बकरी पालन: हरे चारे के साथ खिलाएं इन पेड़ों की पत्तियां, बढ़ेगा बकरियों का दूध उत्पादन
प्रकाशित - 11 Aug 2026 by Vivek Tailang
जानिए किन पेड़ों की पत्तियां बकरियों के लिए सबसे फायदेमंद हैं और क्या है इन्हें खिलाने का सही तरीका
बकरी पालन में बेहतर मुनाफा तभी संभव है, जब पशुओं को संतुलित और पौष्टिक आहार मिले। अधिकांश पशुपालक चाहते हैं कि बकरियां अधिक दूध दें, समय पर बच्चे पैदा करें और बकरों की ग्रोथ तेजी से हो। इसके लिए केवल हरा चारा खिलाना ही पर्याप्त नहीं है। बकरी पालन विशेषज्ञों का कहना है कि हरे चारे के साथ कुछ खास पेड़ों की पत्तियां भी आहार में शामिल की जाएं तो इससे बकरियों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है, बीमारियों का खतरा कम होता है और दूध व मीट उत्पादन में भी सकारात्मक असर देखने को मिलता है।
केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (सीआईआरजी), मथुरा की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नीतिका शर्मा के अनुसार कई बार बकरियों में छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याएं और पेट में परजीवी (कीड़े) होने के कारण उनकी ग्रोथ प्रभावित होती है। ऐसे में ऐसा चारा देना जरूरी है, जो केवल पेट भरने का काम न करे बल्कि पशुओं के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए।
बरसात में पेड़ों की पत्तियां क्यों हैं फायदेमंद
विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश के मौसम में फसली हरे चारे में नमी की मात्रा काफी अधिक होती है। अधिक नमी वाला चारा खाने से बकरियों में दस्त (डायरिया) और पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसके विपरीत पेड़ों की पत्तियों में नमी अपेक्षाकृत कम होती है, इसलिए वे बरसात के मौसम में अधिक सुरक्षित और लाभकारी मानी जाती हैं। इतना ही नहीं, कई पेड़ों की पत्तियों में प्राकृतिक रूप से प्रोटीन और टेनिन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बकरियों के पाचन तंत्र को मजबूत बनाने और पेट के कीड़ों की समस्या को कम करने में मदद करते हैं।
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इन पेड़ों की पत्तियां जरूर खिलाएं
बकरी पालन विशेषज्ञ नीम, अमरूद और मोरिंगा (सहजन) की पत्तियां नियमित रूप से खिलाने की सलाह देते हैं। इन पत्तियों में पोषक तत्वों की अच्छी मात्रा होती है और ये प्राकृतिक रूप से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मदद करती हैं। यदि ये पत्तियां आसानी से उपलब्ध न हों, तो गूलर और अरडू (अर्डू) के पत्ते भी अच्छे विकल्प हो सकते हैं। वहीं, मोरिंगा का मुलायम तना भी बकरियां आसानी से खा लेती हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त पोषण मिलता है।
पेट के कीड़ों से बचाव में मिलती है मदद
बरसात के मौसम में दूषित पानी पीने और गीले वातावरण के कारण बकरियों के पेट में कीड़े होने की आशंका बढ़ जाती है। यह समस्या उनकी भूख, वजन और ग्रोथ पर सीधा असर डालती है। कई बार पशु भरपेट चारा खाने के बावजूद वजन नहीं बढ़ा पाते। विशेषज्ञों का कहना है कि नीम, अमरूद और मोरिंगा जैसी पत्तियों में मौजूद प्राकृतिक तत्व पेट के कीड़ों के खतरे को कम करने में सहायक हो सकते हैं। हालांकि, यदि संक्रमण अधिक हो तो पशु चिकित्सक की सलाह लेकर उचित दवा भी जरूर दिलानी चाहिए।
ऐसे खिलाएं पत्तियां, मिलेगा ज्यादा फायदा
बकरियां जमीन पर पड़ा चारा खाने की तुलना में पेड़ की डालियों से पत्तियां तोड़कर खाना ज्यादा पसंद करती हैं। इसलिए यदि संभव हो तो पत्तियों को डालियों सहित पशुओं के सामने रखें। इससे वे अधिक रुचि से चारा खाती हैं और आहार की बर्बादी भी कम होती है। विशेषज्ञों के अनुसार डालियों से पत्तियां खाने की प्राकृतिक आदत के कारण बकरियां पर्याप्त मात्रा में चारा खा लेती हैं, जिससे उनकी ग्रोथ और उत्पादन क्षमता बेहतर होती है।
सिर्फ पत्तियों पर न रखें निर्भरता
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि बकरियों के आहार में केवल पेड़ों की पत्तियां ही शामिल न करें। हरा चारा, सूखा चारा, खनिज मिश्रण और स्वच्छ पानी के साथ संतुलित आहार देना जरूरी है। साथ ही मौसम और पशु की उम्र के अनुसार आहार में बदलाव भी करना चाहिए।
आहार का संयोजना जरूरी
बकरी पालन में सही पोषण, समय पर टीकाकरण, नियमित कृमिनाशक दवा और संतुलित आहार का संयोजन ही बेहतर दूध उत्पादन, तेज ग्रोथ और स्वस्थ पशुधन की कुंजी माना जाता है। ऐसे में हरे चारे के साथ पोषक पेड़ों की पत्तियों को शामिल करना पशुपालकों के लिए एक आसान और कम लागत वाला उपाय साबित हो सकता है।
“बकरियों का दूध और मीट उत्पादन” बढ़ाने के संबंध में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब (FAQ):
प्रश्न 1. बकरियों को हरे चारे के साथ कौन-कौन सी पत्तियां खिलानी चाहिए?
उत्तर: बकरियों को हरे चारे के साथ नीम, अमरूद और मोरिंगा (सहजन) की पत्तियां खिलाना फायदेमंद माना जाता है। इनके अलावा गूलर और अरडू की पत्तियां भी विकल्प के तौर पर दी जा सकती हैं।
प्रश्न 2. क्या पेड़ों की पत्तियां खिलाने से बकरियों का दूध और मीट उत्पादन बढ़ता है?
उत्तर: हां, संतुलित आहार के हिस्से के रूप में पौष्टिक पेड़ों की पत्तियां खिलाने से बकरियों की सेहत और ग्रोथ बेहतर हो सकती है। इससे दूध उत्पादन और बकरों के वजन बढ़ने में मदद मिल सकती है।
प्रश्न 3. बरसात के मौसम में बकरियों को पेड़ों की पत्तियां खिलाना क्यों फायदेमंद होता है?
उत्तर: बरसात में फसली हरे चारे में नमी अधिक होती है, जिससे बकरियों में डायरिया जैसी समस्या का खतरा बढ़ सकता है। पेड़ों की पत्तियों में नमी कम होने के साथ पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, इसलिए यह मौसम में उपयोगी मानी जाती हैं।
प्रश्न 4. बकरियों को नीम, अमरूद और मोरिंगा की पत्तियां कैसे खिलानी चाहिए?
उत्तर: बकरियां डालियों से पत्तियां तोड़कर खाना ज्यादा पसंद करती हैं। इसलिए संभव हो तो पत्तियों को छोटी डालियों सहित खिलाया जा सकता है। हालांकि, आहार में संतुलन बनाए रखना जरूरी है और केवल पत्तियों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
प्रश्न 5. क्या सिर्फ पेड़ों की पत्तियां खिलाने से बकरियों की ग्रोथ तेज हो सकती है?
उत्तर: नहीं, बेहतर ग्रोथ के लिए हरा चारा, सूखा चारा, मिनरल मिक्सचर, साफ पानी, टीकाकरण और समय-समय पर कृमिनाशक दवा भी जरूरी है। पेड़ों की पत्तियां संतुलित आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती हैं।
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