आत्मा योजना : किसानों की आय बढ़ाने में मददगार है यह खास योजना

किसानों को मिलती है कृषि यंत्र के इस्तेमाल की ट्रेनिंग, जानें, इसके लाभ

किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास सरकार की ओर से किए जा रहे हैं। इसके लिए सरकार की ओर से किसानों के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं तो कुछ नई योजनाओं की घोषणा की जा रही है। इन्हीं योजनाओं में से एक योजना आत्मा योजना भी है। यह योजना किसानों के लिए बड़े काम की योजना है। खास बात ये है कि इस योजना के जरिये किसानों को कृषि यंत्रों के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जाती है, साथ ही कृषि विशेषज्ञों के सुझाव भी मिलते हैं जिससे फसलों की पैदावार बढ़ाने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं इस योजना के तहत कृषि में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को पुरस्कार भी दिए जाते हैं। हाल ही में इस योजना के तहत राजस्थान किसान महोत्सव के समापन सत्र के दौरान 10 प्रगतिशील किसानों एवं पशुपालकों को राज्य स्तरीय कृषक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

ट्रैक्टर जंक्शन के माध्यम से आज हम आपको आत्मा योजना की जानकारी दे रहे हैं।

क्या है आत्मा योजना (Atma Yojana)

सरकार की ओर से किसानों के लिए आत्मा योजना का संचालन किया जा रहा है। इस योजना को वर्ष 2005-06 में शुरू किया गया था। इस योजना को किसान आत्मा योजना के नाम से भी जाना जाता है। इस योजना का पूरा नाम कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (Agricultural Technology Management Agency) है। इस योजना के तहत किसान और कृषि वैज्ञानिक एक साथ जुड़ते हैं जिससे किसानों को समय-समय पर कृषि संबंधी सुझाव मिलते हैं जो पैदावार को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसी के साथ इस योजना के माध्यम से किसानों को कृषि यंत्रों को इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग भी दी जाती है। ऐसे में यह योजना किसानों के लिए काफी लाभकारी योजना है।

आत्मा योजना के लाभ

  • आत्मा योजना में शामिल होने पर किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों के संचालन का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
  • इस योजना में अगर एक बार किसान जुड़ जाता है तो उसे लगातार इसका लाभ मिलता रहता है।
  • यह योजना किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है।
  • इस योजना के तहत किसानों को श्रेष्ठ कार्य के लिए पुरस्कार भी प्रदान किया जाता है।

आत्मा योजना के उद्‌देश्य

  • आत्मा योजना का उद्‌देश्य किसान समूहों व संगठन को प्रोत्साहन देना।
  • कृषि प्रसार प्रबंधन को सशक्त बनाना।
  • परिचालन, मार्गदर्शन एवं निर्णय लेने की प्रक्रिया का विकेंद्रीकरण करना।
  • किसानों की सक्रिय भागीदारी से सामरिक अनुसंधान एवं प्रसार योजना बनाना।
  • खंड स्तर के सभी भागीदारों के मध्य समन्वय एवं एकीकरण करना।
  • किसान समूहों या संगठनों को प्रोत्साहन देना।
  • प्रौद्योगिकी प्रसार में अंतर कम करना।
  • किसान का विपणन, प्रसंस्करण से जुड़ाव करना।
  • विस्तार विभाग का पुर्नगठन करना।
  • किसानों के लिए प्रशिक्षण और ज्ञावर्धक कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन करना।

आत्मा योजना के तहत किसानों के लाभार्थ संचालित की जाने वाली गतिविधियां

आत्मा योजना के तहत किसानों के लिए समय-समय पर कृषक प्रशिक्षण व ज्ञानवर्धक कार्यक्रम, फसल प्रदर्शन, कृषक भ्रमण कार्यकम आयोजित किए जाते हैं, इस योजना के तहत आयोजित किए जाने वाली गतिविधियां इस प्रकार से हैं

कृषक पुरस्कार

आत्मा योजना के तहत कृषि एवं इससे संबंद्ध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को राज्य, जिला तथा पंचायत समिति स्तरीय पुरस्कार से प्रतिवर्ष सम्मानित किए जाने का प्रावधान है। इस योजना के तहत राज्य, जिला तथा पंचायत समिति स्तर पर चयनित किसानों को क्रमश: 50 हजार, 25 हजार रुपए व 10,000 रुपए दिए जाने का प्रावधान है।

कृषि प्रदर्शनी एवं किसान मेला

इस कार्यक्रम के तहत प्रत्येक जिले में किसानों को कृषि की नई तकनीकी एवं योजनाओं की जानकारी देने के लिए किसान मेले के आयोजन का प्रावधान है जिसके लिए 4 लाख रुपए खर्च किए जाने का प्रावधान है। इस मेले में कृषि वैज्ञानिक, विभागीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि भाग लेते हैं और किसानों को कृषि की योजनाओं एवं तकनीक की जानकारी देते हैं।  

किसान गोष्ठियां एवं क्षेत्र दिवस

राज्य के प्रत्येक ब्लॉक में खरीफ और रबी सीजन में किसानों को नवीनतम कृषि जानकारी देने के लिए किसान गोष्ठियों एवं क्षेत्र दिवस का आयोजन किया जाता है। इसमें प्रत्येक गोष्ठी में 100 प्रगतिशील किसान शामिल किए जाते हैं। गोष्ठी के आयोजन पर 15000 रुपए व्यय करने का प्रावधान है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम

आत्मा योजना के तहत राज्य के बाहर या राज्य के अंदर परंतु जिले के बाहर तथा जिले के अंदर तकनीकी ज्ञान में बढ़ोतरी के लिए किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस प्रशिक्षण के तहत क्रमश: अधिकतम राशि 1250 रुपए, 1000 रुपए व्यय किए जाते हैं। वहीं जिले के अंदर प्रशिक्षण जिसमें गैर संस्थागत या संस्थागत प्रशिक्षण शामिल है। इसके लिए 250-400 रुपए प्रति किसान प्रतिदिन की दर से खर्च किए जाने का प्रावधान है।

किसान भ्रमण

आत्मा योजना के तहत किसानों को भ्रमण भी कराया जाता है। इसमें राज्य के बाहर, राज्य के अंदर परंतु जिले के बाहर तथा जिले के अंदर तकनीकी ज्ञान में बढ़ोतरी के लिए किसान भ्रमण कार्यक्रम आयोजित कराए जाते हैं। इसमें क्रमश: अधिकतम राशि 1000 रुपए या 500 रुपए व  300 रुपए प्रति किसान प्रतिदिन की दर से खर्च किए जाने का प्रावधान है।

प्रदर्शन

प्रदर्शन कार्यक्रम के तहत कृषि एवं इससे संबद्ध क्षेत्र में जिले की आवश्यकतानुसार प्रदर्शनों का आयोजन किया जाता है। इसके तहत विभिन्न आदानों जैसे बीज, उर्वरक, रसायन आदि के साथ- साथ नवीनतम तकनीकी की जानकारी दी जाती है। इसके लिए कुल प्रदर्शन लागत का अधिकतम अनुदान 400 रुपए प्रति प्रदर्शन (0.4 हैक्टेयर) योजना द्वारा वहन किया जाता है।

फार्म स्कूल का संचालन

इस प्रकार के स्कूल का संचालन एक स्थानीय प्रगतिशील किसान द्वारा किया जाता है। इस फार्म स्कूल में प्रशिक्षणार्थियों के रूप में आसपास के क्षेत्र के किसान, कृषक रूचि समूह अथवा कृषि उत्पाद रूचि समूह के लीडर होते हैं। फार्म स्कूल के जरिये प्रतिभागी किसानों के लिए संपूर्ण फसल सीजन में तकनीकी सहायता या प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं।

कृषक रूचि समूह

आत्मा योजना में कृषक रूचि समूह (एफआईजी) अथवा कृषि उत्पाद रूचि समूह (सीआईजी) या कृषक संगठन (एफओ) का गठन किया जाता है। इन समूहों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।

नवाचार गतिविधियां

इसके तहत राज्य के किसान या कोई संस्था इस प्रकार का कोई कार्यक्रम अपना रहे हो जिसमें किसानों की फसलों का उत्पादन बढ़ता हो एवं वह कार्यक्रम विभाग की किसी भी योजना में शामिल नही हो तो उसे नवाचार गतिविधि के रूप में इस योजना में शामिल किया जाता है। इसके लिए प्रत्येक जिले में इस हेतु 5 लाख रुपए तक का प्रावधान है।

आत्मा योजना के लिए पात्रता

  • इस योजना में किसान व्यक्तिगत रूप से जुड़ सकते हैं।
  • वहीं किसान समूह बनाकर की भी इस योजना में शामिल हो सकते हैं।

आत्मा योजना में कैसे करें आवेदन

आत्मा योजना में शामिल होने के लिए किसानों को इसके लिए आवेदन करना होता है। इसके लिए किसानों को कुछ दस्तावेज जैसे आधार कार्ड और बैंक पासबुक की प्रति, मोबाइल नंबर आदि की आवश्यकता होती है। इसके लिए किसान ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों तरीके से आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए आपको कृषोन्नति योजना के कृषि विस्तार पर उपमिशन- आत्मा योजना की आधिकारिक वेबसाइट http://www.agriculture.rajasthan.gov.in/content/agr पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। बता दें कि इस योजना में आवेदन नि:शुल्क है। कोई भी किसान इसमें आवेदन कर सकता है। इस योजना की अधिक जानकारी के लिए किसान अपने जिले के कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

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