खुशखबरी: किसानों को पिकअप खरीदने पर ₹3.25 लाख तक की सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन

सरकार ने शुरू की योजना, ₹6.50 लाख तक की निर्धारित लागत वाले वाहन पर मिलेगा 50 प्रतिशत तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया

बिहार में किसानों को खेती से जुड़ी उपज के परिवहन के लिए पिकअप वाहन खरीदने पर सरकार की ओर से ₹3.25 लाख तक की सब्सिडी दी जा रही है। बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय (कृषि विभाग) ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादों के परिवहन व विपणन को आसान बनाने के लिए ‘गेंदा फूल उत्पादन एवं प्रसंस्करण योजना’ शुरू की है। इस योजना के तहत गेंदा फूल की खेती से जुड़े किसानों को माल ढुलाई के लिए वाहन खरीदने पर अनुदान का लाभ दिया जाएगा।

योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक किसान 31 दिसंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि वाहन पर मिलने वाली सब्सिडी किसानों के लिए खेती की उपज को बाजार तक पहुंचाने में मददगार हो सकती है।

पिकअप वाहन खरीदने पर कितना मिलेगा अनुदान

योजना के तहत किसानों को माल ढुलाई के लिए वाहन खरीदने पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। वाहन की अधिकतम निर्धारित लागत ₹6.50 लाख तय की गई है। हालांकि, अनुदान की गणना वाहन के वास्तविक मूल्य या ₹3.25 लाख, जो भी कम हो, उसके आधार पर की जाएगी। इसका मतलब है कि पात्र किसान को वाहन खरीदने पर अधिकतम ₹3.25 लाख तक का अनुदान मिल सकता है। यदि वाहन की कीमत ₹6.50 लाख से कम है तो अनुदान की राशि उसके वास्तविक मूल्य के आधार पर तय होगी। वाहन पर मिलने वाली यह सहायता केवल उन्हीं किसानों के लिए है, जो योजना के तहत गेंदा फूल की खेती से जुड़े हैं।

गेंदा फूल की खेती पर भी मिलेगी सब्सिडी

इस योजना के तहत किसानों को गेंदा फूल की खेती के लिए भी आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रति हेक्टेयर गेंदा फूल उत्पादन की निर्धारित इकाई लागत ₹80,000 है, जिस पर 50 प्रतिशत की दर से अधिकतम ₹40,000 प्रति हेक्टेयर तक अनुदान दिया जाएगा। किसान न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर यानी 25 डिसमिल से लेकर अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि में खेती के लिए आवेदन कर सकते हैं। अनुदान की स्वीकृति योजना की शर्तों और पात्र क्षेत्र के सत्यापन के आधार पर होगी।

25 हेक्टेयर के क्लस्टर में होगी खेती

योजना के तहत गेंदा फूल की खेती को क्लस्टर आधारित तरीके से बढ़ावा दिया जाएगा। एक क्लस्टर का कुल क्षेत्रफल 25 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। इसके लिए एक पंचायत या दो समीपवर्ती पंचायतों को मिलाकर क्लस्टर बनाया जा सकता है। किसानों को निर्धारित क्लस्टर के अंदर ही आवेदन करना होगा। क्लस्टर से बाहर प्राप्त आवेदनों को निरस्त किया जा सकता है।

बटाईदार किसान भी कर सकते हैं आवेदन

जिन किसानों के पास अपनी जमीन नहीं है, वे भी निर्धारित शर्तों के साथ योजना का लाभ ले सकते हैं। बटाईदार या पट्टेदार किसान पट्टे या किराए की जमीन के लिए इकरारनामा के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। वहीं, भूमि दस्तावेजों में आवेदक का नाम स्पष्ट नहीं होने पर वंशावली भी लगानी होगी।

आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की होगी जरूरत

योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास 13 अंकों की डीबीटी किसान पंजीकरण संख्या, भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र (एलपीसी) या भू-स्वामित्व रसीद होनी चाहिए। गैर-स्वामित्व वाली जमीन के लिए इकरारनामा और आवश्यकता होने पर वंशावली देनी होगी। पिकअप वाहन पर सब्सिडी के लिए वाहन का कोटेशन, जमीन के कागजात और गेंदा खेती से संबंधित इकरारनामा भी जरूरी होगा। इन दस्तावेजों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार एक साथ मर्ज करके अपलोड करना होगा।

कैसे करें योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन

किसान सबसे पहले बिहार उद्यान निदेशालय के आधिकारिक पोर्टल horticulture.bihar.gov.in पर जाएं। इसके बाद “योजनाओं के लाभ हेतु आवेदन करें” पर क्लिक करें। यहां “गेंदा फूल उत्पादन एवं प्रसंस्करण योजना” का चयन कर 13 अंकों का डीबीटी किसान पंजीकरण नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद क्लस्टर, रकबा और अन्य जरूरी जानकारी भरकर दस्तावेज अपलोड करें। फॉर्म की जांच करने के बाद आवेदन सबमिट करें और पावती रसीद सुरक्षित रख लें। इस योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026 है। पात्र किसान समय रहते आवेदन करके पिकअप वाहन सहित योजना के अन्य लाभ का फायदा उठा सकते हैं।

“किसानों को पिकअप खरीदने पर ₹3.25 लाख तक की सब्सिडी” के संबंध में पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब (FAQ):

प्रश्न1. बिहार में पिकअप वाहन खरीदने पर कितनी सब्सिडी मिलेगी?
उत्तर: पात्र किसानों को पिकअप वाहन खरीदने पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। अधिकतम अनुदान ₹3.25 लाख तक निर्धारित है।

प्रश्न 2. पिकअप वाहन सब्सिडी के लिए वाहन की अधिकतम निर्धारित लागत कितनी है?
उत्तर: योजना के तहत वाहन की अधिकतम निर्धारित लागत ₹6.50 लाख है। अनुदान की गणना वाहन के वास्तविक मूल्य या ₹3.25 लाख, जो भी कम हो, के आधार पर की जाएगी।

प्रश्न 3. पिकअप वाहन पर सब्सिडी का लाभ कौन ले सकता है?
उत्तर: यह लाभ उन पात्र किसानों को मिलेगा जो बिहार की गेंदा फूल उत्पादन एवं प्रसंस्करण योजना के तहत गेंदा फूल की खेती से जुड़े हैं और योजना की निर्धारित शर्तें पूरी करते हैं।

प्रश्न 4. पिकअप वाहन सब्सिडी के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?
उत्तर: आवेदक के पास डीबीटी किसान पंजीकरण संख्या, भूमि संबंधी दस्तावेज, वाहन का कोटेशन और गेंदा फूल की खेती से संबंधित जरूरी दस्तावेज होने चाहिए।

प्रश्न 5. बिहार में पिकअप वाहन सब्सिडी के लिए आवेदन की अंतिम तारीख क्या है?
उत्तर: इस योजना के तहत पात्र किसान 31 दिसंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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