कृषि यंत्र अनुदान योजना: किसानों को आधे दामों में मिलेंगे ये 6 कृषि यंत्र

जानें, किन कृषि यंत्रों पर दी जा रही है सब्सिडी और कैसे करना होगा आवेदन

किसानों को खेती की लागत को कम करके उनकी आय बढ़ाने के प्रयास सरकार की ओर से किए जा रहे हैं। इसके लिए किसानों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अनुदान का लाभ प्रदान किया जा रहा है। किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक सहित कृषि यंत्रों की खरीद पर भी अनुदान का लाभ प्रदान किया जाता है। इसी कड़ी में राजस्थान सरकार की ओर से किसानों को खेती में काम आने वाले 6 कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के तहत किसान आधी कीमत पर ये कृषि यंत्र खरीद सकते हैं। ये सब्सिडी किसानों को कृषि यंत्र की लागत पर दी जाएगी। बता दें कि राजस्थान सरकार की ओर से अलग-अलग कृषि यंत्रों पर अलग-अलग सब्सिडी दी जाती है जो 20 से लेकर 50 प्रतिशत तक होती है। इसमें अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति व महिला किसानों को प्राथमिकता दी जाती है।

आज हम ट्रैक्टर जंक्शन की इस पोस्ट में आपको कृषि यंत्र अनुदान योजना राजस्थान की जानकारी दे रहे हैं।

किन कृषि यंत्रों पर मिलेगी सब्सिडी

राजस्थान सरकार की ओर से किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद के लिए अनुदान का लाभ प्रदान किया जाता है। इसके लिए समय-समय पर किसानों से आवेदन मांगे जाते हैं। इस समय जिन कृषि यंत्रों की खरीद करके किसान सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं, वे 6 कृषि यंत्र इस प्रकार से है

  1. सीड ड्रिल/फर्टीलाइजर ड्रिल (Seed drill Fertilizer drill)
  2. डिस्क प्लाऊ/ डिस्क हैरो (Disc plough/ Disc harrow)
  3. रोटावेटर (rotavator)
  4. मल्टी क्रॉप थ्रेसर (Multi Crop Thresher)
  5. रिज फरो प्लांटर/ मल्टी क्रॅाप प्लांटर/ ट्रैक्टर ऑपरेटेड रिपर  ( Ridge furrow planter / Multi crop planter / Tractor operated ripper)
  6. चिजल प्लाऊ (Chisel Plow)

किस कृषि यंत्र पर कितनी मिलेगी सब्सिडी

राजस्थान सरकार की ओर से वर्गानुसार किसानों को सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाता है। इसमें सामान्य किसानों को 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के किसानों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। इसमें लघु, सीमांत और महिला किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। किस यंत्र कितनी सब्सिडी दी जाएगी,  इसका विवरण इस प्रकार से है

सीड ड्रिल/सीड कम फर्टीलाइजर ड्रिल पर मिलने वाला अनुदान

20 बीएचपी से कम क्षमता से कम की क्षमता से 35 बीएचपी से अधिक की क्षमता तक के सीड ड्रिल या सीड कम फर्टीलाइजर ड्रिल पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु, सीमांत व महिला किसानों को कृषि यंत्र के मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम 15 सेलेकर 28 हजार रुपए जो भी कम हो अनुदान दिया जाएगा। वहीं समान्य श्रेणी के किसानों को 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा जो अधिकतम 12000 से लेकर 22,400 रुपए तक जो भी कम हो दिया जाएगा।

डिस्क प्लाऊ/ डिस्क हैरो पर दिया जाने वाला अनुदान

20 बीएचपी से कम क्षमता से कम की क्षमता से 35 बीएचपी से अधिक की क्षमता तक के डिस्क प्लाऊ या डिस्क हैरो पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु, सीमांत व महिला किसानों को 50 प्रतिशत जो अधिकतम 20,000 रुपए से लेकर 50,000 हजार रुपए तक जो भी कम होगी दी जाएगी। वहीं सामान्य श्रेणी किसानों को 40 प्रतिशत या 16,000 रुपए से लेकर 40,000 रुपए तक की जो भी कम हो अनुदान दिया जाएगा।

रोटावेटर पर दिया जाने वाला अनुदान

20 बीएचपी से कम क्षमता से अधिक की क्षमता से 35 बीएचपी से अधिक की क्षमता तक के रोटावेटर पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु, सीमांत व महिला किसानों को 50 प्रतिशत या अधिकतम 42,000 से लेकर 50,400 जो भी कम हो अनुदान दिया जाएगा। वहीं सामान्य श्रेणी किसानों को 40 प्रतिशत या अधिकतम 34,000 से लेकर 40,300 रुपए तक जो भी कम हो अनुदान दिया जाएगा।

मल्टी क्रॉप थ्रेसर पर दिए जाने वाला अनुदान

20 बीएचपी से कम क्षमता से कम की क्षमता से 35 बीएचपी से अधिक की क्षमता तक के मल्टी क्रॉप थ्रेसर पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु, सीमांत व महिला किसानों को 50 प्रतिशत या अधिकतम 30,000 रुपए से लेकर 1,00,000 रुपए तक जो भी कम हो अनुदान दिया जाएगा। वहीं सामान्य श्रेणी के किसानों को 40 प्रतिशत या 25,000 रुपए से लेकर 80,000 रुपए तक जो भी कम हो अनुदान दिया जाएगा।

रिज फरो प्लांटर/ मल्टी क्रॅाप प्लांटर/ ट्रैक्टर ऑपरेटेड रिपर पर दिए जाने वाला अनुदान

20 बीएचपी से कम क्षमता से कम की क्षमता से 35 बीएचपी से अधिक की क्षमता तक के रिज फरो प्लांटर/ मल्टी क्रॅाप प्लांटर/ ट्रैक्टर ऑपरेटेड रिपर पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु, सीमांत व महिला किसानों को 50 प्रतिशत या अधिकतम 30,000 से लेकर 75,000 रुपए तक जो भी कम हो अनुदान दिया जाएगा। वहीं सामान्य किसानों को 40 प्रतिशत या अधिकतम 24,000 रुपए से लेकर 60,000 रुपए तक का अनुदान दिया जाएगा।

चिजल प्लाऊ पर दिए जाने वाला अनुदान

20 बीएचपी से कम क्षमता से कम की क्षमता से 35 बीएचपी से अधिक की क्षमता तक के चिजल प्लाऊ पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु, सीमांत व महिला किसानों को 50 प्रतिशत या अधिकतम 10,000 रुपए से लेकर 20,000 रुपए तक जो भी कम हो अनुदान दिया जाएगा। वहीं सामान्य किसानों को 40 प्रतिशत या अधिकतम 8,000 से 16,000 रुपए तक जो भी कम हो अनुदान दिया जाएगा।

कृषि यंत्रों पर सब्सिडी के लिए आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज

कृषि यंत्रों पर सब्सिडी का लाभ प्राप्त करने के लिए आपको इसके लिए आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए आपको कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की आवश्यकता होगी, ये दस्तावेज इस प्रकार से हैं-

  • आवेदन करने वाले किसान का आधार कार्ड/जन आधार कार्ड
  • आवेदन करने वाले किसान का जाति प्रमाण-पत्र
  • आवेदक के खेत की जमाबंदी की नकल (जो छह माह से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए।)
  • ट्रैक्टर का पंजीयन प्रमाण-पत्र यानि आरसी की प्रति (ट्रैक्टर चलित यंत्रों के लिए अनिवार्य रूप से देनी होगी)

कृषि यंत्रों पर सब्सिडी के लिए किसान कहां करें आवेदन

कृषि यंत्रों पर सब्सिडी के लिए राज्य के इच्छुक किसानों को अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र या सीएससी सेंटर पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ किसानों को कुछ दस्तावेजों की साफ्ट कॉपी भी अटैच करनी होगी।  

कृषि यंत्रों पर सब्सिडी के लिए आवेदन करते समय ध्यान रखने वाली बातें

  • आवेदक के पास स्वयं के नाम से कृषि भूमि हो अथवा अविभाजित परिवार की स्थिति में राजस्व रिकार्ड में आवेदक का नाम होना जरूरी है।
  • ट्रैक्टर चलित कृषि यंत्र पर अनुदान प्राप्त करने के लिए ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन आवेदक के नाम से होना चाहिए।
  • एक किसान को विभाग की किसी भी योजना में एक प्रकार के कृषि यंत्र पर तीन वर्ष की कालावधि में केवल एक बार ही अनुदान देय होगा।
  • एक किसान को एक वित्तीय वर्ष में सभी योजनाओं में अलग प्रकार के अधिकतम तीन कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जा सकेगा।
  • राजकिसान पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का सत्यापन करने के बाद ऑनलाइन वरीयता क्रम के आधार पर कृषि यंत्रों पर सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाएगा।

कहां से करनी होगी कृषि यंत्रों की खरीद

राज्य के किसानों को किसी भी जिले में पंजीकृत निर्माता अथवा विक्रेता, जिनकी सूची राजकिसान साथी पोर्टल पर प्रदर्शित की गई है, उन्हीं से कृषि यंत्र की खरीद करने पर ही अनुदान का लाभ प्रदान किया जाएगा। कृषि यंत्रों की खरीद कृषि कार्यालय की प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने के बाद ही करनी होगी। स्वीकृति की जानकारी आवेदक के मोबाइल संदेश अथवा अपने क्षेत्र के कृषि पर्यवेक्षक के माध्यम से मिल जाएगी।

कैसे किया जाएगा किसानों को अनुदान का भुगतान

किसानों के कृषि यंत्रों पर दिए जाने वाले अनुदान की राशि भुगतान किसान के बैंक खाते में ऑनलाइन किया जाएगा। इससे पहले कृषि पर्यवेक्षक अथवा सहायक कृषि अधिकारी द्वारा यंत्र का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के समय किसान को कृषि यंत्र की खरीद का बिल प्रस्तुत करना होगा। उसी बिल अनुसार किसानों को सब्सिडी की राशि उनके खाते में दी जाएगी। 

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