लिए किसानों को जिन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी, वे इस प्रकार से हैं

  • आवेदन करने वाले व्यक्ति का आधार कार्ड
  • आवेदन करने वाले व्यक्ति का जाति प्रमाण-पत्र
  • आवेदन करने वाले व्यक्ति का पैन कार्ड
  • आवदेक का बीपीएल कार्ड
  • स्वयं के द्वारा डिक्लेयर किया हुआ प्रमाण-पत्र
  • शेड के निर्माण के लिए स्थान का सबूत
  • आवेदन के समय निर्धारित राशि का चेक
  • एक एफिडेविट
  • आवेदक का मोबाइल नंबर
  • 9 महीने का बैंक स्टेटमेंट
  • बैंक खाता पासबुक की कापी
  • आवेदक का निवास प्रमाण-पत्र
  • बकरी पालन बिजनेस की रिपोर्ट

बकरी पालन योजना में कैसे करें आवेदन

राज्य के पशुपालक किसान जो इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें इसके लिए हरियाणा सरल पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार से है

  • इस योजना में ओवदन के लिए सबसे पहले आपको सरल पोर्टल पर जाना होगा।
  • यहां इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए आपको अपनी सभी आवश्यक जानकारी यहां देनी होगी।
  • इसके बाद आपको वैलिडेट के बटन पर क्लिक करना होगा।
  • अब इसके सत्यापन के लिए आपके ई-मेल मोबाइल पर एसएमएस के जरिये एक मैसेज आएगा। इसमें आपको लॉन इन की डिेटेल दी हुई होगी जिससे आप इस पोर्टल पर लॉन इन कर सकेंगे हैं।
  • जब आप पोर्टल् पर लॉन इन करेगे, इसके बाद आपको योजना के चयन का विकल्प दिखाई देगा। आपको यहां इस योजना का चयन करना होगा।
  • इसके बाद आपकी कंप्यूटर स्क्रीन पर योजना का एप्लीकेशन फॉर्म खुल जाएगा।
  • आप इस फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारियां सही भर कर इसके साथ आवश्यक दस्तावेज अटैच करके जमा कर दें।
  • आपका आवेदन पत्र जमा होने के बाद आपकी स्क्रीन पर एप्लीकेशन आईडी शो होगी।
  • इस आईडी को आपको अपने पास रखना होगा। इसकी सहायता से आप एप्लीकेशन जमा करने के बाद स्टे्टस की जांच कर सकेंगे।
  • योजना की अधिक जानकारी के लिए आप अपने जिले के निकटतम पशुपालन विभाग से संपर्क कर सकते हैं। 

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