पशुओं के लिए सस्ता हरा चारा तैयार करने की दो आसान तकनीकें, हाइड्रोपोनिक्स और अजोला से घटेगा खर्च
प्रकाशित - 03 Nov 2026 by Vivek Tailang
जानें बिना खेत के हाइड्रोपोनिक चारा उगाने और अजोला उत्पादन का तरीका, पशुपालक कम लागत में कर सकेंगे हरे चारे की व्यवस्था
पशुओं के लिए हरे चारे की उपलब्धता बनाए रखना पशुपालकों के सामने बड़ी चुनौती है। खासकर सूखे और पानी की कमी वाले इलाकों में चारा उगाना और खरीदना महंगा पड़ता है। ऐसे में पशुपालक हाइड्रोपोनिक्स और अजोला जैसी तकनीकों को अपनाकर कम जगह में पौष्टिक हरे चारे की व्यवस्था कर सकते हैं। इन तरीकों की खासियत यह है कि हाइड्रोपोनिक्स में बिना मिट्टी के चारा उगाया जा सकता है, जबकि अजोला को छोटे पानी के टैंक या क्यारी में तैयार किया जा सकता है।
दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने भी चारे की कमी दूर करने के लिए हाइड्रोपोनिक और अजोला उत्पादन को बढ़ावा देने का फैसला किया है। पशुपालकों को चारा उत्पादन, संरक्षण और प्रसंस्करण का प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इन दोनों तकनीकों से पशुओं के लिए चारा कैसे तैयार किया जा सकता है।
हाइड्रोपोनिक्स से 7 दिन में तैयार करें हरा चारा
हाइड्रोपोनिक्स ऐसी तकनीक है, जिसमें मिट्टी के बिना केवल पानी की मदद से पौधों को उगाया जाता है। पशुपालक इसके लिए मक्का, जौ, गेहूं या ज्वार के अच्छे बीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें बीज अंकुरित होकर लगभग 7 से 8 दिनों में हरे चारे के रूप में तैयार हो जाते हैं।
हाइड्रोपोनिक चारा तैयार करने का तरीका
- सबसे पहले अच्छी गुणवत्ता वाले मक्का या जौ के बीज लें। टूटे, खराब और फफूंद लगे बीजों का इस्तेमाल न करें।
- बीजों को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर मिट्टी और कचरा निकाल दें।
- इसके बाद बीजों को करीब 8-12 घंटे या बीज की प्रकृति के अनुसार पानी में भिगो दें।
- पानी निकालकर बीजों को साफ प्लास्टिक ट्रे में फैलाएं। ट्रे में पानी निकलने के लिए छेद होने चाहिए।
- ट्रे को रैक में रखकर नियमित अंतराल पर पानी का छिड़काव करें। बीजों को नम रखें, लेकिन पानी जमा न होने दें।
- लगभग 7-8 दिनों में बीजों की जड़, तना और पत्तियों से चारे की चटाई तैयार हो जाएगी। इसे छोटे टुकड़ों में काटकर पशुओं को खिलाएं।
ICAR के अनुसार, 46×83 सेंटीमीटर की एक ट्रे में 1 से 1.25 किलो बीज डालने पर लगभग 5.5 से 7.5 किलो हरा चारा तैयार हो सकता है। हालांकि, उत्पादन बीज की गुणवत्ता और वातावरण पर निर्भर करता है।
अजोला से तैयार करें पौष्टिक पशु आहार
अजोला पानी में तैरने वाला एक छोटा जलीय फर्न है, जिसे पशुओं के लिए प्रोटीनयुक्त पूरक आहार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसमें प्रोटीन के साथ विटामिन और खनिज तत्व भी पाए जाते हैं। ICAR के अनुसार, अजोला में 23 प्रतिशत से अधिक कच्चा प्रोटीन पाया जा सकता है।
अजोला उगाने का आसान तरीका
- सबसे पहले घर या पशुशाला के पास छायादार जगह पर छोटा गड्ढा या टैंक तैयार करें। इसमें PVC लाइनिंग या मजबूत प्लास्टिक शीट का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- टैंक में साफ पानी भरें। वर्षा जल का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
- इसमें अच्छी गुणवत्ता वाला अजोला कल्चर डालें। इसे कृषि विज्ञान केंद्र या विश्वसनीय कृषि संस्थान से प्राप्त करें।
- टैंक को मच्छरदानी से ढक दें, ताकि पत्तियां और अन्य गंदगी पानी में न गिरें।
- अजोला की नियमित बढ़वार पर नजर रखें और तैयार होने पर जालीदार बर्तन से इसकी कटाई करें।
- निकाले गए अजोला को साफ पानी से धोकर पशुओं को दें। शुरुआत में इसे पशुओं के सामान्य दाने के साथ मिलाकर थोड़ी मात्रा में खिलाएं।
ICAR के एक अध्ययन में वर्षा जल से तैयार अजोला के टैंक में करीब 10 दिनों में अच्छी बढ़वार देखी गई और एक टैंक से प्रतिदिन लगभग एक किलो ताजा अजोला प्राप्त हुआ।
पशुपालकों को क्या होंगे फायदे
हाइड्रोपोनिक्स तकनीक से कम जमीन और कम समय में हरा चारा तैयार किया जा सकता है। इससे पानी की बचत होती है और मौसम पर निर्भरता भी कम होती है। वहीं, अजोला कम जगह में तैयार होने वाला प्रोटीनयुक्त पूरक आहार है। इससे पशुओं के आहार में पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। ICAR के एक अध्ययन में गायों को प्रतिदिन एक किलो ताजा अजोला खिलाने पर औसत दूध उत्पादन में लगभग 0.6 लीटर प्रतिदिन की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, इसका परिणाम पशु की नस्ल, स्वास्थ्य और पूरे आहार पर निर्भर करता है।
चारा खिलाते समय रखें इन बातों का ध्यान
पशुपालकों को हाइड्रोपोनिक चारा तैयार करते समय ट्रे और पानी की नियमित सफाई करनी चाहिए। फफूंद लगे या बदबूदार चारे को पशुओं को नहीं खिलाना चाहिए। इसी तरह अजोला के टैंक में साफ पानी रखें और दूषित कल्चर का इस्तेमाल न करें। दोनों प्रकार के चारे को पशुओं के संतुलित आहार के पूरक के रूप में दें, न कि सूखे चारे और सामान्य दाने के पूर्ण विकल्प के रूप में।
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