एग्रो बिहार 2026: 395 कृषि यंत्रों की खरीद, किसानों को 1.85 करोड़ की सब्सिडी
प्रकाशित - 16 Mar 2026 by Vivek Tailang
पटना के गांधी मैदान में चार दिन चला कृषि यंत्रीकरण मेला, हजारों किसानों ने देखी नई मशीनें
पटना के गांधी मैदान में 12 मार्च से शुरू हुआ कृषि मशीनीकरण मेला एग्रो बिहार 2026 (Agro Bihar 2026) रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस मेले का आयोजन बिहार कृषि विभाग ने कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के सहयोग से किया गया था। चार दिनों तक चले इस आयोजन में न केवल बिहार बल्कि कई अन्य राज्यों से भी किसान, कृषि विशेषज्ञ और कृषि उपकरण कंपनियां शामिल हुईं। मेले के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों और नई तकनीकों की जानकारी दी गई, जिससे खेती को अधिक उत्पादक और कम खर्च वाला बनाया जा सके।
395 कृषि यंत्रों की खरीद, किसानों को मिला अनुदान
एग्रो बिहार 2026 में किसानों ने बड़ी संख्या में आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीदारी की। चार दिनों के दौरान कुल 395 कृषि यंत्रों की बिक्री दर्ज की गई। इन मशीनों की कुल कीमत लगभग 4.78 करोड़ रुपये बताई गई है। कृषि यंत्रों की खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने किसानों को 1.85 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान प्रदान किया। इस अनुदान के कारण किसानों को आधुनिक मशीनें कम कीमत पर उपलब्ध हो सकीं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि यंत्रीकरण से खेत का काम तेजी से होता है, मजदूरी पर खर्च कम होता है और समय की बचत भी होती है। कृषि विभाग के अनुसार मशीनों के इस्तेमाल से किसानों की उत्पादकता बढ़ती है और खेती अधिक लाभदायक बन सकती है। इसी उद्देश्य से सरकार लगातार किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर सब्सिडी उपलब्ध करा रही है।
मेले में पहुंचे 35 हजार से अधिक किसान
चार दिनों तक चले इस कृषि मेले में किसानों की भारी भीड़ देखने को मिली। आयोजन के दौरान 35 हजार से अधिक किसान और आम लोग मेले में पहुंचे। मेले के अंतिम दिन यानी रविवार को ही 1840 किसानों ने कार्यक्रम में भाग लिया। किसानों ने विभिन्न कंपनियों के स्टॉल पर जाकर आधुनिक मशीनों का प्रदर्शन देखा और उनके उपयोग के बारे में जानकारी प्राप्त की। कई किसानों ने मेले में ही कृषि यंत्र खरीदने का निर्णय भी लिया। मेले में ट्रैक्टर उपकरण, बीज ड्रिल, रोटावेटर, हार्वेस्टर, स्प्रे मशीन और अन्य आधुनिक कृषि उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। इससे किसानों को यह समझने का मौका मिला कि नई तकनीक से खेती को कैसे अधिक आसान और प्रभावी बनाया जा सकता है।
खेती को आधुनिक बनाने पर जोर
समापन समारोह के दौरान बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि एग्रो बिहार मेला सिर्फ मशीनों की प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि किसानों के लिए सीखने और नई तकनीक समझने का एक महत्वपूर्ण मंच भी है। उन्होंने कहा कि आज के समय में खेती को आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक और मशीनों का उपयोग बेहद जरूरी है। मशीनों से खेती करने पर समय की बचत होती है और उत्पादन भी बेहतर होता है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। इनमें कृषि रोडमैप, बेहतर सिंचाई व्यवस्था, उन्नत बीज, बागवानी विकास और कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने जैसी पहल शामिल हैं।
पूर्वी भारत का सबसे बड़ा कृषि यंत्रीकरण मेला
कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने बताया कि एग्रो बिहार मेला पूर्वी भारत का सबसे बड़ा कृषि यंत्रीकरण मेला माना जाता है। यह मेला वर्ष 2011 से लगातार आयोजित किया जा रहा है। इस मेले का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और नए कृषि उपकरणों के बारे में जानकारी देना है, ताकि खेती को आसान, तेज और कम लागत वाला बनाया जा सके। मेले में खेती से जुड़े कई विभागों ने भी अपने स्टॉल लगाए। इनमें खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन, गव्य विकास, गन्ना उद्योग, उद्योग विभाग और सहकारिता विभाग शामिल थे। इन स्टॉलों पर किसानों को सरकारी योजनाओं और कृषि से जुड़े नए अवसरों की जानकारी दी गई।
बिरला टायर्स को मिला पहला पुरस्कार
समापन समारोह के दौरान मेले में भाग लेने वाली कंपनियों और अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बिरला टायर्स को प्रथम पुरस्कार दिया गया। दूसरा पुरस्कार हैवेल्स इंडिया को मिला, जबकि तीसरा पुरस्कार शक्तिमान एग्रीकल्चरल इक्विपमेंट को प्रदान किया गया।
किसानों के लिए उपयोगी साबित हुआ मेला
कुल मिलाकर एग्रो बिहार 2026 किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ। इस मेले के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों और नई तकनीकों के बारे में जानकारी मिली। साथ ही कई किसानों ने आधुनिक मशीनें खरीदकर अपनी खेती को अधिक आधुनिक और लाभदायक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया।
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