साप्ताहिक मंडी भाव विश्लेषण: मक्का, चना, सोयाबीन, सरसों, गेहूं के भाव और आने वाले हफ्ते के संकेत
प्रकाशित - 20 Feb 2026 by Vivek Tailang
जानें, देश की प्रमुख मंडियों में क्या रहा कृषि जिंसों का भाव और आगे बाजार का रूख
इस सप्ताह देश की प्रमुख मंडियों में कृषि जिंसों के भाव में मिला-जुला रुख नजर आया। जहां मक्का की कीमतें स्थिर बनी रहीं, वहीं चना और सरसों में मजबूती देखने को मिली। सोयाबीन बाजार सुस्त रहा और गेहूं के भाव कमजोर बने रहे। मंडी रेट की यह ताजा जानकारी किसानों, व्यापारियों और एग्री-इंडस्ट्री से जुड़े निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत देती है।
मक्का का भाव स्थिर
इस सप्ताह मक्का बाजार में भाव का रुख स्थिर रहा। प्रमुख मंडियों में भाव लगभग 1,600 से 2,025 रुपए प्रति क्विंटल के दायरों में रहा। अधिकांश स्थानों पर भाव बिना बड़े उतार-चढ़ाव के कारोबार करते दिखे। बाजार में सप्लाई संतुलित रहने और नरम मांग के चलते भाव में कठोर तेजी नहीं देखी गई। आगे सप्लाई बढ़ने की उम्मीद के कारण ट्रेडर्स ने खरीद को थोड़ा संयम से किया।
ट्रेंड संकेत: स्थिर भाव राहत भरा है, पर मांग कमजोर हैं तो आगे दबाव बना रह सकता है।
चना में मिला-जुला रुख
चना बाजार में मिला‑जुला रुख रहा। चने के भावों में कहीं तेजी तो कहीं स्थिरता देखी गई। चना के भाव में मंडियों के हिसाब से भिन्नता रही। कुछ मंडियों में भाव लगातार मजबूत बने रहे, जबकि कुछ जगह स्थिरता दिखी। इस तरह का मिश्रित रुख दिखाता है कि मांग-आवक की स्थिति प्रदेश-विशेष के अनुसार बदल रही है।
ट्रेंड संकेत: कमजोर मांग वाले स्थानों पर भाव स्थिर, लेकिन बेहतर खरीद-दबाव वाले मंडियों में चना के भाव मजबूत रह सकते हैं।
सोयाबीन में सुस्ती, हल्की मंदी/मजबूती दोनों
सोयाबीन की कीमतें अधिकतर मंडियों में हल्की मंदी के साथ सुस्त रुख में रहीं, जैसे सोलापुर, नांदेड़ आदि में भाव में मिनिमम 20-100 रुपए की गिरावट देखी गई। वहीं कुछ मंडियों में हल्की तेजी भी देखने को मिली, जैसे दाहोद और देवास में भाव 50 रुपए तक ऊपर देखे गए। कुल मिलाकर सोयाबीन बाजार में मिश्रित ट्रेंड रहा।
ट्रेंड संकेत: मांग-आवक व प्लांटों पर दबाव के बीच भाव संतुलन स्थिति में है।
सरसों के दामों में मजबूती
सरसों के भाव में हल्की मजबूती का रुख नजर आया है। जयपुर, दिल्ली और कई अन्य नगरों में 50-100 रुपए की बढ़ोतरी देखी गई। जयपुर में भाव 6,825-6,850 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचा, भरतपुर और टोंक आदि में भी भाव बेहतर रहे। हालांकि कुछ जगह आवक दबाव का असर भी दिखा, लेकिन कुल मिलाकर सरसों का रुझान सकारात्मक रहा।
ट्रेंड संकेत: सप्लाई स्थिर होकर भी सरसों भाव में अच्छी मांग दिखी, जिससे भाव मजबूत बन पाया।
गेहूं के भाव कमजोर, सप्लाई दबाव
OMSS और FCI स्टॉक से बाजार शांत होने से गेहूं के भाव कमजोर रहे। गेहूं बाजार में इस सप्ताह भाव का रुख हल्का कमजोर दिखाई दिया। दिल्ली, इंदौर, दाहोद सहित कई मंडियों में गेहूं भाव में गिरावट देखी गई। सरकार के OMSS स्टॉक की बिक्री और FCI के ऊंचे स्टॉक के कारण सप्लाई की उपलब्धता आरामदायक बनी, जिससे भाव पर दबाव रहा।
ट्रेंड संकेत: सप्लाई एवं सरकारी नीलामी का दबाव भाव को सीमित दायरे में रखने की वजह बन रहा है।
साप्ताहिक भाव सारांश (एग्री जिन्स लिस्ट)
|
जिंस |
मुख्य भाव दायरा (₹/क्विंटल) |
रुख |
|
मक्का |
1,600 – 2,025 रुपए |
स्थिर |
|
चना |
मंडी मूल्यों में भिन्नता |
मिश्रित |
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सोयाबीन |
4,200 – 5,730 रुपए |
सुस्त/मिश्रित |
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सरसों |
6,350 – 7,250 रुपए |
मजबूत |
|
गेहूं |
2,400 – 2,820 रुपए |
कमजोर |
(ऊपर दी गई लिस्ट में भाव मंडी मार्केट के आधार पर है)
विश्लेषण: भाव पर क्या असर डाल रहा है
- मक्का के स्थिर भाव का कारण: सप्लाई संतुलित व निर्यात-मांग कमजोर।
- चना में मिश्रित रुख आपूर्ति-मांग भिन्नता दिखाता है।
- सोयाबीन सुस्त रहने का कारण है प्लांट धीमी खरीद तथा आवक की व्यापकता।
- सरसों मजबूत हुआ क्योंकि स्थानीय मांग तथा मौसम-उपयोगी खबरों ने सकारात्मक संकेत दिये।
- गेहूं कमजोर रहा FCI और OMSS स्टॉक के दबाव से।
किसानों व व्यापारियों के लिए सलाह
भाव टैट्रेंड पर ध्यान दें, स्थिर भाव का मतलब बाजार संतुलन है, जबकि मजबूत भाव मांग-सकारात्मक संकेत देता है। सप्लाई का दबाव जैसे सरकारी स्टॉक और निर्यात मांग भाव को प्रभावित करते हैं। निवेश के मामले में एग्री-इंडस्ट्री के शेयरों को देखते समय थोक भाव व सीजनल सप्लाई संकेत महत्वपूर्ण होते हैं।
बता दें कि मंडी भावों में प्रतिदिन उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में किसानों को चाहिए कि वे अपनी फसल बेचने से पहले अपनी निकटतम मंडी से भावों की जानकारी अवश्य लें और उसके बाद ही फसल को बेचने के संबंध में उचित निर्णय लें।
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