धान किसानों को मिलेगी राहत राशि, गेहूं की 2600 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी पर होगी खरीद
प्रकाशित - 25 Nov 2025
by Vivek Tailang
मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला: जानें, किन किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
इस साल खरीफ सीजन में लगातार भारी बारिश और बाढ़ से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। राज्य सरकार ने नुकसान का आकलन करने के लिए सभी जिलों में फसलों का सर्वे कराने के निर्देश दिए थे। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद अब मध्य प्रदेश के धान उत्पादक किसानों को राहत राशि देने की तैयारी पूरी हो चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आगामी 27 नवंबर को श्योपुर में उन किसानों को राहत राशि वितरित करेंगे, जिनकी धान की फसलों को बाढ़ और बारिश से नुकसान पहुंचा है।
किसानों के प्रतिनिधिमंडल से सीएम की भेंट
हाल ही में मुख्यमंत्री निवास पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से भेंट की। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश किसानों के कल्याण में देश का अग्रणी राज्य है। उन्होंने बताया कि भावांतर योजना के तहत सोयाबीन उत्पादक किसानों को पर्याप्त राशि दी जा रही है और यह राज्य देश में इस योजना को सफलतापूर्वक लागू करने वाला अकेला प्रदेश है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की सहायता के लिए संवेदनशील और सक्रिय है, इसलिए किसी भी किसान को उसके नुकसान की भरपाई के लिए अकेले नहीं छोड़ा जाएगा।
धान पर राहत और गेहूं की 2600 रुपए क्विंटल दर से खरीद
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने किसानों की सिंचाई लागत कम करने के लिए 3 HP और 5 HP के पंप सेट पर बिजली बिल का 90 प्रतिशत हिस्सा स्वयं वहन करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने खरीफ में नुकसान झेलने वाले धान किसानों को राहत राशि देने और रबी सीजन में गेहूं को 2600 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदने का निर्णय लिया है। बीते दिनों गेहूं खरीद पर असमंजस था, लेकिन अब सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस वर्ष भी किसानों से गेहूं 2600 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा जाएगा। केंद्र सरकार ने गेहूं की MSP 2585 रुपए निर्धारित की है, जिस पर 15 रुपए का बोनस देकर किसानों को कुल भाव 2600 रुपए प्राप्त होगा।
श्योपुर में होगा किसानों को राहत राशि का वितरण
मुख्यमंत्री 27 नवंबर को श्योपुर जिले में उन किसानों को राहत राशि देंगे, जिनकी धान की खड़ी फसल हाल की भारी बारिश के कारण नष्ट हो गई। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन किया है और अब उसी के आधार पर सहायता राशि किसानों के खाते में सीधे जमा की जाएगी। इस मौके पर श्योपुर के प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि श्योपुर जिले के मेहनती किसानों ने खेती के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। जिले में गौ-पालन प्रमुख रूप से होता है और यहां की सांस्कृतिक परंपराओं में गौ माता का सम्मान सदियों से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि कूनो क्षेत्र में चीतों के पुनर्वास के बाद पर्यटन की संभावनाएं बढ़ी हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़ा
राज्य सरकार भावांतर योजना के तहत सोयाबीन खरीद रही है। इस योजना में हाल ही में सोयाबीन का मॉडल रेट बढ़कर 4285 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों पर लागू होता है जिन्होंने अपनी उपज मंडी प्रांगण में बेची है। बता दें 10 से 20 नवंबर के बीच सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार बढ़ोतरी हुई। यह रेट 4036 रुपए से बढ़कर 20 नवंबर को 4267 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। सरकार की गारंटी है कि किसानों को सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5328 रुपए प्रति क्विंटल हर हाल में मिलेगा। मॉडल रेट और एमएसपी (MSP) के बीच के अंतर की राशि राज्य सरकार किसानों को भावांतर के रूप में दे रही है।
बिजली बिल में भी किसानों को भारी छूट
मध्य प्रदेश सरकार किसानों के लिए लगातार बड़े फैसले ले रही है। धान उत्पादकों को राहत राशि, गेहूं की खरीद 2600 रुपए प्रति क्विंटल पर, सोयाबीन पर बढ़ा मॉडल रेट और बिजली बिल में भारी छूट जैसे कदम सरकार की किसान केंद्रित नीति को मजबूत करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ हमेशा खड़ी है और उनके नुकसान की भरपाई और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।
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