नई सरसों की आवक और खाद्य तेल बाजार के रुख के बीच सरसों भाव में तेजी की उम्मीद
प्रकाशित - 11 Sep 2026
by Vivek Tailang
सरसों में खुल सकता है बड़ी तेजी का रास्ता, मंडी से विदेशी बाजार तक मिल रहे ये संकेत, जानें सरसों मंडी भाव
सरसों बाजार में एक बार फिर तेजी की चर्चा तेज हो गई है। 11 सितंबर के उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार देश की प्रमुख मंडियों में सरसों के भाव करीब 7,900 से 8,575 रुपए प्रति क्विंटल तक दिखाई दे रहे हैं। वहीं सरसों तेल और सरसों खली के भाव में भी बाजार की स्थिति पर नजर बनी हुई है। दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों के साथ क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी से सरसों बाजार को भी सपोर्ट मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
प्रमुख मंडियों में सरसों के क्या चल रहे हैं भाव
उपलब्ध मंडी आंकड़ों के अनुसार जयपुर मंडी में सरसों का भाव 8,425 रुपए प्रति क्विंटल, भरतपुर में 7,950 रुपए और दिल्ली में 8,300 रुपए प्रति क्विंटल बताया गया है। इसके अलावा पचौरी मंडी में 8,575 रुपए, नागौर में 8,570 रुपए और टोंक में 7,925 रुपए प्रति क्विंटल का भाव दर्ज किया गया।
| राज्य | मंडी | अधिकतम भाव |
|---|---|---|
| राजस्थान | जयपुर | ₹8,425 |
| राजस्थान | भरतपुर | ₹7,950 |
| राजस्थान | नागौर | ₹8,570 |
| राजस्थान | टोंक | ₹7,925 |
| दिल्ली | दिल्ली | ₹8,300 |
मंडी भावों के साथ सरसों प्लांट भाव भी बाजार की मजबूती का संकेत दे रहे हैं। रिपोर्ट में सलोनी प्लांट के शाहजहांपुर और अलवर में भाव 9,100 रुपए, इटावा में 9,050 रुपए और कोटा में 9,075 रुपए प्रति क्विंटल बताए गए हैं। इससे बाजार में सरसों की खरीद को लेकर कंपनियों की रुचि का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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सरसों में तेजी के पीछे क्रूड ऑयल क्यों है अहम
सरसों बाजार के लिए इस समय सबसे बड़ा बाहरी संकेत वैश्विक क्रूड ऑयल बाजार से मिल रहा है। 11 सितंबर को ब्रेंट क्रूड करीब 108-109 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर आपूर्ति बाधित होने की आशंका से इस सप्ताह क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल आया है। महंगे क्रूड ऑयल का असर खाद्य तेल बाजार पर भी पड़ सकता है। जब पेट्रोलियम आधारित उत्पाद और ऊर्जा लागत बढ़ती है तो बायोडीजल जैसे वैकल्पिक ईंधन से जुड़े खाद्य तेलों की मांग और बाजार धारणा प्रभावित हो सकती है। ऐसे में सोयाबीन, पाम ऑयल, कैनोला और रेपसीड जैसे तेलों के साथ सरसों तेल बाजार पर भी इसका अप्रत्यक्ष असर देखने को मिल सकता है।
ग्लोबल ट्रेड में सरसों और कैनोला की क्या स्थिति है
वैश्विक बाजार में कनाडा सरसों बीज और कैनोला का प्रमुख कारोबारी देश है। कनाडा सरकार के अगस्त 2026 के अनुमान के मुताबिक 2026-27 में कनाडा से सरसों बीज का निर्यात करीब 95 हजार टन रहने का अनुमान है। अमेरिका और यूरोपीय संघ इसके प्रमुख बाजार हैं। हालांकि इस सीजन कनाडा में सरसों का उत्पादन करीब 130 हजार टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल से कम है। इससे वैश्विक सरसों आपूर्ति पर भी नजर बनी हुई है। वहीं कैनोला बाजार में कनाडा का 2026-27 निर्यात अनुमान करीब 80 लाख टन है, जबकि घरेलू उपयोग करीब 1.4 करोड़ टन रहने का अनुमान है। कनाडा सरकार ने कैनोला की घरेलू क्रशिंग और औद्योगिक मांग में मजबूती को भी महत्वपूर्ण कारक बताया है।
खाद्य तेल बाजार से भी मिल रहा है सपोर्ट
रिपोर्ट में विदेशी बाजार में पाम ऑयल और सोयाबीन बाजार में तेजी के संकेत दिखाए गए हैं। ऐसे में यदि अंतरराष्ट्रीय खाद्य तेल बाजार मजबूत रहता है तो घरेलू सरसों तेल की कीमतों को भी सहारा मिल सकता है। इसका असर आगे चलकर सरसों की क्रशिंग मांग और मंडी खरीद पर दिखाई दे सकता है। हालांकि बाजार में तेजी केवल विदेशी संकेतों पर निर्भर नहीं करेगी। घरेलू सरसों की आवक, स्टॉक, तेल मिलों की खरीद, त्योहारी मांग और आयातित खाद्य तेलों के भाव भी महत्वपूर्ण रहेंगे।
सरसों को लेकर आगे क्या रहेगा बाजार का रुख
उपलब्ध आंकड़ों में कई मंडियों में सरसों का भाव 8,500 रुपए के आसपास या उससे ऊपर दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट में 8,500 रुपए के स्तर को भी महत्वपूर्ण माना गया है। यदि मंडियों में आवक के बीच खरीदारी मजबूत रहती है और अंतरराष्ट्रीय खाद्य तेल बाजार तथा क्रूड ऑयल में तेजी बनी रहती है तो सरसों को आगे भी सपोर्ट मिल सकता है। लेकिन किसानों और व्यापारियों को केवल एक दिन की तेजी देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। मंडी आवक, सरसों तेल की मांग, प्लांट भाव और विदेशी खाद्य तेल बाजार- इन चारों संकेतों को साथ देखकर ही आगे की दिशा समझना बेहतर रहेगा। फिलहाल सरसों बाजार में तेजी के पक्ष में घरेलू मंडी भाव, प्लांट खरीद और वैश्विक खाद्य तेल बाजार से कुछ सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। हालांकि आगे की तेजी कितनी मजबूत होगी, यह आने वाले दिनों में आवक और मांग के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल पर निर्भर करेगा।
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