ट्रैक्टर सब्सिडी के नियम में बदलाव, अब इस तरह मिलेगी ट्रैक्टर पर सब्सिडी

Share Product प्रकाशित - 31 Mar 2025 by Tractor Junction

ट्रैक्टर सब्सिडी के नियम में बदलाव, अब इस तरह मिलेगी ट्रैक्टर पर सब्सिडी

जानें, ट्रैक्टर सब्सिडी में क्या किया गया है बदलाव और अब किस तरह मिलेगा अनुदान का लाभ

Rules for Tractor Subsidy: वर्तमान समय में खेती के काम में कृषि यंत्रों (Agricultural Machinery) का महत्ता बढ़ती जा रही है। आज किसान इन आधुनिक खेती की मशीनों से अपनी पैदावार बढ़ाकर देश के खाद्यान उत्पादन में कीर्तिमान बना रहे हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से भी किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों पर सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जा रहा है। आधुनिक कृषि यंत्रों में ट्रैक्टर (Tractor) एक ऐसी कृषि मशीन है जिसकी खरीद किसानों की ओर से सबसे अधिक की जाती है। इसके पीछे कारण यह है कि ट्रैक्टर की सहायता से खेती के लगभग सभी काम आसानी से पूरे किए जा सकते हैं। 

खास बात यह है कि ट्रैक्टर की खरीद पर सरकार की ओर से किसानों को सब्सिडी (Subsidy) का लाभ भी प्रदान किया जाता है। आज देश में ट्रैक्टर इंडस्ट्री (Tractor Industry) का तेजी से विस्तार हो रहा है। मार्केट में नई–नई कंपनियों के ट्रैक्टर (Tractor) लांन्च हो रहे हैं। आधुनिक तकनीकों से लैस यह ट्रैक्टर किसानों की खेती की जरूरत का पूरा करने में सक्षम है। ट्रैक्टर की बढ़ती मांग के कारण सरकार की ओर से ट्रैक्टर पर सब्सिडी के नियमों में एक खास बदलाव किया गया है जिससे ट्रैक्टर (Tractor) के साथ ही किसानों को अन्य कृषि यंत्रों (Agricultural Machinery) का भी लाभ मिल सके। 

ट्रैक्टर सब्सिडी के नियम में क्या किया गया है बदलाव 

राज्य सरकार की ओर से अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि जो कृषि यंत्र (Agricultural Machinery) अनुपयोगी साबित हो रहे हैं, उन्हें कृषि यंत्र अनुदान की सूची से हटा दें। इसके साथ ही राज्य सरकार ने अब तक कृषि यंत्र बैंकों को उपलब्ध कराए गए ट्रैक्टरों पर “कृषि यंत्र द्वारा प्रदत्त” अंकित कराना अनिवार्य कर दिया है। इसक अलावा राज्य के कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा राज्य योजना और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के माध्यम से कुल 75 प्रकार के कृषि यंत्रों (Agricultural Machinery)  पर अनुदान दिया जाता है। इसके साथ ही सरकार ने यह भी अनिवार्य कर दिया है कि कृषि यंत्र बैकों में किसानों को ट्रैक्टर के साथ कम से कम एक–एक कृषि यंत्र लेना होगा जिसमें बुवाई, जुताई, कटाई और धुनाई/ दौनी जैसे कृषि यंत्र शामिल हैं। 

कृषि यंत्र अनुदान सूची में नए कृषि यंत्रों को जोड़ने के निर्देश 

बिहार राज्य कृषि मंत्री ने कृषि यांत्रिकीकरण योजना (Krishi Yantrikaran Yojana) के तहत पंजीकृत कृषि यंत्र निर्माता तथा विक्रेताओं की सूची की पुन: समीक्षा करते हुए निर्देश दिया है कि इस सूची को अधिक सरल, सुगम और पारदर्शी बनाते हुए निबंधन की प्रक्रिया को सुधारने की आवश्यकता है। ऐसे में किसानों की मांग के अनुसार यदि किसी नए और उपयोगी कृषि यंत्र की आवश्यकता महसूस हो, तो उसे योजना में शामिल किया जाए। वहीं दूसरी ओर जो कृषि यंत्र अनुपयोगी साबित हो रहे हैं, उन्हें सूची से हटाने की कार्रवाई की जानी चाहिए। इससे किसानों को नवीनतम और प्रभावी कृषि यंत्रों का लाभ मिल सकेगा। 

योजना के तहत किसानों को ट्रैक्टर पर कितनी मिलती है सब्सिडी

बिहार सरकार की ओर से केंद्र सरकार की स्माम योजना के तहत राज्य के गरीब, जरूरतमंद, छोटे और सीमांत किसानों को ट्रैक्टर पर सब्सिडी (Subsidy on Tractor) का लाभ प्रदान किया जाता है। योजना के तहत 18–20 PTO HP वाले मिनी ट्रैक्टर (Mini Tractor) पर सामान्य वर्ग के किसानों को अधिकतम 40 प्रतिशत व अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अत्यंत पिछड़ा वर्ग के किसानों को अधिकतम 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। इसके लिए समय–समय पर आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। इसमें इच्छुक किसान आवेदन करके राज्य सरकार से मिलने वाले अनुदान का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए शर्त यह है कि किसान के पास पहले से ट्रैक्टर न हो और उसने पिछले 5 सालों के दौरान किसी इस तरह की सरकारी योजना के तहत सब्सिडी का लाभ प्राप्त नहीं किया हो।

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