मात्र 10% खर्च में पाइए सिंचाई के आधुनिक यंत्र, सरकार दे रही 90% सब्सिडी

Share Product प्रकाशित - 18 Apr 2025 by Tractor Junction

मात्र 10% खर्च में पाइए सिंचाई के आधुनिक यंत्र, सरकार दे रही 90% सब्सिडी

कम पानी में होगी पूरे खेत की सिंचाई, खेती की लागत के साथ बढ़ेगा उत्पादन

किसानों को कृषि यंत्र अनुदान योजना (Krishi Yantra Anudan Yojana) के साथ ही प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत माइक्रो इरिगेशन (Micro Irrigation) के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत किसानों को कम पानी में अधिक क्षेत्र में सिंचाई का फायदा मिलेगा। योजना के तहत ड्रिप सिंचाई व फव्वारा सिंचाई यंत्र पर किसानों को 90 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जा रहा है। निरंतर घटते जल स्रोतों के कारण आज ड्रिप सिंचाई व फव्वारा सिंचाई (Drip irrigation and Sprinkler irrigation) खेती के लिए एक आवश्यकता हो चुकी है। ऐसे में किसानों को अधिक से अधिक इस योजना का लाभ उठाना चाहिए। सरकार भी इसके लिए सब्सिडी दे रही है जिससे किसान बहुत ही कम कीमत पर अपनी फसलों की सिंचाई कम पानी व कम खर्च में कर सकते हैं। इसके लिए किसान सरकार की योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं और इसका लाभ उठा सकते हैं।

ड्रिप व फव्वारा सिंचाई से किस तरह होती है पानी की बचत

वर्तमान समय में कम पानी में अधिक सिंचाई के लिए ड्रिप व फव्वारा सिंचाई पद्धति काफी कारगर सिद्ध हो रही है। आज बहुत से किसान इस तकनीक का लाभ उठाकर कम पानी में अधिक फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। किसान माइक्रो इरिगेशन योजना के तहत इस सिंचाई पद्धति का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए सरकार की ओर से बूंद–बूंद सिंचाई के अंतर्गत माइक्रो इरिगेशन योजना के तहत “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” के अलावा टपक सिंचाई, फव्वारा, ड्रिप, स्प्रिंकलर सिंचाई यंत्र के लिए किसानों को सब्सिडी (Subsidy) दी जा रही है। इन सिंचाई यंत्रों से पानी की बचत के साथ ही पैदावार में बढ़ोतरी की जा सकती है। जानकारी के अनुसार ड्रिप सिंचाई से पानी पौधों की जड़ों के पास सीधा पहुंचता है जिससे नमी बनी रहती है। इस विधि से सिंचाई करने पर पानी की 70 से 90 प्रतिशत तक बचत की जा सकती है। वहीं फव्वारा सिंचाई से पानी को हवा में छिड़काव करके फसलों की सिंचाई की जाती है। इस विधि से पौधों व मिट्टी को पानी मिलता है। इस विधि से सिंचाई करने पर पारंपरिक सिंचाई की तुलना में 25 से 30 प्रतिशत तक पानी की बचत की जा सकती है। इस तरह किसान इस योजना के तहत ड्रिप व फव्वारा सिंचाई यंत्र के जरिए कम पानी में फसलों को तैयार कर सकते हैं।

ड्रिप सिंचाई व फव्वारा सिंचाई यंत्र के लिए कितनी मिलेगी सब्सिडी (Subsidy)

सरकार की ओर से “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” योजना के अंतर्गत किसानों को माइक्रो इरिगेशन सिस्टम, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई यंत्र लगाने के लिए 40 से लेकर 90 प्रतिशत तक सब्सिडी (Subsidy) दी जा रही है। इसके तहत ड्रिप व मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम के अंतर्गत लघु, सीमांत किसानों को 90 प्रतिशत, सामान्य किसानों (2 हेक्टेयर से अधिक जोत) को 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।

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ड्रिप व फव्वारा सिंचाई यंत्र के लिए आवेदन हेतु किन दस्तावेजों (Documents) की होगी आवश्यकता–

“पर ड्रॉप मोर क्रॉप” योजना के अंतर्गत किसानों को माइक्रो इरिगेशन सिस्टम, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई यंत्र लगाने के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए किसानों को कुछ दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। योजना के तहत किसानों को आवेदन के लिए जिन दस्तावेजों की जरूरत होगी, वे दस्तावेज (Documents) इस प्रकार हैं–

  • आवेदन करने वाले किसान का आधार कार्ड
  • किसान की बैंक पासबुक की कॉपी
  • किसान के खेत के कागजात
  • किसान का मोबाइल नंबर जो आधार से लिंक हो आदि।

कौन ले सकता है योजना का लाभ

यदि आप यूपी के किसान हैं तो आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। जिला उद्यान अधिकारी प्रमोद कुमार यादव के अनुसार, अमेठी सहित अन्य जिलों के किसान इस योजना का फायदा लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया बिल्कुल नि:शुल्क है। इसके लिए किसानों को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप व स्प्रिंकलर सिस्टम पर अनुदान दिया जा रहा है।

किसान ड्रिप व फव्वारा सिंचाई यंत्र के लिए कहां करें आवेदन

किसान “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” योजना के अंतर्गत माइक्रो इरिगेशन सिस्टम, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई यंत्र लगाने के लिए ऑनलाइन पंजीयन करा सकते हैं। इसके लिए किसानों को उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के पोर्टल http://dbt.uphorticulture.in/pmksy_schemes.aspx पर पंजीकरण कराना होगा। योजना का लाभ प्रथम आवक–प्रथम पावक के सिद्धांत पर प्रदान किया जाएगा। इसके बाद अनुदान की धनराशि संतोषजनक कार्य के सत्यापन के बाद डीबीटी (DBT) के माध्यम से लाभार्थी के आधार से सीडेड बैंक खाते में एवं बैंक ऋण की स्थिति में लाभार्थी के आधार सीडेड ऋण खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

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