साप्ताहिक कृषि समाचार: किसानों के लिए इस सप्ताह के 5 बड़े अपडेट

कार्बन क्रेडिट से किसानों को भुगतान, तेलंगाना में अल नीनो का संकट, सिवनी जम्बो सीताफल को वैश्विक बाजार से जोड़ने की तैयारी सहित किसानों के लिए इस सप्ताह के 5 बड़े अपडेट

सितंबर के इस सप्ताह में खेती-किसानी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण खबरें सामने आईं। एक तरफ पंजाब और हरियाणा के किसानों को टिकाऊ खेती के लिए कार्बन क्रेडिट का भुगतान शुरू हुआ, तो दूसरी ओर तेलंगाना में कम बारिश और अल नीनो के असर को देखते हुए केंद्र से 20 हजार करोड़ रुपए के विशेष राहत पैकेज की मांग की गई। मध्य प्रदेश के सिवनी के जम्बो सीताफल को देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाने की तैयारी हो रही है। वहीं उत्तर प्रदेश में बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के फसल नुकसान का सर्वे उनकी मौजूदगी में कराने के निर्देश दिए गए हैं। दक्षिणी राज्यों की नकदी फसलों को एफटीए के जरिए वैश्विक बाजार से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है।

1. किसानों को कार्बन क्रेडिट से मिली नई कमाई

पंजाब और हरियाणा के 2,550 किसानों के लिए कृषि कार्बन क्रेडिट के बदले प्रत्यक्ष डिजिटल भुगतान शुरू किया गया है। टिकाऊ और जलवायु अनुकूल खेती अपनाने वाले किसानों को पहले चरण में करीब 3,000 से 15,000 रुपए तक का भुगतान मिला है। इसमें सीधे धान की बुवाई, कम जुताई, फसल अवशेष प्रबंधन, मिट्टी की सेहत सुधारने और पानी के बेहतर इस्तेमाल जैसी कृषि पद्धतियां शामिल हैं। जानकारी के अनुसार यह कार्बन कार्यक्रम अब 7 राज्यों में 20 लाख एकड़ से अधिक कृषि भूमि और 1 लाख से ज्यादा किसानों तक पहुंच चुका है। किसानों को उनके खेतों से तैयार कार्बन क्रेडिट के आधार पर भुगतान किया जाता है। इससे टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों के लिए अतिरिक्त आय का रास्ता भी तैयार हो रहा है।

2. अल नीनो से खेती पर संकट, तेलंगाना ने मांगी 20 हजार करोड़ की मदद

तेलंगाना में कम बारिश और पानी की कमी को देखते हुए विधानसभा ने केंद्र सरकार से 20,000 करोड़ रुपए के विशेष राहत पैकेज की मांग की है। राज्य सरकार के अनुसार 1 जून से 16 सितंबर के बीच सामान्य 664.5 मिमी बारिश के मुकाबले इस बार 536.6 मिमी बारिश हुई। राज्य के 33 में से 19 जिलों में बारिश की कमी दर्ज की गई। कम बारिश का असर खेती के रकबे और जलाशयों पर भी पड़ा है। सामान्य खरीफ रकबे 139.29 लाख एकड़ के मुकाबले इस बार करीब 88 प्रतिशत क्षेत्र में ही खेती हो पाई। 15 सितंबर तक प्रमुख जलाशयों में करीब 241 टीएमसी पानी था, जबकि पिछले साल इसी समय यह आंकड़ा करीब 497 टीएमसी था। ऐसे में रबी फसलों के लिए सिंचाई पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ी है।

3. सिवनी जम्बो सीताफल की देश-विदेश में बढ़ेगी पहुंच

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के GI टैग प्राप्त जम्बो सीताफल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। ‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान के तहत किसानों का सर्वे और पंजीयन अंतिम चरण में है। इसके बाद बाजार, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और निर्यात की संभावनाओं पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस पहल के तहत सीताफल की पूरी वैल्यू चेन विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। किसानों को केवल ताजा फल बेचने के बजाय प्रसंस्कृत और मूल्यवर्धित उत्पादों के जरिए भी बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की तैयारी है। इससे स्थानीय स्तर पर एफपीओ, प्रसंस्करण इकाइयों और नए कारोबार के अवसर विकसित हो सकते हैं।

4. यूपी में किसानों की मौजूदगी में होगा फसल नुकसान का सर्वे

उत्तर प्रदेश में खरीफ 2026 के दौरान अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित किसानों के फसल नुकसान का सर्वे उनकी मौजूदगी में कराने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य में फसल नुकसान से जुड़े 3,61,120 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 3,04,028 आवेदन पात्र पाए गए हैं। 45,828 आवेदनों का सर्वे पूरा हो चुका है, जबकि 1,83,351 आवेदन प्रक्रिया में हैं। किसानों को फसल नुकसान की सूचना देने के लिए 14447 किसान हेल्पलाइन, कृषि विभाग के किसान कॉल सेंटर, क्रॉप इंश्योरेंस ऐप, व्हाट्सऐप चैटबॉट और पीएमएफबीवाई पोर्टल जैसे माध्यम उपलब्ध हैं। सरकार की ओर से बीमा कंपनियों को पात्र किसानों के नुकसान का सर्वे जल्द पूरा कर क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

5. एफटीए से दक्षिणी राज्यों की नकदी फसलों को मिलेगा निर्यात बाजार

दक्षिणी राज्यों की कॉफी, चाय, मसाले, नारियल, काजू और फलों जैसी नकदी फसलों को मुक्त व्यापार समझौतों यानी एफटीए से नए निर्यात अवसर मिलने की बात कही गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों से एफटीए के प्रावधानों का अध्ययन कर नकदी फसलों को निर्यात से जोड़ने की ठोस योजना तैयार करने को कहा है। एफटीए के तहत कुछ कृषि उत्पादों को विदेशी बाजारों में कम या बिना आयात शुल्क के प्रवेश का अवसर मिल सकता है। इसके लिए गुणवत्ता, उत्पादन, पैकेजिंग और बाजार की मांग के अनुरूप तैयारी जरूरी होगी। कृषि मंत्री ने अल नीनो और कम बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में कम अवधि और कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को बढ़ावा देने तथा जरूरत के समय इस्तेमाल के लिए बीज बैंक तैयार रखने की जानकारी भी दी।

किसानों के लिए इस सप्ताह की इन खबरों के मायने

इस सप्ताह की कृषि खबरों में टिकाऊ खेती से अतिरिक्त कमाई, मौसम और पानी का संकट, फसल नुकसान पर राहत, GI टैग वाले उत्पादों की ब्रांडिंग और कृषि निर्यात प्रमुख विषय रहे। इन खबरों से यह भी संकेत मिलता है कि आने वाले समय में किसानों की आय बढ़ाने के लिए केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि कार्बन क्रेडिट, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और वैश्विक बाजार से जुड़ाव पर भी जोर बढ़ रहा है।

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