हरियाणा में इस तारीख से शुरू होगी गेहूं खरीद, 416 मंडियों में रहेगी पूरी व्यवस्था

Share Product प्रकाशित - 17 Mar 2026 by Vivek Tailang

हरियाणा में इस तारीख से शुरू होगी गेहूं खरीद, 416 मंडियों में रहेगी पूरी व्यवस्था

ई-खरीद पोर्टल अपग्रेड, जियो-फेंसिंग और डिजिटल निगरानी से पारदर्शी होगी पूरी प्रक्रिया

हरियाणा के गेहूं किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने रबी सीजन 2026–27 के तहत गेहूं की सरकारी खरीद की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए राज्यभर में सैकड़ों मंडियों और खरीद केंद्रों की व्यवस्था की गई है, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो। 

416 मंडियां और खरीद केंद्र बनाए

खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता के अनुसार भारत सरकार के निर्देशों के तहत राज्य में कुल 416 मंडियां और खरीद केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर अलग-अलग सरकारी एजेंसियां मिलकर गेहूं की खरीद करेंगी। इनमें खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग, हैफेड, हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन और भारतीय खाद्य निगम (FCI) शामिल हैं। इन एजेंसियों का उद्देश्य किसानों से गेहूं की खरीद को सुचारु और पारदर्शी तरीके से पूरा करना है। 

ई-खरीद (e-Kharid) पोर्टल को अपग्रेड

इस बार राज्य सरकार ने खरीद प्रक्रिया को पहले से अधिक बेहतर बनाने पर खास जोर दिया है। इसके तहत ई-खरीद (e-Kharid) पोर्टल को अपग्रेड किया गया है, जिसमें कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इससे किसानों को रजिस्ट्रेशन से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया आसान होगी और पूरी व्यवस्था ज्यादा पारदर्शी बन सकेगी। 

मंडियों में आने वाले वाहनों की डिजिटल निगरानी

खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री राजेश नागर ने बताया कि इस बार मंडियों में आने वाले वाहनों की निगरानी भी डिजिटल तरीके से की जाएगी। जब किसान अपनी गेहूं की फसल लेकर मंडी में आएंगे, तो उनके वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ फोटो कैप्चर की जाएगी। यदि किसी वाहन पर रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं होगा, तो उसे मंडी के आवक गेट से अंदर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी और गेट पास भी जारी नहीं किया जाएगा। 

मंडियों और खरीद केंद्रों को जियो-फेंसिंग से जोड़ा

इसके अलावा सरकार ने मंडियों और खरीद केंद्रों को जियो-फेंसिंग तकनीक से भी जोड़ा है। इसका मतलब यह है कि खरीद प्रक्रिया से जुड़े सभी जरूरी काम, जैसे गेट पास जारी होना, बोली लगना और आई-फॉर्म बनना, केवल मंडी या खरीद केंद्र के परिसर के भीतर ही किए जा सकेंगे। इससे गड़बड़ी की संभावना कम होगी और पूरी प्रक्रिया पर निगरानी आसान होगी। 

इस बार क्या है गेहूं का एमएसपी

अब बात किसानों के लिए सबसे अहम मुद्दे की करें तो सरकार द्वारा गेहूं की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाएगी। केंद्र सरकार ने रबी विपणन सीजन 2026–27 के लिए गेहूं का MSP लगभग 2275 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। ऐसे में किसानों को अपनी फसल का तय दाम मिलने की गारंटी रहेगी, जिससे उन्हें बाजार के उतार-चढ़ाव का ज्यादा असर नहीं झेलना पड़ेगा। 

किसानों को साथ रखने होंगे ये दस्तावेज

मंडी में गेहूं बेचने के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज साथ रखने होंगे। इनमें परिवार पहचान पत्र (PPP), आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और फसल पंजीकरण से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। इसके अलावा ई-खरीद पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होना भी जरूरी है, ताकि खरीद और भुगतान की प्रक्रिया में किसी प्रकार की दिक्कत न आए। 

एमएसपी पर गेहूं बेचने के लिए किसान क्या करें

  • गेहूं बेचने से पहले e-Kharid पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूर कर लें।
  • मंडी जाने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखें।
  • वाहन पर नंबर प्लेट सही तरीके से लगी हो।
  • तय तिथि पर ही मंडी में फसल लेकर जाएं।
  • खरीद के बाद भुगतान की स्थिति ऑनलाइन जरूर चेक करें। 

किसानों को मिलेगा सीधा फायदा, समय पर भुगतान 

हरियाणा सरकार का कहना है कि इन व्यवस्थाओं से किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। उन्हें अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी और भुगतान भी समय पर किया जाएगा। राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिले। सरकार की इन तैयारियों को देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार हरियाणा में गेहूं खरीद प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुचारु और पारदर्शी रहेगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

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