छोटे किसानों के लिए किसानक्राफ्ट की नई पेशकश, लॉन्च किए इलेक्ट्रिक इंटर-कल्टीवेटर और रीपर

90% से अधिक कम ऊर्जा लागत, रिमूवेबल बैटरी और आसान संचालन जैसी कई खास खूबियां

खेती में बढ़ती लागत और मजदूरों की कमी के बीच कृषि उपकरण बनाने वाली कंपनी किसानक्राफ्ट (KisanKraft) ने छोटे और मध्यम किसानों के लिए दो नए इलेक्ट्रिक कृषि उपकरण लॉन्च किए हैं। कंपनी ने ई-इंटर-कल्टीवेटर और ई-सेल्फ-प्रोपेल्ड रीपर को भारतीय बाजार में उतारा है। दोनों मशीनें पूरी तरह भारत में विकसित और निर्मित हैं तथा इनका उद्देश्य खेती की लागत कम करना, ईंधन पर निर्भरता घटाना और खेतों में काम को आसान बनाना है।

अगर आप खेती के लिए आधुनिक कृषि उपकरण खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले उनके फीचर्स, कीमत और उपयोगिता की तुलना जरूर करें। सही कृषि मशीन का चयन खेती की लागत कम करने के साथ-साथ उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायता करता है।

90% तक कम होगी परिचालन लागत

कंपनी के अनुसार, नई इलेक्ट्रिक मशीनें पारंपरिक पेट्रोल से चलने वाले उपकरणों की तुलना में 90 प्रतिशत से अधिक कम ऊर्जा लागत पर काम करती हैं। जहां पेट्रोल आधारित मशीनों को चलाने में लगभग 170 रुपये प्रति घंटा खर्च आता है, वहीं इन इलेक्ट्रिक मशीनों की परिचालन लागत केवल करीब 10 रुपये प्रति घंटा बताई गई है। इससे छोटे किसानों के लिए खेती को अधिक किफायती बनाया जा सकता है।

इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म पर तैयार की गई मशीनें

किसानक्राफ्ट ने बताया कि इन मशीनों को किसी पुराने पेट्रोल मॉडल को इलेक्ट्रिक में बदलकर नहीं बनाया गया है। बल्कि इन्हें शुरुआत से ही समर्पित इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म पर विकसित किया गया है। बेहतर बैटरी और मोटर तकनीक की मदद से इन मशीनों को अधिक दक्ष और टिकाऊ बनाया गया है। कंपनी के अनुसार, लॉन्च से पहले दोनों मशीनों का भारत के अलग-अलग राज्यों में विभिन्न प्रकार की मिट्टी और कृषि परिस्थितियों में 100 घंटे से अधिक परीक्षण किया गया। वहीं ई-इंटर-कल्टीवेटर को कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान (FMTTI) से भी स्वीकृति मिल चुकी है।

खरपतवार नियंत्रण और कटाई के लिए उपयोगी

ई-इंटर-कल्टीवेटर को विशेष रूप से खरपतवार नियंत्रण और अंतर-खेती (Inter Cultivation) के लिए तैयार किया गया है। इसमें 32 जे-आकार के ब्लेड दिए गए हैं और इसका वजन लगभग 150 किलोग्राम है। कंपनी का दावा है कि यह मशीन एक घंटे में लगभग एक एकड़ क्षेत्र में काम कर सकती है और एक बार फुल चार्ज होने पर करीब 3.5 घंटे तक चलती है। छोटे खेतों में आसानी से संचालन के लिए इसमें रिवर्स ड्राइव की सुविधा भी दी गई है। वहीं ई-सेल्फ-प्रोपेल्ड रीपर को धान, गेहूं, बाजरा और सोयाबीन जैसी फसलों की कटाई के लिए डिजाइन किया गया है। यह मशीन मध्यम रूप से गीले धान के खेतों में भी काम कर सकती है। कंपनी के मुताबिक, यह भी एक घंटे में लगभग एक एकड़ क्षेत्र की कटाई कर सकती है और एक बार चार्ज होने पर करीब 4 घंटे तक लगातार चलती है।

रिमूवेबल बैटरी और कम रखरखाव

दोनों मशीनों में रिमूवेबल लिथियम आयरन फॉस्फेट (LFP) बैटरी का उपयोग किया गया है, जिसे पूरी तरह चार्ज होने में लगभग 5.5 घंटे का समय लगता है। मशीनों में IP67 रेटिंग वाला मोटर और कंट्रोलर दिया गया है, जो धूल और पानी से बेहतर सुरक्षा प्रदान करता है। इन इलेक्ट्रिक उपकरणों में पेट्रोल, इंजन ऑयल, फिल्टर, कार्बोरेटर और स्पार्क प्लग जैसी चीजों की जरूरत नहीं पड़ती। इससे रखरखाव का खर्च कम होता है और मशीनें कम शोर के साथ काम करती हैं।

5,000 से अधिक डीलरों के नेटवर्क पर उपलब्ध

किसानक्राफ्ट ने बताया कि दोनों नई इलेक्ट्रिक कृषि मशीनें अब देशभर में कंपनी के 5,000 से अधिक डीलरों के नेटवर्क के माध्यम से उपलब्ध हैं। कंपनी भविष्य में इन मशीनों में मोबाइल ऐप आधारित बैटरी मॉनिटरिंग और किराये के कारोबार के लिए आईओटी (IoT) आधारित जियो-फेंसिंग जैसी स्मार्ट सुविधाएं भी जोड़ने की योजना बना रही है। कंपनी का मानना है कि बढ़ती फ्यूल लागत और आधुनिक खेती की जरूरतों को देखते हुए ये इलेक्ट्रिक कृषि मशीनें छोटे और मध्यम किसानों के लिए किफायती और उपयोगी विकल्प साबित हो सकती हैं।

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