आलू किसानों के लिए शुरू हुई 3 नई योजनाएं, 15 लाख किसानों को मिलेगा लाभ

भाव गिरने पर मिलेगा अनुदान, कोल्ड स्टोरेज पर ₹100 प्रति क्विंटल की सहायता

उत्तर प्रदेश के आलू उत्पादक किसानों के लिए योगी सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने आलू किसानों के हित में तीन महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं। इन योजनाओं के तहत आलू का बाजार भाव गिरने पर किसानों को अनुदान दिया जाएगा। वहीं, निजी कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने पर किसानों को 100 रुपए प्रति क्विंटल की सहायता मिलेगी। इसके अलावा विभागीय आधारीय आलू बीज खरीदने वाले किसानों को 1,000 रुपए प्रति क्विंटल तक की छूट दी जाएगी।

सरकार का उद्देश्य आलू किसानों को बाजार भाव में उतार-चढ़ाव, भंडारण लागत और गुणवत्तापूर्ण बीज की लागत से राहत देना है। इन योजनाओं के पारदर्शी एवं सुगम क्रियान्वयन के लिए प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने हाल ही में लखनऊ स्थित उद्यान भवन में नया ऑनलाइन पोर्टल potato-uphorticulture.in लॉन्च किया।

₹1000 करोड़ का भाव स्थिरता कोष बनाया

आलू की बंपर पैदावार होने पर कई बार बाजार में कीमतों में गिरावट आ जाती है। इससे किसानों को अपनी उपज कम कीमत पर बेचनी पड़ती है और उत्पादन लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है। किसानों को इस स्थिति से राहत देने के लिए सरकार ने 1,000 करोड़ रुपए के भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना की है। फिलहाल इसके लिए 100 करोड़ रुपए की टोकन धनराशि का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति आलू की उत्पादन लागत निर्धारित करेगी। इसके बाद किसानों को निर्धारित उत्पादन लागत के 25 प्रतिशत या उत्पादन लागत और बिक्री दर के बीच के अंतर में से जो राशि कम होगी, उतनी अनुदान राशि दी जाएगी।

प्रति किसान 2 हेक्टेयर तक मिलेगा लाभ

भाव स्थिरता योजना के तहत एक किसान को अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए लाभ दिया जाएगा। प्रति हेक्टेयर अधिकतम 240 क्विंटल आलू पर अनुदान अनुमन्य होगा। सरकार के अनुसार इस योजना से करीब 12 से 14 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। पात्र किसानों को अनुदान की राशि आधार सीडेड डीबीडी (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसमें ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। किसान को क्रेता-विक्रेता सौदा प्रपत्र भी प्रस्तुत करना होगा। आलू की बिक्री मंडी, उपमंडी, शीतगृह परिसर या प्रक्षेत्र पर की जा सकेगी। योजना की क्रियान्वयन अवधि 1 जनवरी से 15 अप्रैल और 1 जुलाई से 31 अक्टूबर निर्धारित की गई है।

कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने पर ₹100 प्रति क्विंटल अनुदान

आलू को तत्काल बाजार में बेचने के बजाय किसान कई बार बेहतर भाव की उम्मीद में उसे कोल्ड स्टोरेज में रखते हैं। ऐसे किसानों को भंडारण खर्च से राहत देने के लिए सरकार ने कोल्ड स्टोरेज भंडारण योजना लागू की है। उत्तर प्रदेश में 2,363 निजी शीतगृहों में करीब 173.03 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारित है। किसानों पर भंडारण प्रभार का बोझ कम करने के लिए योजना के तहत 100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अनुदान दिया जाएगा। एक किसान को अधिकतम 20,000 रुपए तक का लाभ मिल सकेगा। इस योजना से 15 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके लिए भी 100 करोड़ रुपए की टोकन धनराशि का प्रावधान किया गया है।

आलू बीज पर मिलेगी ₹1,000 प्रति क्विंटल तक छूट

सरकार ने किसानों की उत्पादन लागत कम करने के लिए आलू बीज विक्रय दर में छूट योजना भी शुरू की है। इसके लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत विभागीय आधारीय आलू बीज खरीदने वाले किसानों को अधिकतम 1,000 रुपए प्रति क्विंटल तक की छूट दी जाएगी। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से 15 हजार से अधिक आलू किसानों को लाभ मिलेगा। इससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज खरीदने में मदद मिलेगी और प्रति हेक्टेयर उत्पादन लागत को कम किया जा सकेगा।

ऑनलाइन पोर्टल से होगा योजनाओं का संचालन

तीनों योजनाओं का लाभ लेने के लिए सरकार ने नया ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इसका उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाना है। किसानों को अपनी पात्रता और योजना की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन आवेदन करना होगा। खास तौर पर भाव स्थिरता योजना के लिए ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इस प्रकार योगी सरकार ने आलू किसानों की तीन प्रमुख समस्याओं– कम बाजार भाव, कोल्ड स्टोरेज का खर्च और महंगे बीज– को ध्यान में रखते हुए सहायता की व्यवस्था की है। सरकार को उम्मीद है कि इन योजनाओं से किसानों को आलू की बिक्री से लेकर भंडारण और अगली फसल की तैयारी तक आर्थिक राहत मिलेगी।

“आलू किसानों के लिए शुरू हुई 3 नई योजनाओं” के संबंध में पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब (FAQs): 

प्रश्न 1. यूपी में आलू किसानों के लिए कौन-कौन सी नई योजनाएं शुरू की गई हैं?

उत्तर: यूपी सरकार ने आलू किसानों के लिए भाव स्थिरता योजना, कोल्ड स्टोरेज भंडारण योजना और आलू बीज विक्रय दर में छूट योजना शुरू की है।

प्रश्न 2. आलू का भाव गिरने पर किसानों को कितना अनुदान मिलेगा?

उत्तर: भाव स्थिरता योजना के तहत निर्धारित उत्पादन लागत के 25 प्रतिशत या उत्पादन लागत और बिक्री दर के अंतर में से जो राशि कम होगी, उतना अनुदान दिया जाएगा।

प्रश्न 3. कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने पर कितनी सहायता मिलेगी?

उत्तर: किसानों को कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारण पर 100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अनुदान मिलेगा। एक किसान को अधिकतम 20,000 रुपए तक सहायता दी जाएगी।

प्रश्न 4. आलू बीज खरीदने पर किसानों को कितनी छूट मिलेगी?

उत्तर: विभागीय आधारीय आलू बीज खरीदने वाले किसानों को अधिकतम 1,000 रुपए प्रति क्विंटल तक की छूट दी जाएगी।

प्रश्न 5. आलू किसान योजनाओं के लिए आवेदन कैसे करें?

उत्तर: इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। किसानों को पात्रता और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन आवेदन करना होगा। भाव स्थिरता योजना के लिए ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

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