चना, मसूर, सरसों और अरहर की एमएसपी खरीद शुरू, जानें नई दरें
प्रकाशित - 02 Apr 2026 by Vivek Tailang
190 से अधिक केंद्रों पर खरीदी, किसानों को मिलेगा फायदा
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए रबी सीजन की फसलों को लेकर बड़ी राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने चना, मसूर, अरहर (तुअर) और सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में राज्य के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने लोक भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में जानकारी दी कि यह खरीद 2 अप्रैल से 30 जून 2026 तक जारी रहेगी।
सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और उन्हें बिचौलियों के शोषण से बचाना है। इसके लिए पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर खरीद व्यवस्था तैयार की गई है।
क्या है फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य और लक्ष्य
राज्य सरकार ने एमएसपी (MSP) के तहत विभिन्न फसलों के लिए दरें तय कर दी हैं। इसके अनुसार चना 5875 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर 7000 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों 6200 रुपये प्रति क्विंटल और अरहर (तुअर) 8000 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदी जाएगी। यह खरीद मूल्य समर्थन योजना के तहत की जा रही है, ताकि किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य मिल सके। साथ ही सरकार ने खरीद के लिए बड़े लक्ष्य भी निर्धारित किए हैं। चना के लिए 2.24 लाख मीट्रिक टन, मसूर के लिए 6.77 लाख मीट्रिक टन, सरसों के लिए 5.30 लाख मीट्रिक टन और अरहर के लिए 1.14 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
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कितने केंद्रों पर होगी खरीद
खरीद प्रक्रिया को सुचारु और पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेश में 190 से अधिक क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा राज्य की विभिन्न एजेंसियां जरूरत के अनुसार अतिरिक्त केंद्र भी संचालित करेंगी। सभी खरीद केंद्रों पर आधार-सक्षम POS मशीनें लगाई गई हैं, जिससे किसानों की पहचान सुनिश्चित की जा सकेगी। भुगतान प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है, ताकि किसानों को उनकी उपज का पैसा सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से मिल सके।
कृषि योजनाओं पर 5700 करोड़ रुपये खर्च
प्रेसवार्ता के दौरान सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कृषि विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं पर 5700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई है, जो एक रिकॉर्ड उपलब्धि है। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधारात्मक प्रावधान लागू कर राज्य को 303 करोड़ रुपये की बचत भी हुई है। यह राशि किसानों के हित में अन्य योजनाओं पर खर्च की जा रही है।
किसानों को मिल रहा बीज और सहायता
किसानों को सशक्त बनाने के लिए सरकार बीज वितरण योजनाओं पर भी जोर दे रही है। इसके तहत 11.25 लाख किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज उपलब्ध कराया गया है। वहीं 12.73 लाख किसानों को 54,847 क्विंटल बीज नि:शुल्क वितरित किया गया है। जायद फसलों को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष 31,950 क्विंटल बीज उपलब्ध कराया गया है, जिसमें मूंगफली, उड़द और मूंग जैसी फसलें शामिल हैं। इससे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे।
उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसानों को उर्वरकों की कमी का सामना न करना पड़े। वर्तमान में प्रदेश में 25.41 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। उर्वरकों का वितरण भी POS मशीनों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी हुई है और किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम हो गई है।
सीड पार्क की स्थापना से बढ़ेगा उत्पादन
कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में भारत रत्न चौधरी चरण सिंह सीड पार्क की स्थापना की जा रही है। इसके लिए 50.84 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। यह सीड पार्क प्रदेश को बीज उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने में भी मदद करेगा।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार का मानना है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी, डिजिटल भुगतान और पारदर्शी व्यवस्था के चलते किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
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