पीएम कुसुम योजना : 70,000 किसानों को 75% सब्सिडी पर मिलेंगे सोलर पम्प

मुख्यमंत्री ने दिए सभी नलकूपों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के निर्देश

PM Kusum Yojana 2025 : सरकार की ओर से किसानों को सिंचाई की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से पीएम कुसुम योजना चलाई जा रही है। केंद्र के साथ ही राज्य सरकारें भी इस योजना से किसानों को लाभान्वित कर रही हैं। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती और टिकाऊ बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM योजना) के तहत अब राज्य सरकार ने 70,000 किसानों को 75 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर पंप देने का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी कृषि नलकूपों को चरणबद्ध तरीके से सौर ऊर्जा से जोड़ा जाए, ताकि किसानों की उत्पादन लागत घटाई जा सके और खेती अधिक लाभकारी हो सके।

यह निर्णय चंडीगढ़ में हुई PM-KUSUM c की समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि इस योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति लाई जाए।

किसानों की बचत और पर्यावरण दोनों को लाभ

सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को पारंपरिक बिजली पर निर्भरता से मुक्त कर, उन्हें सौर ऊर्जा के माध्यम से सिंचाई की सुविधा प्रदान करना है। इससे न केवल किसानों के बिजली बिलों में भारी कमी आएगी, बल्कि डीजल पर आधारित पंपों के उपयोग में भी गिरावट होगी, जिससे पर्यावरण को भी फायदा होगा।

योजना के तहत किसानों को कितने एचपी के सोलर पंप कराएं जाते हैं उपलब्ध 

PM-KUSUM योजना के तहत किसानों को 3 से 10 हॉर्सपावर (HP) तक के सोलर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनकी औसतन लागत 1.41 लाख रुपए आती है, जिसमें किसानों को सिर्फ 25% राशि ही स्वयं वहन करनी होती है। शेष 75% सब्सिडी में से 30% केंद्र सरकार और 45% राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है।

योजना के तहत अब तक कितने लग चुके हैं सोलर पंप

हरियाणा में यह योजना वर्ष 2018-19 से लागू है और अब तक 1.58 लाख से अधिक सोलर पंप किसानों को दिए जा चुके हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में 70,000 नए सोलर पंप लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए 600 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। ऐसी उम्मीद है कि यह कदम राज्य को सौर ऊर्जा से सिंचाई की दिशा में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

300 एकड़ में बनेगा बड़ा सोलर प्लांट

मुख्यमंत्री ने बैठक में सुझाव दिया कि पंचकूला जिले के रायवाली गांव में स्थित 220 केवी सब स्टेशन के पास गन्नी खेड़ा ग्राम पंचायत की 300 एकड़ भूमि पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाया जाए। इस प्लांट से पूरे जिले के कृषि नलकूपों को सौर ऊर्जा की आपूर्ति संभव हो सकेगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि हर जिले में हरियाणा बिजली उत्पादन निगम (HPGCL) कम से कम दो कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के लिए 5-5 एकड़ भूमि चिन्हित करे, जहां सोलर पैनल लगाकर बिजली आपूर्ति की जा सके।

सामुदायिक भवन के रूप में होगा सोलर ढांचे का उपयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन पंचायतों की ओर से सौर ऊर्जा प्लांट के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, वहां सोलर पैनल ऐसे ढांचे पर लगाए जाएं कि वह "कल्याणम मंडपम" यानी सामुदायिक भवन के रूप में भी उपयोग में आ सके। इससे इन ढांचों का बहुउद्देशीय उपयोग हो सकेगा, जहां दिन में बिजली उत्पादन होगा और शाम को सामाजिक आयोजनों के लिए उपयोग किया जा सकेगा।

मंडियों और गोदामों की छतों पर लगाएं जाएंगे सोलर पैनल

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की मंडियों के शेड्स और हरियाणा भंडारण निगम के गोदामों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इनसे उत्पन्न बिजली को कृषि कार्यों में प्राथमिकता से उपयोग किया जाएगा।

सोलर पंप खराब होने की शिकायतों पर तुरंत होगी कार्यवाही

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सोलर पंपों के खराब होने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। जिन गांवों से बार-बार शिकायतें आती हैं, वहां विशेष शिविर लगाकर व्यक्तिगत रूप से किसानों से संपर्क किया जाए। किसानों की समस्याओं का समाधान ऑन-स्पॉट करने की व्यवस्था की जाए, ताकि योजना पर उनका भरोसा बना रहे।

सोलर पंप के लिए किसान कहां करें आवेदन

PM-KUSUM योजना में आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी है। राज्य के जो किसान इस योजना के तहत अपने खेत में सोलर पंप लगवाना चाहते हैं वे किसान हरियाणा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग (HAREDA) की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। सोलर पंप की स्थापना के लिए स्थान, पानी की उपलब्धता और बिजली कनेक्शन जैसी आवश्यकताओं की जानकारी देना आवश्यक होता है।

किसानों के लिए सुनहरा मौका, योजना का लाभ उठाएं

हरियाणा सरकार की यह पहल न केवल किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएंगी, बल्कि प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी। पीएम कुसुम योजना के तहत मिलने वाले सोलर पंप न सिर्फ सिंचाई को किफायती बनाएंगे, बल्कि हर खेत तक सौर ऊर्जा पहुंचाने का सपना भी साकार करेंगे। सोलर पंप योजना किसानों की खेती की लागत को कम करके उनका मुनाफा बढ़ाने में भी सहायक होगी।

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