एमएसपी पर गेहूं खरीदी तेज, किसानों के खातों में ₹1333 करोड़ रुपए ट्रांसफर
प्रकाशित - 27 Apr 2026 by Vivek Tailang
3 लाख किसानों से 12.94 लाख टन खरीद; स्लॉट बुकिंग और बोनस पर नई अपडेट
मध्यप्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान गेहूं खरीदी अभियान तेजी पकड़ चुका है। राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर किसानों से बड़े पैमाने पर उपार्जन किया जा रहा है, जिससे किसानों को न सिर्फ अपनी उपज का उचित दाम मिल रहा है, बल्कि भुगतान भी समय पर सीधे उनके बैंक खातों में पहुंच रहा है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अनुसार, अब तक प्रदेश में 3 लाख 5 हजार से अधिक किसानों से करीब 12.94 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि इस बार खरीदी प्रक्रिया न केवल व्यवस्थित है, बल्कि तेज गति से आगे बढ़ रही है।
किसानों के खातों में 1333 करोड़ रुपए ट्रांसफर
सरकार ने भुगतान व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी है। अब तक एक लाख से ज्यादा किसानों के खातों में लगभग 1333 करोड़ रुपए की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। सीधे खाते में भुगतान होने से किसानों को किसी तरह की देरी या बिचौलियों की समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। खरीदी प्रक्रिया को सुचारु और पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेशभर में 3000 से अधिक उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को बेहतर किया गया है। खासतौर पर तुलाई की प्रक्रिया को तेज करने के लिए तौल कांटों की संख्या बढ़ाई गई है, जिससे लंबी कतारों और देरी की समस्या कम हुई है।
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स्लॉट बुकिंग में बड़ा बदलाव
सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए स्लॉट बुकिंग व्यवस्था में भी अहम बदलाव किया है। पहले प्रति केंद्र प्रतिदिन गेहूं खरीदी की सीमा 1000 क्विंटल थी, जिसे बढ़ाकर पहले 1500 और अब 2250 क्विंटल कर दिया गया है। इस फैसले से ज्यादा किसानों को कम समय में अपनी फसल बेचने का मौका मिल रहा है। अब तक 7 लाख से अधिक किसानों ने 30 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक कर लिया है। साथ ही जिन किसानों के कुछ खसरे तकनीकी कारणों से सत्यापित नहीं हो पाए, उन्हें भी आंशिक रूप से स्लॉट बुकिंग की सुविधा दी गई है। इससे ज्यादा से ज्यादा किसानों को खरीदी प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है।
उपार्जन केंद्रों पर बेहतर सुविधाएं
सरकार ने उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए जरूरी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का दावा किया है। केंद्रों पर छायादार बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, बारदाना, तौल कांटे, सिलाई मशीन, कंप्यूटर और इंटरनेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा गुणवत्ता जांच के उपकरण भी लगाए गए हैं ताकि गेहूं की सही गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। किसानों को धूल-मिट्टी से राहत देने के लिए सफाई उपकरण जैसे पंखे और छनना भी उपलब्ध हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य यह है कि किसान बिना किसी परेशानी के अपनी उपज बेच सकें।
एमएसपी (MSP) के साथ बोनस का फायदा
इस वर्ष राज्य सरकार किसानों को एमएसपी (MSP) के साथ अतिरिक्त बोनस का लाभ भी दे रही है। गेहूं की खरीदी 2585 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य के साथ 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस जोड़कर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। इससे किसानों को बाजार की तुलना में बेहतर कीमत मिल रही है। खरीदे गए गेहूं के सुरक्षित भंडारण के लिए पर्याप्त मात्रा में जूट और पीपी/एचडीपी बैग उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही अब तक करीब 9.69 लाख मीट्रिक टन गेहूं का परिवहन भी किया जा चुका है, जिससे स्टोरेज व्यवस्था पर दबाव कम हो रहा है। कुल मिलाकर देखा जाए तो इस बार मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी प्रक्रिया तेज, व्यवस्थित और किसान हितैषी नजर आ रही है। समय पर भुगतान, बेहतर सुविधाएं और बढ़ी हुई स्लॉट बुकिंग क्षमता किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
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