महाराष्ट्र में 15 अक्टूबर से शुरू होगा गन्ना पेराई सीजन, सीएम फडणवीस ने दी मंजूरी

गन्ना किसानों के हित, एफआरपी भुगतान और चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति पर हुई चर्चा, इथेनॉल और सीबीजी परियोजनाओं को भी मिलेगा बढ़ावा

महाराष्ट्र के गन्ना किसानों के लिए बड़ी खबर है। राज्य में 2026-27 का गन्ना पेराई सीजन 15 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मुंबई के सह्याद्री गेस्ट हाउस में हुई मंत्रियों की समिति की बैठक में पेराई सीजन शुरू करने को मंजूरी दी गई। बैठक में गन्ने की उपलब्धता, चीनी उत्पादन, किसानों को मिलने वाले गन्ना मूल्य, एफआरपी भुगतान और चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।

बैठक में सरकार ने आगामी पेराई सीजन की तैयारियों के साथ किसानों और चीनी उद्योग दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई विषयों पर विचार किया। बैठक में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार, सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल, कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे, जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

किसानों के हित और एफआरपी भुगतान पर फोकस

बैठक में पिछले 2025-26 के गन्ना पेराई सीजन की समीक्षा की गई। इसके साथ ही राज्य में उपलब्ध गन्ना क्षेत्रफल, उत्पादन की स्थिति, देश में चीनी के उपलब्ध स्टॉक, किसानों के बकाया एफआरपी और आरआरसी मामलों की जानकारी पर भी चर्चा हुई। सरकार ने आगामी सीजन में किसानों को गन्ने का भुगतान समय पर मिले, इस पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति सुधारने और किसानों के लंबित भुगतान के निपटारे के लिए सॉफ्ट लोन पर ब्याज सब्सिडी योजना लागू करने पर भी विचार किया गया।

को-जेनरेशन बिजली परियोजनाओं को मिलेगी राहत

चीनी मिलों की को-जेनरेशन परियोजनाओं से जुड़े बिजली खरीद समझौते समाप्त होने के मामले में भी बैठक में चर्चा हुई। ऐसे मामलों में 2023-24 सीजन के आधार पर 1.50 रुपए प्रति यूनिट की दर से राहत देने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। इसके अलावा चीनी की पैकिंग के लिए जूट बैग की अनिवार्यता में छूट देने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। सरकार का उद्देश्य चीनी उद्योग से जुड़ी लागत और दूसरी व्यावहारिक समस्याओं को कम करना है।

इथेनॉल और सीबीजी परियोजनाओं को बढ़ावा देने की तैयारी

महाराष्ट्र सरकार चीनी उद्योग से जुड़े नए आय स्रोत विकसित करने पर भी जोर दे रही है। इसके तहत इथेनॉल और कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) परियोजनाओं को वित्तीय और तकनीकी प्रोत्साहन देने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। सरकार का मानना है कि चीनी मिलों में वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलने से मिलों की आय के नए स्रोत विकसित होंगे। इससे चीनी उद्योग की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और किसानों के हितों की रक्षा करने में मदद मिल सकती है।

गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने के लिए विशेष योजना

बैठक में गन्ना उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए एक विशेष गन्ना विकास योजना का प्रेजेंटेशन भी दिया गया। इस योजना के तहत हाई क्वालिटी वाली गन्ने की किस्मों को बढ़ावा देने, नर्सरी विकास, बीज प्रसंस्करण और ड्रिप सिंचाई को प्रोत्साहित करने पर जोर रहेगा। इसके अलावा संतुलित उर्वरक उपयोग, आधुनिक खेती तकनीकों और कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने की योजना है। सरकार का लक्ष्य गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने के साथ खेती की लागत कम करना और किसानों की आय बढ़ाना है।

केंद्र सरकार के सामने रखी जाएंगी ये मांगें

बैठक में चीनी उद्योग से जुड़े केंद्र सरकार के पास लंबित मामलों पर भी चर्चा हुई। महाराष्ट्र सरकार केंद्र के सामने चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी, इथेनॉल की कीमत बढ़ाने और इथेनॉल परियोजनाओं के लिए लंबित ब्याज सब्सिडी जल्द जारी करने की मांग रखने की सिफारिश करेगी। ऐसे में 15 अक्टूबर से शुरू होने वाला नया पेराई सीजन महाराष्ट्र के गन्ना किसानों और चीनी उद्योग दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार की ओर से गन्ना उत्पादन बढ़ाने, किसानों को समय पर भुगतान दिलाने और चीनी उद्योग के साथ इथेनॉल व सीबीजी जैसे वैकल्पिक आय स्रोतों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

“महाराष्ट्र में 15 अक्टूबर से शुरू होगा गन्ना पेराई सीजन” के संबंध में पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब (FAQs):

प्रश्न 1. महाराष्ट्र में 2026-27 का गन्ना पेराई सीजन कब शुरू होगा?

उत्तर: महाराष्ट्र में 2026-27 का गन्ना पेराई सीजन 15 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा।

प्रश्न 2. गन्ना पेराई सीजन को लेकर सरकार ने किन मुद्दों पर चर्चा की?

उत्तर: बैठक में गन्ने की उपलब्धता, चीनी उत्पादन, किसानों के एफआरपी भुगतान, चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति, इथेनॉल आपूर्ति और बकाया भुगतान जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

प्रश्न 3. किसानों के बकाया एफआरपी भुगतान के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?

उत्तर: किसानों के लंबित भुगतान के निपटारे के लिए सॉफ्ट लोन पर ब्याज सब्सिडी योजना लागू करने पर चर्चा की गई है। इसका उद्देश्य किसानों को समय पर भुगतान दिलाने में मदद करना है।

प्रश्न 4. महाराष्ट्र में गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए क्या योजना बनाई गई है?

उत्तर: गन्ना उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए विशेष योजना पर चर्चा हुई है। इसमें उन्नत किस्मों, नर्सरी विकास, बीज प्रसंस्करण, ड्रिप सिंचाई, संतुलित उर्वरक उपयोग, आधुनिक खेती तकनीक और कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा।

प्रश्न 5. इथेनॉल और सीबीजी परियोजनाओं से किसानों को क्या लाभ होगा?

उत्तर: इथेनॉल और सीबीजी परियोजनाओं को बढ़ावा देने से चीनी मिलों के लिए आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। इससे चीनी उद्योग की आर्थिक स्थिति मजबूत होने और किसानों को समय पर भुगतान मिलने में मदद की उम्मीद है।

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