कपास किसानों के लिए खुशखबरी: सीसीआई ने फ्लोर प्राइस में 1,300 रुपये की बढ़ोतरी की
प्रकाशित - 01 Apr 2026 by Vivek Tailang
वैश्विक तेजी और मजबूत मांग का असर, एमएसपी से ऊपर चल रहे भाव, बुवाई बढ़ने के संकेत
कपास किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) (Cotton Corporation of India (CCI)) ने वैश्विक बाजार में मजबूती और घरेलू मांग में तेजी को देखते हुए 2025-26 सीजन के लिए कपास के फ्लोर प्राइस में 1,300 रुपये प्रति कैंडी की बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले से किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद बढ़ गई है और आने वाले सीजन में बुवाई को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
बताया जा रहा है कि मार्च महीने की शुरुआत से अब तक CCI ने 356 किलोग्राम की प्रति कैंडी पर कुल 3,200 रुपये तक की कीमत वृद्धि की है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर की गई है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कपास की कीमतों में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है।
वैश्विक बाजार में तेजी का असर
दुनियाभर में कपास की कीमतें पिछले कुछ समय से मजबूत बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार में भी तेजी का रुख देखने को मिला है। आंकड़ों के मुताबिक, मार्च के पहले सप्ताह से अब तक कपास वायदा कीमतों में करीब 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मई डिलीवरी के लिए कपास वायदा 70.12 सेंट प्रति पाउंड के पार पहुंच चुका है, जबकि जुलाई डिलीवरी के लिए यह करीब 73.28 सेंट प्रति पाउंड के आसपास कारोबार कर रहा है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती कीमतों का सीधा असर घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है, जिससे किसानों को बेहतर भाव मिलने की संभावना बढ़ गई है।
घरेलू बाजार में एमएसपी (MSP) से ऊपर भाव
देश के कई प्रमुख मंडियों में कपास की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से ऊपर चल रही हैं। वर्तमान में कच्चे कपास का MSP 8,110 रुपये प्रति क्विंटल तय है, जबकि बाजार में इसके भाव 8,400 से 8,700 रुपये प्रति क्विंटल के बीच देखे जा रहे हैं। कर्नाटक के रायचूर में कपास की कीमतें 8,500 से 8,600 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बनी हुई हैं, जबकि अडोनी मंडी में यह 8,500 से 8,700 रुपये के बीच कारोबार कर रही हैं। इसी तरह महाराष्ट्र और गुजरात के कई क्षेत्रों में भी कपास के भाव MSP से ऊपर बने हुए हैं।
आगे और तेजी के संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि कपास की कीमतों में आगे भी तेजी जारी रह सकती है। रायचूर के एक सोर्सिंग एजेंट रामानुज दास बूब के अनुसार, “लंबे समय तक MSP से नीचे रहने के बाद अब कपास के भाव ऊपर आ गए हैं। हालिया बढ़ोतरी के बाद कीमतें 8,800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच सकती हैं।” यह स्थिति किसानों के लिए बेहद सकारात्मक मानी जा रही है, क्योंकि इससे उन्हें बेहतर मुनाफा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, आने वाले खरीफ सीजन में कपास की बुवाई बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
बाजार में बढ़ी कपास की खरीदारी
कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद CCI की ओर से बाजार में सक्रियता बनी हुई है। कपास व्यापारियों और मिल मालिकों की खरीदारी में भी तेजी आई है। सोमवार को CCI ने लगभग 3 लाख गांठ कपास की बिक्री की। सूत्रों के अनुसार, अच्छी गुणवत्ता वाली कपास के लिए खरीदारों ने प्रीमियम कीमत भी चुकाई है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है और आगे भी यह रुझान जारी रह सकता है।
कपास के फ्लोर प्राइस में बढ़ोतरी से किसानों को क्या लाभ
कपास के फ्लोर प्राइस में बढ़ोतरी और बाजार में मजबूत मांग किसानों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इससे उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकता है और उनकी आय में सुधार होने की संभावना है। इसके अलावा, जब बाजार में कीमतें एमएसपी (MSP) से ऊपर रहती हैं, तो किसानों का भरोसा बढ़ता है और वे अगले सीजन में अधिक क्षेत्र में बुवाई करने के लिए प्रेरित होते हैं। इस तरह यह फैसला न केवल वर्तमान सीजन के लिए बल्कि आने वाले कृषि चक्र के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। कुल मिलाकर, CCI का यह कदम कपास किसानों के लिए राहत और उम्मीद दोनों लेकर आया है, जिससे कृषि क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बनने की संभावना है।
कपास फ्लोर प्राइस से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब (FAQ)
प्रश्न 1. CCI ने कपास के फ्लोर प्राइस में कितनी बढ़ोतरी की है?
उत्तर: CCI ने 2025-26 सीजन के लिए कपास के फ्लोर प्राइस में 1,300 रुपये प्रति कैंडी की बढ़ोतरी की है।
प्रश्न 2. एक कैंडी में कितना कपास होता है?
उत्तर: एक कैंडी में लगभग 356 किलोग्राम कपास होता है, इसी आधार पर कीमत तय की जाती है।
प्रश्न 3. अभी कपास का MSP कितना है?
उत्तर: वर्तमान में कच्चे कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 8,110 रुपये प्रति क्विंटल है।
प्रश्न 4. क्या बाजार में कपास के भाव MSP से ऊपर चल रहे हैं?
उत्तर: हां, कई प्रमुख मंडियों में कपास के भाव MSP से ऊपर 8,400 से 8,700 रुपये प्रति क्विंटल के बीच चल रहे हैं।
प्रश्न 5. कपास की कीमतों में तेजी क्यों आ रही है?
उत्तर: वैश्विक बाजार में कीमतों में मजबूती और घरेलू मांग बढ़ने के कारण कपास के भाव में तेजी देखी जा रही है।
प्रश्न 6. क्या आगे भी कपास के दाम बढ़ सकते हैं?
उत्तर: विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतें आगे बढ़कर 8,800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच सकती हैं, जिससे किसानों को और फायदा हो सकता है।
प्रश्न 7. इस फैसले से किसानों को क्या फायदा होगा?
उत्तर: फ्लोर प्राइस बढ़ने और बाजार में अच्छे भाव मिलने से किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी।
प्रश्न 8. क्या इससे कपास की बुवाई पर असर पड़ेगा?
उत्तर: हां, बेहतर कीमतों के संकेत मिलने से किसानों को अगले खरीफ सीजन में कपास की बुवाई बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
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