बासमती बीज मेला 23 अप्रैल को मेरठ में, किसानों को मिलेंगी डीएनए प्रमाणित उन्नत किस्में
प्रकाशित - 22 Apr 2026 by Vivek Tailang
मोदीपुरम में लगेगा मेला, तय दर पर बीज वितरण; कई राज्यों से किसानों के पहुंचने की उम्मीद
मेरठ के मोदीपुरम स्थित बासमती निर्यात विकास फाउंडेशन (BEDF) परिसर में 23 अप्रैल 2026 को बासमती बीज बिक्री मेले का आयोजन किया जाएगा। एपीडा (APEDA) के तहत होने वाले इस मेले में देश के विभिन्न राज्यों से किसानों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नत और प्रमाणित बासमती बीज उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी पैदावार और आय में सुधार हो सके। आइए जानते हैं, बासमती बीज मेला 2026 में किसानों के लिए क्या खास रहेगा।
बासमती की किन किस्मों का किया जाएगा वितरण
मेले में किसानों को बासमती चावल की कई उन्नत किस्में उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनका वितरण ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा। प्रमुख किस्मों में पूसा बासमती 1121, 1885, 1718, 1509, 1692, पूसा बासमती 1, 1401 और 1847 शामिल हैं। ये सभी किस्में बेहतर उत्पादन और गुणवत्ता के लिए जानी जाती हैं, जिससे किसानों को बाजार में अच्छी कीमत मिलने की संभावना रहती है।
कितने किलो पैक में उपलब्ध होंगे बीज
मेले में सभी बीज 10 किलोग्राम के पैक में उपलब्ध होंगे। इनकी कीमत 100 रुपये प्रति किलोग्राम तय की गई है, जिससे किसानों को एक समान दर पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिल सके। भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है, जिसमें केवल QR कोड, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन या डेबिट कार्ड के जरिए ही भुगतान स्वीकार किया जाएगा। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और नकद लेन-देन की जरूरत नहीं होगी।
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उच्च गुणवत्ता और डीएनए प्रमाणित बीज
आयोजकों के अनुसार, मेले में उपलब्ध कराए जाने वाले सभी बीज उच्च गुणवत्ता के होंगे और डीएनए (DNA) प्रमाणित होंगे। इसका मतलब है कि बीजों की शुद्धता और किस्म की प्रमाणिकता सुनिश्चित की गई है। इससे किसानों को बेहतर अंकुरण, अधिक उत्पादन और अच्छी क्वालिटी की फसल मिलने की उम्मीद रहती है।
किसान गोष्ठी में मिलेंगी तकनीकी जानकारी
बीज वितरण के साथ ही मेले में किसान गोष्ठी का भी आयोजन किया जाएगा। इस गोष्ठी में कृषि विशेषज्ञ किसानों को बासमती की उन्नत खेती तकनीक, रोग प्रबंधन, उर्वरक उपयोग और बेहतर उत्पादन के तरीकों के बारे में जानकारी देंगे। इससे किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों को अपनाने में सहायता मिलेगी।
कई राज्यों से किसानों के आने की संभावना
हर साल की तरह इस बार भी मेले में पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और जम्मू जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने की उम्मीद है। इस तरह के आयोजन किसानों के बीच जानकारी के आदान-प्रदान और नई तकनीकों को अपनाने का अच्छा अवसर भी प्रदान करते हैं।
बासमती चावल की खासियत
बासमती चावल भारतीय उपमहाद्वीप की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों में उगाई जाने वाली लंबी दाने वाली सुगंधित किस्म है। इसकी खेती का इतिहास सदियों पुराना माना जाता है। अपने खास स्वाद, खुशबू और पकने के गुणों के कारण यह दुनियाभर में प्रीमियम चावल के रूप में पहचाना जाता है। होटल और रेस्टोरेंट उद्योग में भी इसकी मांग लगातार बनी रहती है। 5 फरवरी 2016 को बासमती को भौगोलिक संकेतक (GI) का दर्जा मिला, जिससे इसकी पहचान और शुद्धता को कानूनी सुरक्षा मिली। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी विश्वसनीयता और बढ़ी है।
ट्रेसबिलिटी सिस्टम से गुणवत्ता की निगरानी
बासमती की गुणवत्ता और प्रमाणिकता बनाए रखने के लिए एपीडा अहम भूमिका निभाता है। इसी दिशा में बासमती नेट (Basmati.Net) नाम का वेब आधारित ट्रेसबिलिटी सिस्टम विकसित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म उत्पादन से लेकर निर्यात तक पूरी सप्लाई चेन को डिजिटल रूप से जोड़ता है। इस सिस्टम के जरिए जुड़े सभी हितधारक अपनी गतिविधियों का रिकॉर्ड दर्ज करते हैं, जिससे उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले बासमती चावल की गुणवत्ता और असलियत सुनिश्चित की जा सके। कुल मिलाकर, मेरठ में आयोजित होने वाला यह बासमती बीज मेला किसानों के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है, जहां उन्हें उन्नत, प्रमाणित बीज के साथ-साथ नई तकनीकों की जानकारी भी एक ही मंच पर मिलेगी।
“बासमती बीज मेला 2026” के संबंध में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब (FAQ):
प्रश्न 1. बासमती बीज मेला कब और कहां लगेगा?
उत्तर: यह मेला 23 अप्रैल 2026 को मेरठ के मोदीपुरम स्थित BEDF परिसर में आयोजित किया जाएगा।
प्रश्न 2. मेले में कौन-कौन सी बासमती किस्में मिलेंगी?
उत्तर: मेले में पूसा बासमती 1121, 1885, 1718, 1509, 1692, पूसा बासमती 1, 1401 और 1847 जैसी उन्नत किस्में उपलब्ध होंगी।
प्रश्न 3. बीज की कीमत क्या होगी?
उत्तर: बीज की कीमत 100 रुपये प्रति किलोग्राम तय की गई है और यह 10 किलो पैक में मिलेगा।
प्रश्न 4. बीज वितरण कैसे होगा?
उत्तर: बीज ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर वितरित किए जाएंगे।
प्रश्न 5. भुगतान का तरीका क्या होगा?
उत्तर: भुगतान केवल QR कोड, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन या डेबिट कार्ड के जरिए ही स्वीकार किया जाएगा।
प्रश्न 6. क्या बीज प्रमाणित होंगे?
उत्तर: हाँ, मेले में मिलने वाले सभी बीज DNA प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाले होंगे।
प्रश्न 7. क्या मेले में अन्य कार्यक्रम भी होंगे?
उत्तर: हाँ, मेले में किसान गोष्ठी का आयोजन भी होगा, जिसमें विशेषज्ञ खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी देंगे।
प्रश्न 8. किन राज्यों के किसान इसमें भाग ले सकते हैं?
उत्तर: इस मेले में पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और जम्मू सहित कई राज्यों के किसानों के आने की संभावना है।
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