पेराई सत्र 2025-26 के लिए नई गन्ना सट्टा एवं आपूर्ति नीति जारी, किसानों को होगा लाभ
प्रकाशित - 07 Sep 2025 by Tractor Junction
जानें, नई गन्ना सट्टा एवं आपूर्ति नीति में क्या है खास और इससे किसानों को कैसे होगा फायदा
उत्तर प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए नई गन्ना सट्टा एवं आपूर्ति नीति जारी कर दी है। इस नई नीति का उद्देश्य किसानों को अधिक पारदर्शिता और समय पर लाभ देना है, जिससे राज्य के गन्ना उत्पादकों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।
नई सट्टा नीति में किसे मिलेगी प्राथमिकता
नई नीति में विशेष तौर पर छोटे, अति लघु और महिला किसानों को प्राथमिकता दी गई है। छोटे गन्ना किसान, जिनके पास 81 क्विंटल तक सट्टा है, उन्हें पेड़ी गन्ने की पर्चियां पहले से तीसरे पक्ष तक और पौधे गन्ने की पर्चियां सातवें से नौवें पक्ष तक जारी की जाएंगी। अति लघु गन्ना किसान, जिनके पास 36 क्विंटल या चार पर्ची बेसिक मोड है, उन्हें 100% पेड़ी गन्ने की पर्चियां प्रथम पक्ष में और पौधे की पर्चियां सातवें पक्ष में जारी होंगी। वहीं, लघु महिला गन्ना किसानों को पेड़ी गन्ने की पर्चियां एक से तीन पक्ष में और पौधे की पर्चियां सात से नौ पक्ष में दी जाएंगी। इस नीति से 13.12 लाख छोटे गन्ना किसानों, 3.75 लाख अति लघु किसानों और 6,268 महिला गन्ना किसानों के लाभांवित होने की संभावना है।
नए समिति सदस्यों को भी मिलेगा नई सट्टा नीति का लाभ
गन्ना समिति के नए सदस्य किसानों को भी इस बार राहत दी गई है। उन्हें पिछले पेराई सत्र 2024-25 में चीनी मिल को की गई औसत गन्ना आपूर्ति या जिले की औसत गन्ना उत्पादकता के 70% में से जो भी अधिक होगा, उतनी मात्रा में सट्टा लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा जिन किसानों के पास शत-प्रतिशत पेड़ी गन्ना है, उनकी 52% पर्चियां छठवें पखवाड़े तक और बाकी 48% सातवें से 10वें पखवाड़े तक जारी की जाएंगी। यह व्यवस्था किसानों को समयबद्ध कटाई और बिक्री में सहायता करेगी।
गन्ने की नई किस्म 15023 को दी जाएगी प्राथमिकता
गन्ना आयुक्त मिनस्ती एस ने जानकारी दी कि गन्ना शोध परिषद द्वारा विकसित नवीन किस्म Co.15023 को प्राथमिकता दी जा रही है। इस किस्म की पेड़ी गन्ने की पर्चियां पहले से दूसरे पक्ष तक और पौधे की पर्चियां सातवें से आठवें पक्ष में अंकित की जाएंगी। इससे न केवल चीनी मिलों को अधिक शक्कर परता (रिकवरी रेट) मिलेगा, बल्कि किसानों को तेज भुगतान मिलने का रास्ता भी खुलेगा।
बड़े किसानों को यह मिलेंगी सहुलियतें
जिन किसानों के पास 2,500 क्विंटल या उससे अधिक बेसिक सट्टा है, उन्हें सामान्य कैलेंडर के एक कालम में अधिकतम 8 पर्चियां अंकित कराने की सुविधा दी गई है। इसके साथ ही, जो किसान सिर्फ पिछले वर्ष (2024-25) ही गन्ना आपूर्ति कर पाए थे, उनके लिए भी नीति में औसत या उस वर्ष की आपूर्ति के आधार पर कोटा निर्धारण की व्यवस्था की गई है।
गन्ना कटाई में यांत्रिक हार्वेस्टिंग को मिलेगा बढ़ावा
पेराई सत्र 2025-26 में पहली बार यांत्रिक गन्ना कटाई को बढ़ावा देने के लिए किसानों को पारिवारिक कैलेंडर की सुविधा भी दी गई है। यह सुविधा उन किसानों के लिए है जिन्होंने यांत्रिक हार्वेस्टिंग के लिए आवेदन किया है। इससे खेतों में मजदूरों की कमी से जूझ रहे किसानों को राहत मिलेगी।
गन्ना मूल्य भुगतान में तेजी लाने पर जोर
नई नीति का उद्देश्य न केवल किसानों को पारदर्शी और लाभदायक व्यवस्था देना है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि चीनी मिलों को समय पर गन्ना उपलब्ध हो और किसानों को समय से भुगतान मिले। इससे प्रदेश में गन्ना उत्पादन भी बढ़ेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। इस तरह यूपी सरकार गन्ना किसानों के हित में लगातार कल्याणकारी व लाभकारी फैसले ले रही है।
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