एग्रो बिहार–2026: पटना में 12 मार्च से कृषि यंत्रों का महाकुंभ, 4 दिन तक चलेगा मेला

91 तरह के कृषि उपकरणों पर सब्सिडी की जानकारी के साथ आधुनिक खेती की तकनीक भी जान सकेंगे किसान

परंपरागत खेती से आधुनिक खेती की ओर बढ़ते किसानों के लिए कृषि यंत्रों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। इसी दिशा में किसानों को नई तकनीकों और आधुनिक मशीनों से परिचित कराने के लिए बिहार सरकार का कृषि विभाग 12 से 15 मार्च के बीच राज्य स्तरीय कृषि यांत्रिकरण मेला सह प्रदर्शनी “एग्रो बिहार–2026” का आयोजन करने जा रहा है। यह चार दिवसीय मेला गांधी मैदान, पटना में आयोजित होगा, जहां किसान आधुनिक कृषि यंत्रों और नई तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

इस मेले में कृषि और पशुपालन से जुड़े कई आधुनिक कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जो खेती को आसान और लाभदायक बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं। बिहार के अलावा देश के कई राज्यों से कृषि यंत्र निर्माता कंपनियां भी इस मेले में भाग लेंगी और अपने नवीनतम उत्पादों का प्रदर्शन करेंगी। 

कई विभागों की योजनाओं की भी मिलेगी जानकारी

कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने बताया कि गुरुवार से रविवार तक चलने वाले इस चार दिवसीय मेले में कृषि विभाग के साथ-साथ कई अन्य विभाग भी अपनी योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी देंगे। इनमें खाद्य प्रसंस्करण, पशु एवं मत्स्य संसाधन, गन्ना उद्योग, उद्योग विभाग, सहकारिता विभाग और COMFED जैसे विभाग शामिल होंगे। मेले में आने वाले किसानों और आगंतुकों के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं। यहां बिहारी व्यंजनों से सुसज्जित एक फूड कोर्ट भी बनाया जाएगा, ताकि आगंतुक स्थानीय खानपान का आनंद भी ले सकें। कृषि विभाग के अनुसार, लगभग 3.25 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में इस मेले का आयोजन किया जाएगा, जहां 100 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे।

कई राज्यों के कृषि यंत्र निर्माता होंगे शामिल

एग्रो बिहार–2026 मेले में देश के प्रमुख कृषि यंत्र निर्माता अपने अत्याधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन करेंगे। इसमें बिहार के अलावा पंजाब, हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कृषि यंत्र निर्माता भी भाग लेंगे। इस मेले की खास बात यह होगी कि किसानों को आधुनिक तकनीकों और कृषि मशीनरी से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर मिल सकेगी। इसके साथ ही किसानों को कृषि यंत्रों के उपयोग, रखरखाव और उनसे होने वाले फायदे के बारे में भी विस्तार से बताया जाएगा। 

किसानों के लिए होगी “किसान पाठशाला”

मेले के दौरान किसानों के लिए प्रतिदिन “किसान पाठशाला” का आयोजन भी किया जाएगा। इसमें कृषि विशेषज्ञ किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों, नई मशीनों और उन्नत कृषि पद्धतियों के बारे में जानकारी देंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रेरित करना और उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाना है। 

91 प्रकार के कृषि यंत्रों पर मिलेगी सरकारी सब्सिडी

कृषि मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए कृषि यांत्रिकरण योजना के अंतर्गत कुल 91 प्रकार के कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के तहत किसानों को कृषि यंत्र खरीदने पर सरकार की ओर से सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इस वर्ष से एक महत्वपूर्ण बदलाव भी किया गया है। अब अनुदान राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और किसानों को समय पर लाभ मिल सकेगा।

कृषि यंत्रों पर अधिक अनुदान का विशेष प्रावधान

इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के किसानों के लिए कृषि यंत्रों पर अधिक सब्सिडी (अनुदान) का विशेष प्रावधान किया गया है। वहीं, 20 हजार रुपये या उससे कम अनुदान वाले कृषि यंत्रों पर पंजीकृत गैर-रैयत कृषक यानी वास्तविक खेतिहर किसान भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। किसान कृषि यंत्रों और सब्सिडी से जुड़ी अधिक जानकारी कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट, बिहार कृषि मोबाइल ऐप, जिला कृषि कार्यालय, प्रखंड कृषि कार्यालय या कृषि समन्वयक से प्राप्त कर सकते हैं।

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