किसानों के लिए बड़ी खबर: एमएसपी पर धान, ज्वार और बाजरा खरीद की नीति जारी

Share Product प्रकाशित - 20 Nov 2025 by Vivek Tailang

किसानों के लिए बड़ी खबर: एमएसपी पर धान, ज्वार और बाजरा खरीद की नीति जारी

सरकार ने की धान, ज्वार और बाजरा की MSP पर खरीद नीति की घोषणा, जानिए किस तारीख से शुरू होगी खरीद

किसानों को उनकी उपज का उचित और सुनिश्चित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर विभिन्न फसलों की खरीद करती है। इस दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने इस वर्ष धान, ज्वार और बाजरा की खरीद के लिए नई उपार्जन नीति घोषित कर दी है। नीति के अंतर्गत प्रदेशभर के किसानों से औसत अच्छी गुणवत्ता वाली धान, ज्वार और बाजरा की खरीदी निर्धारित तिथियों पर की जाएगी। 

किस तारीख से शुरू होगी धान, ज्वार और बाजरा खरीद की खरीद

राज्य सरकार की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार ज्वार और बाजरा की खरीद 24 नवंबर 2025 से 24 दिसंबर 2025 तक की जाएगी। वहीं, धान की खरीद 1 दिसंबर 2025 से प्रारंभ होकर 20 जनवरी 2026 तक चलेगी। खरीद कार्य सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक संचालित होगा। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि किसानों को लंबे समय तक अपनी उपज बेचने का अवसर मिल सके और खरीदी केंद्रों पर भीड़ न बढ़े। 

नीति के पालन के लिए अधिकारियों को निर्देश

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि समर्थन मूल्य पर खरीदी सुचारू रूप से हो सके, इसके लिए प्रदेश के सभी कलेक्टर्स, नागरिक आपूर्ति निगम और वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। मंत्री ने कहा कि उपार्जन नीति का अक्षरशः पालन कराया जाएगा और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक पात्र किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो सके। 

किसानों की सुविधा के अनुसार होंगे उपार्जन केंद्र

खाद्य मंत्री ने यह भी बताया कि उपार्जन केंद्रों का निर्धारण किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। प्रयास होगा कि उपार्जन केंद्र गोदाम या कैंप परिसर में ही स्थापित किए जाएं, ताकि संग्रहण और परिवहन की प्रक्रिया सरल हो सके। यदि किसी क्षेत्र में गोदाम उपलब्ध नहीं हैं, तो समितियों अथवा अन्य उपयुक्त स्थानों पर उपार्जन केंद्र स्थापित किए जा सकेंगे। जिला स्तर पर उपार्जन केंद्रों की संख्या किसान पंजीयन, पंजीयन में दर्ज फसल रकबा और पिछले वर्ष के उपार्जन केंद्रों के आधार पर तय की जाएगी। इस प्रक्रिया का दायित्व राज्य उपार्जन समिति पर रहेगा। 

बारदाना व्यवस्था के लिए विशेष प्रावधान

धान, ज्वार और बाजरा की खरीदी के दौरान बारदाना व्यवस्था भी नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि धान उपार्जन के लिए 46 प्रतिशत पुराने और 54 प्रतिशत नए जूट बारदाने का उपयोग किया जाएगा। इसकी व्यवस्था उपार्जन एजेंसी द्वारा समय पर की जाएगी। वहीं ज्वार और बाजरा का उपार्जन 100% नए जूट बारदाने में किया जाएगा। उपार्जन केंद्रों पर अनाज की गुणवत्ता का परीक्षण भी अनिवार्य रहेगा। केंद्र में उपार्जन करने वाली संस्था और भंडारण स्थल पर उपार्जन एजेंसी इसकी जिम्मेदारी संभालेगी। केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित यूनिफॉर्म स्पेसिफिकेशन्स के अनुसार ही खरीदी की जाएगी। 

किसानों को उपज बेचने के लिए स्लॉट बुक कराना होगा

इस वर्ष उपार्जन प्रक्रिया को और व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने के लिए किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए स्लॉट बुकिंग करानी होगी। किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग अनिवार्य कर दी गई है ताकि खरीदी केंद्रों पर भीड़ नियंत्रित रह सके और उनकी उपज समय पर खरीदी जा सके।

किसान पंजीयन में दर्ज फसल रकबा और तहसीलवार उत्पादकता के आधार पर किसान के लिए अधिकतम विक्रय योग्य मात्रा निर्धारित की जाएगी। मंडियों में एफएक्यू (FAq) मानक की धान, ज्वार और बाजरा की खरीद समर्थन मूल्य से कम पर नहीं की जाएगी। नॉन-एफएक्यू (Non FAq) उपज का सैंपल कृषि उपज मंडी द्वारा संधारित किया जाएगा। 

क्या है धान, ज्वार और बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2025-26 

मध्यप्रदेश में फसलों की खरीद केंद्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी। इस वर्ष MSP इस प्रकार है-

  • धान (कॉमन): 2369 रुपए प्रति क्विंटल
  • धान (ग्रेड–ए): 2389 रुपए प्रति क्विंटल
  • ज्वार (मालदांडी): 3749 रुपए प्रति क्विंटल
  • ज्वार (हाइब्रिड): 3699 रुपए प्रति क्विंटल
     
  • बाजरा: 2775 रुपए प्रति क्विंटल

एमएसपी (MSP) पर खरीदी से किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम निश्चित मूल्य प्राप्त होता है, जिससे बाजार की अनिश्चितता के बीच उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलती है। सरकार का यह निर्णय रबी और खरीफ दोनों सीजन के किसानों के लिए राहत लेकर आया है।

किसानों की सुविधा और लाभ को सर्वोच्च प्राथमिकता

धान, ज्वार और बाजरा खरीद नीति की घोषणा के साथ ही मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देने और उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। समयबद्ध खरीदी, स्लॉट बुकिंग व्यवस्था, पारदर्शी गुणवत्ता परीक्षण और बारदाना प्रबंधन जैसे प्रावधान किसानों की सुविधा और लाभ को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले साबित हो रहे हैं। यह नीति न केवल किसानों को सुरक्षित और स्थिर आय सुनिश्चित करेगी, बल्कि राज्य में कृषि उत्पादन और बाजार व्यवस्था को भी मजबूत बनाएगी।

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