यूपी अनुपूरक बजट 2026-27: किसानों और डेयरी पर फोकस, कई योजनाओं के लिए करोड़ों की राशि आवंटित
प्रकाशित - 05 Aug 2026 by Vivek Tailang
जानें यूपी सरकार ने किसानों और डेयरी सेक्टर को क्या-क्या दी सौगातें और इससे किसानों को कितना हो सकता है फायदा
उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश करते हुए कृषि और डेयरी सेक्टर को प्राथमिकता दी है। बजट में किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने, कृषि लागत कम करने, भंडारण क्षमता बढ़ाने, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ कृषि अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं में अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है। सरकार का दावा है कि इन प्रावधानों से खेती को अधिक लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में मदद मिलेगी।
भामाशाह भाव स्थिरता कोष पर सरकार का जोर
अनुपूरक बजट की सबसे अहम घोषणाओं में भामाशाह भाव स्थिरता कोष शामिल है। सरकार ने इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। लोककल्याण संकल्प पत्र-2022 में किए गए वादे के तहत यह कोष किसानों को आलू, टमाटर और प्याज जैसी फसलों के दाम गिरने की स्थिति में राहत देने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने और बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव का असर कम होने की उम्मीद है।
आलू उत्पादकों और बागवानी क्षेत्र को भी राहत
उद्यान विभाग के लिए अनुपूरक बजट में 245.24 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। इसमें निजी शीतगृहों में भंडारित आलू के भंडारण शुल्क पर अनुदान देने के लिए 100 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इससे खासकर आलू उत्पादक किसानों को राहत मिलने की संभावना है। इसके अलावा आगरा स्थित अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र के संपर्क मार्ग के निर्माण और भूमि क्रय के लिए 9.53 करोड़ रुपये दिए गए हैं। मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना और मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के लिए भी अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है।
Popular Tractors
कृषि ढांचे को मजबूत करने की तैयारी
उत्तर प्रदेश सरकार ने खेती को आधुनिक बनाने और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके अलावा कृषि उत्पादों के विपणन और गुणवत्ता सुविधाओं को विकसित करने के लिए भी 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को बेहतर बाजार, भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाएं मिल सकेंगी।
बीज, जैव उर्वरक और किसान कल्याण योजनाओं को मिला सहारा
अनुपूरक बजट में प्रमाणित बीजों पर अनुदान योजना के लिए 20 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए गए हैं। किसानों को रियायती दरों पर वर्मी कम्पोस्ट, कम्पोस्ट और जैव उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र प्रदर्शन एवं बीजवर्धन योजना के लिए 10 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए भी अतिरिक्त धनराशि आवंटित की गई है। वहीं, दलहन और तिलहन बीजों की लागत एवं संबंधित योजनाओं के लिए 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
डेयरी और पशुपालन को मिला बड़ा संबल
सरकार ने डेयरी सेक्टर को भी अनुपूरक बजट में प्रमुखता दी है। दुग्धशाला विकास विभाग के लिए 211.25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें नंद बाबा दुग्ध मिशन के लिए 150 करोड़ रुपये और उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के लिए 25 करोड़ रुपये शामिल हैं। पशुधन विभाग के लिए 78.62 करोड़ रुपये तथा गो आश्रय केंद्रों की स्वावलंबन योजना के लिए 31.25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इन प्रावधानों से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ पशुपालकों की आय में भी वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
खाद्य सुरक्षा और गरीबों तक अनाज पहुंचाने पर भी फोकस
अनुपूरक बजट में खाद्य एवं रसद विभाग के लिए 254.88 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। इसमें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के लिए 181 करोड़ रुपये और खाद्यान्न आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 32.40 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। सरकार का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों तक खाद्यान्न की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और प्रभावी बनाना है।
गन्ना, तिलहन और कृषि अनुसंधान को भी बढ़ावा
बजट में मैकेनिकल गन्ना कटाई यंत्रों की खरीद के लिए 10.40 करोड़ रुपये तथा उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर में पूंजीगत परिसंपत्तियों के सृजन के लिए 4.71 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ऑयल सीड्स योजना, कृषि विश्वविद्यालयों और प्रयोगशालाओं के लिए भी अतिरिक्त धनराशि दी गई है, ताकि कृषि अनुसंधान और आधुनिक तकनीकों का लाभ किसानों तक पहुंच सके।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कई कदम
अनुपूरक बजट में किए गए प्रावधानों से साफ है कि सरकार ने इस बार कृषि, बागवानी, पशुपालन और डेयरी को एक साथ जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश की है। फसलों के बेहतर दाम, भंडारण सुविधाओं का विस्तार, कृषि अवसंरचना, गुणवत्तापूर्ण बीज, जैव उर्वरक और डेयरी क्षेत्र में निवेश जैसे कदम किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।
“यूपी अनुपूरक बजट 2026-27” के संबंध में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब (FAQ):
प्रश्न 1. यूपी अनुपूरक बजट 2026-27 में किसानों के लिए क्या बड़ी घोषणाएं की गई हैं?
उत्तर: अनुपूरक बजट में भामाशाह भाव स्थिरता कोष, प्रमाणित बीजों पर अनुदान, जैव उर्वरक, दलहन-तिलहन बीज, एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर और किसान कल्याण से जुड़ी कई योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है।
प्रश्न 2. भामाशाह भाव स्थिरता कोष क्या है और किसानों को इससे क्या फायदा होगा?
उत्तर: इस कोष का उद्देश्य आलू, टमाटर और प्याज जैसी फसलों के दाम गिरने पर किसानों को राहत देना और उन्हें बेहतर मूल्य दिलाने में मदद करना है। अनुपूरक बजट में इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
प्रश्न 3. डेयरी सेक्टर के लिए अनुपूरक बजट में क्या प्रावधान किए गए हैं?
उत्तर: दुग्धशाला विकास विभाग के लिए 211.25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें नंद बाबा दुग्ध मिशन के लिए 150 करोड़ रुपये और उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के लिए 25 करोड़ रुपये शामिल हैं।
प्रश्न 4. खाद्य एवं रसद विभाग को अनुपूरक बजट में कितनी राशि मिली है?
उत्तर: खाद्य एवं रसद विभाग के लिए 254.88 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के लिए 181 करोड़ रुपये और खाद्यान्न आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था के लिए 32.40 करोड़ रुपये शामिल हैं।
प्रश्न 5. किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट में कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं?
उत्तर: सरकार ने फसलों के बेहतर मूल्य, भंडारण सुविधा, कृषि अवसंरचना, प्रमाणित बीज, जैव उर्वरक, दलहन-तिलहन बीज, गन्ना यंत्रीकरण और डेयरी विकास जैसी योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट देकर किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया है।
ट्रैक्टर जंक्शन हमेशा आपको अपडेट रखता है। इसके लिए ट्रैक्टरों के नये मॉडलों और उनके कृषि उपयोग के बारे में एग्रीकल्चर खबरें प्रकाशित की जाती हैं। प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों महिंद्रा ट्रैक्टर, सोनालिका ट्रैक्टर आदि की मासिक सेल्स रिपोर्ट भी हम प्रकाशित करते हैं जिसमें ट्रैक्टरों की थोक व खुदरा बिक्री की विस्तृत जानकारी दी जाती है। अगर आप मासिक सदस्यता प्राप्त करना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करें।
अगर आप नए ट्रैक्टर, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण बेचने या खरीदने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार और विक्रेता आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु को ट्रैक्टर जंक्शन के साथ शेयर करें।
सर्टिफाइड पुराने ट्रैक्टर्स
ट्रैक्टर की प्राइस चेक करें