खुशखबरी : गन्ने का मूल्य बढ़ाने की तैयारी, जल्द हो सकता है फैसला

जानें, गन्ने के मूल्य में कितनी बढ़ोतरी कर सकती है सरकार और इससे क्या होगा लाभ

गन्ना किसानों (sugarcane farmers) के लिए खुशखबरी सामने आई है। इसमें बताया जा रहा है कि प्रदेश की सरकार गन्ने का मूल्य (Price of Sugarcane) बढ़ाने जा रही है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। खबर है कि यूपी सरकार एक या दो दिन के भीतर गन्ना के मूल्य में करीब 15 से 25 रुपए प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो किसानों के लिए यह बहुत ही अच्छी खबर होगी। क्योंकि राज्य में 2022 के बाद से गन्ने का मूल्य (Price of Sugarcane) नहीं बढ़ा है। जबकि कई गन्ना उत्पादकिd राज्यों में गन्ने के मूल्य में बढ़ोतरी हुई है।

ऐसे में सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य होने के बाद भी यूपी में गन्ने का रेट अन्य राज्यों के मुकाबले अभी भी कम है। ऐसे में यहां के किसानों की ओर से भी गन्ने का मूल्य बढ़ाने की मांग भी सरकार से की गई। इसमें किसानों की ओर से गन्ने के मूल्य में 50 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की मांग की गई। इसको गंभीरता से लेते हुए राज्य की योगी सरकार ने इस बार गन्ने का मूल्य (Sugarcane Price) बढ़ाने के मन बना लिया है। गन्ने के मूल्य में बढ़ोतरी को लेकर गन्ना विकास और दुग्ध मंत्री चौधरी ने संकेत दिए है। हालांकि गन्ने के मूल्य में कितनी बढ़ोतरी होगी इसको लेकर कुछ नहीं कहा गया है।

प्रदेश में अब तक कितनी बार बढ़ा गन्ने का मूल्य

प्रदेश में 2016-17 में योगी सरकार के आने के बाद से गन्ने के एसएपी में प्रति क्विंटल के हिसाब से 35 रुपए की बढ़ोतरी की है। इससे पहले राज्य में गन्ने का मूल्य 305-315 रुपए प्रति क्विंटल था, जिसे योगी सरकार ने बढ़ाकर 340-350 रुपए प्रति क्विंटल तक किया। प्रदेश में अंतिम बार साल 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने गन्ना का मूल्य बढ़ाकर 350 और 360 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया था।

जल्द कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा प्रस्ताव

पिछले दिनों मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में राज्य परामर्शित गन्ना मूल्य निर्धारण संस्तुति समिति की बैठक हुई। इसमें एक ओर गन्ना किसानों ने फसल लागत बढ़ने के कारण गन्ने का मूल्य बढ़ाने की मांग की। वहीं दूसरी ओर चीनी मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने अपनी परेशानियां बताते हुए गन्ने का मूल्य यथावत रखने की बात कही। मुख्य सचिव ने सभी की बातों को सुनने के बाद कहा कि जल्द ही गन्ना मूल्य घोषित कर दिया जाएगा। संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी के लिए जल्द ही इसे कैबिनेट में सामने रखा जाएगा।

गन्ना मूल्य बढ़ाने से चीनी मिलों को क्या हो सकता है लाभ

राज्य सरकार की ओर से गन्ने का मूल्य बढ़ाए जाने से गन्ना किसानों को लाभ होगा। उनका गन्ना अधिक कीमत पर बिकेगा। वहीं चीनी मिलों को भी इससे लाभ हो सकता है। सरकार गन्ना के मूल्य में बढ़ोतरी के कारण पड़ने वाले व्यय भार को कम करने के लिए चीनी मिलों को एक से दो रुपए परिवहन किराए में राहत दे सकती है। ऐसे में आशा की जा रही है कि राज्य सरकार गन्ने के मूल्य में 25 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर सकती है।

राज्य में कितनी है चीनी मिले और कितनी होता है गन्ने उत्पादन

यूपी में कुल 157 चीनी मिले हैं। इसमें से 118 मिले ही परिचालन में हैं। वहीं बात करें प्रदेश में गन्ने के उत्पादन की तो देश भर में गन्ना उत्पादन में सबसे अधिक योगदान यूपी का है। जबकि चीनी उत्पादन में यूपी दूसरे नंबर पर आता है। एग्रीकल्चर स्टेट बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार देश में कुल उत्पादित गन्ने का 44.50 प्रतिशत भाग अकेले उत्तर प्रदेश द्वारा उत्पादित किया जाता है।

यूपी में वर्तमान में कितना है गन्ने का मूल्य (Sugarcane Price)

यूपी में वर्तमान में गन्ने का मूल्य अगेती प्रजाति के लिए 350 रुपए है। वहीं गन्ने की सामान्य प्रजाति के लिए 340 रुपए मूल्य है। इसके अलावा अस्वीकृत प्रजाति के लिए गन्ने का मूल्य 335 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित है। अब गन्ने की सभी श्रेणियों के मूल्य में 25 रुपए तक बढ़ोतरी होने की आशा की जा रही है।

यूपी के मुकाबले अन्य राज्यों में कितना ज्यादा है गन्ने के भाव (Sugarcane Price)

यूपी के गन्ना मूल्य (Sugarcane Price) की अन्य राज्यों से तुलना करें तो गन्ना उत्पादक राज्यों में बिहार को छोड़कर अन्य राज्यों में गन्ने का भाव यूपी से अधिक है। गन्ने का सबसे अधिक मूल्य इस समय पंजाब में हैं, यहां वर्तमान में गन्ने का मूल्य देश में सबसे ज्यादा है। पंजाब में गन्ने का मूल्य 391 प्रति क्विंटल है। वहीं हरियाणा में गन्ने का मूल्य 386 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। उत्तराखंड में गन्ने का मूल्य 355 रुपए प्रति क्विंटल है। बिहार में गन्ने का मूल्य 335 रुपए प्रति क्विंटल है।

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