सूखा प्रभावित किसानों की मदद का ऐलान, दीवाली से पहले मिलेगा पैसा

किसानों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया तेज, केंद्रीय टीम भी जल्द करेगी सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा

महाराष्ट्र में सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने सूखा प्रभावित किसानों तक आर्थिक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। सरकार का लक्ष्य है कि फसल नुकसान का आकलन जल्द पूरा करके दीवाली से पहले किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अधिकारियों को बचे हुए पंचनामे का काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

मुंबई में सूखे की स्थिति को लेकर हुई समीक्षा बैठक में फसल नुकसान, जल भंडारण, किसानों को राहत और पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। मंत्री ने बताया कि राज्य में फसल नुकसान के आकलन का करीब 45 फीसदी काम पूरा हो चुका है। अब बाकी क्षेत्रों में पंचनामे की प्रक्रिया जल्द पूरी करने पर जोर दिया जा रहा है।

केंद्रीय टीम करेगी सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा

महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम भी जल्द राज्य का दौरा कर सकती है। राजस्व मंत्री के अनुसार, केंद्रीय टीम के एक-दो दिन में महाराष्ट्र पहुंचने की संभावना है। इसके लिए तीन टीमें बनाई जा सकती हैं। एक टीम बीड-धाराशिव, दूसरी यवतमाल-वाशिम और तीसरी अहिल्यानगर-सोलापुर जिलों का दौरा कर सकती है। ये टीमें प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान और सूखे की स्थिति का जायजा लेंगी। इसके आधार पर किसानों को राहत देने के लिए आगे की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

265 तालुकों में घोषित किया गया सूखा

महाराष्ट्र सरकार ने 26 सितंबर को राज्य के 358 में से 265 तालुकों में सूखा घोषित किया था। यह राज्य के करीब 74 प्रतिशत तालुकों के बराबर है। सूखा प्रभावित किसानों के लिए सरकार ने फसल ऋण पुनर्गठन, भू-राजस्व में रियायत और बिजली बिल में सब्सिडी सहित कई राहत उपायों की घोषणा की है। सूखा प्रभावित तालुकों की संख्या के मामले में छत्रपति संभाजीनगर संभाग सबसे आगे है। यहां 74 तालुके सूखा प्रभावित घोषित किए गए हैं। इसके बाद अमरावती में 56, नासिक में 49, नागपुर में 39 और पुणे में 35 तालुके शामिल हैं। ठाणे संभाग में 12 तालुके प्रभावित घोषित किए गए हैं, जिनमें रायगढ़ का एक, रत्नागिरी के तीन और सिंधुदुर्ग के आठ तालुके शामिल हैं।

निर्माण कार्यों में पीने के पानी के इस्तेमाल पर रोक

सूखे के बीच जल संरक्षण पर भी सरकार ने सख्ती शुरू की है। समीक्षा बैठक में निर्माण कार्यों में पीने योग्य या ट्रीटेड पेयजल के इस्तेमाल पर रोक लगाने का फैसला किया गया। मंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों के लिए केवल सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से ट्रीट किए गए पानी का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे पेयजल स्रोतों पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

सूखे के बीच किसानों से कर्ज वसूली पर सख्ती

बैठक में सूखे के दौरान किसानों से कर्ज वसूली को लेकर मिल रही शिकायतों पर भी चर्चा हुई। राजस्व मंत्री ने कहा कि जिन किसानों ने पहले ही फसल लोन लिया है, उनसे बार-बार दस्तावेज नहीं मांगे जाने चाहिए। उन्होंने बैंकों को किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि सूखे की स्थिति में कर्ज चुकाने के लिए किसानों से संपर्क करने पर राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के साथ निजी साहूकारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

गांव स्तर पर वारिस रिकॉर्ड और KYC पूरा होगा

सरकार ने कर्जमाफी योजनाओं के तहत पात्र किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए गांववार वारिस रिकॉर्ड और KYC की प्रक्रिया पूरी करने का फैसला किया है। सरकार के अनुसार, जिन किसानों का एग्रीस्टैक में पंजीकरण नहीं है, उन्हें भी राहत उपायों के दायरे में शामिल किया जाएगा। वहीं, क्लास-II श्रेणी के किसानों को एग्रीस्टैक से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे।

पशुओं के चारे के लिए बनेंगे चारा डिपो और चारा बैंक

सूखे के कारण पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता भी चुनौती बनी हुई है। सरकार अब केवल चारा शिविरों पर निर्भर रहने के बजाय ग्राम पंचायतों के माध्यम से चारा डिपो बनाने की योजना पर काम कर रही है। जल स्रोतों के आसपास वन भूमि, परती जमीन और सरकारी जमीन पर घास के मैदान विकसित कर चारा बैंक बनाने की भी योजना है। इसके अलावा विदर्भ और कोंकण क्षेत्रों से मिलने वाले धान के पुआल को सरकार संग्रहित करेगी। इसका इस्तेमाल पशु आहार तैयार करने में किया जाएगा। इससे सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

दीवाली से पहले राहत पहुंचाने की तैयारी

महाराष्ट्र सरकार अब फसल नुकसान के आकलन और पंचनामे की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने पर जोर दे रही है। करीब 45 फीसदी आकलन पूरा होने के बाद बाकी क्षेत्रों में काम तेज किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि सूखा प्रभावित किसानों को दीवाली से पहले आर्थिक सहायता मिल सके, ताकि त्योहार से पहले उन्हें कुछ आर्थिक राहत दी जा सके।

“सूखा प्रभावित किसानों की मदद का ऐलान, दीवाली से पहले मिलेगा पैसा” के संबंध में पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब (FAQ):

प्रश्न 1. महाराष्ट्र में सूखा प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता कब मिलेगी?
उत्तर:  महाराष्ट्र सरकार का लक्ष्य है कि फसल नुकसान का आकलन और पंचनामा प्रक्रिया पूरी करके सूखा प्रभावित किसानों को दीवाली से पहले आर्थिक सहायता पहुंचाई जाए।

प्रश्न 2. महाराष्ट्र में कितने तालुकों में सूखा घोषित किया गया है?
उत्तर:  महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के 358 में से 265 तालुकों में सूखा घोषित किया है।

प्रश्न 3. महाराष्ट्र में फसल नुकसान के आकलन का कितना काम पूरा हुआ है?
उत्तर:  राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के अनुसार, सूखा प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान के आकलन का करीब 45 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

प्रश्न 4. क्या सूखा प्रभावित किसानों से कर्ज वसूली पर रोक लगाई गई है?
उत्तर:  सरकार ने सूखे की स्थिति में किसानों को कर्ज वसूली के लिए परेशान नहीं करने के निर्देश दिए हैं। किसानों से बार-बार दस्तावेज मांगने पर भी सख्ती की गई है।

प्रश्न 5. सूखे के दौरान पशुओं के चारे के लिए सरकार क्या करेगी?
उत्तर:  सरकार ग्राम पंचायतों के माध्यम से चारा डिपो बनाने और जल स्रोतों के आसपास घास के मैदान विकसित कर चारा बैंक तैयार करने की योजना पर काम कर रही है।

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