मौसम अलर्ट : गुलाब के बाद शाहीन चक्रवात का खतरा मंडराया

मौसम अलर्ट : गुलाब के बाद शाहीन चक्रवात का खतरा मंडराया

Posted On - 30 Sep 2021

अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में इन राज्यों में हो सकती है भारी बारिश

बंगाल की खाड़ी से उठे गुलाब चक्रवात के बाद एक ओर चक्रवात शाहीन का खतरा मंडराने लगा है। इसको लेकर मौसम विभाग आईएमडी ने अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार वर्तमान में मराठवाड़ा और उससे लगे गुजरात पर बना गहरा कम दबाव का क्षेत्र अवदाब के क्षेत्र में बदल सकता है। इस सिस्टम के गुरुवार को अरब सागर में पहुंचकर पुन: चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। हालांकि तूफान पाकिस्तान और उससे लगे अरब सागर की तरफ बढ़ेगा, इस वजह से इसका विशेष असर मध्यप्रदेश में होने के आसार कम हैं। हालांकि बुधवार-गुरुवार को इसके प्रभाव से इंदौर, उज्जैन संभागों के जिलों में तेज बौछारें पड़ेंगी। उधर बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल पर बने सिस्टम के प्रभाव से बुधवार-गुरुवार को रीवा, शहडोल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं तेज बौछारें पडऩे की संभावना है। प्रदेश के शेष हिस्से में अब बारिश की गतिविधियां कम होने लगेंगी। 

क्या है शाहीन चक्रवात और गुलाब से कितना होगा खतरनाक

मौसम विभाग ने एक ट्वीट में कहा कि अगले छह घंटों के दौरान तेलंगाना और इससे सटे मराठवाड़ा और विदर्भ के क्षेत्रों में डिप्रेशन का केंद्र बना हुआ है। एनडीआरएफ की एक टीम को महाराष्ट्र के उस्मानाबाद में तैनात किया जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक चक्रवात गुलाब के अवशेष से अरब सागर के ऊपर अब एक और चक्रवात शाहीन बन सकता है। चक्रवात गुलाब के कारण विकसित हुई मौसम प्रणाली के गुरुवार शाम के आसपास उत्तर पूर्व अरब सागर और उससे सटे गुजरात तट में उभरने की संभावना है और इसके उत्तर-पूर्व अरब सागर के ऊपर और तेज होने की संभावना है। चक्रवाती तूफान गुलाब कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया है। मौसम अधिकारियों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में पैदा हुआ चक्रवात गुलाब 2-3 दिनों में चक्रवात शाहीन के रूप में फिर से पैदा हो सकता है। तूफान का शाहीन नाम कतर ने दिया है, जो हिंद महासागर में एक ट्रॉपिकल चक्रवात के नामकरण के लिए सदस्य देशों का एक हिस्सा है।

महाराष्ट्र और गुजरात में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने अपने मौसम पूर्वानुमान में कहा है कि गुजरात रीजन, सेंट्रल महाराष्ट्र और कोंकण और गोवा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और ज्यादा भारी बारिश की संभावना है। गंगीय पश्चिम बंगाल, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र और कच्छ में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, झारखंड, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तेलंगाना, तटीय और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल और केरल और माहे में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में मराठवाड़ा, मुंबई और राज्य के तटीय कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले दो दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है।

मध्यप्रदेश ⁄ ग्वालियर:  मानसून ट्रफ लाइन कमजोर पड़ी, हल्की बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ लाइन कमजोर पड़ गई है। फिलहाल प्रदेश में झमाझम के आसार कम ही हैं। अक्टूबर के पहले सप्ताह में हल्की बारिश हो सकती है। उसके बाद मानसून की विदाई शुरू हो जाएगी। 30 सितंबर को मानसून सीजन खत्म हो गया। एक झमाझम बारिश की जरूरत है, लेकिन झमाझम की उम्मीद नहीं दिख रही है। इस बार भी औसत बारिश का कोटा पूरा होने के आसार नहीं है।

4 से 7 अक्टूबर के बीच ग्वालियर में होगी बारिश

गुलाब चक्रवातीय तूफान कम दबाव का क्षेत्र में बदल गया है। यह अरब सागर में पहुंचने के बाद मजबूत होने के आसार रहेंगे। इससे अरब सागर से नमी आना शुरू हो जाएगी। इसके प्रभाव से 4 से 7 अक्टूबर के बीच ग्वालियर में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं 29 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र विकसित होकर आगे बढ़ रहा है। यह झारखंड के रास्ते आगे बढ़ रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश तक आते-आते कमजोर पड़ जाएगा। इस सिस्टम से जो नमी आएगी, उससे ग्वालियर में बूंदाबांदी हो सकती है। फिलहाल मानसून ट्रफ लाइन नहीं बन रही है। इस कारण यहां झमाझम बारिश की उम्मीद काफी कम है। 

हिमाचल प्रदेश में हो सकती है हल्की बारिश

हिमाचल प्रदेश में आगामी दिनों में अब भारी बारिश होने की संभावना कम है। हालांकि आने वाले दो दिन के दौरान भी राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। इससे रात के तापमान में और कमी आ सकती है। मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल का कहना है कि दो दिन के बाद अधिकतर क्षेत्रों में बारिश की संभावना नहीं है। 

एक और दो अक्टूबर को उत्तर बिहार में होगी बारिश

अगले कुछ दिनों तक उत्तर बिहार में आसमान में हल्के बादल छाए सकते हैं। मौसमीय सिस्टम के प्रभाव से 1-2 अक्टूबर को उत्तर बिहार के अनेक स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है। जबकि सीतामढी, पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण में थोड़ी अधिक वर्षा होने की संभावना है। यह कहना है मौसम विभाग का। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के मौसम विभाग से जारी बुलेटिन के अनुसार पूर्वानुमान अवधि में उत्तर बिहार के जिलों में आसमान में हल्के बादल छाए रह सकते है। 1-2 अक्टूबर के आसपास उत्तर बिहार के अनेक स्थानों पर सक्रिय मौसमीय सिस्टम के प्रभाव से हल्की वर्षा हो सकती है। जबकि सीतामढ़ी, पूर्वी तथा पश्चिमी चंपारण में थोड़ी अधिक वर्षा होने की संभावना है। 

झारखंड के इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी

राज्य में बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात का असर कम हो गया है। मगर अब बंगाल की खाड़ी में उत्तर पूर्वी और उससे जुड़े पूर्वी मध्य क्षेत्र में एक चक्रवातीय क्षेत्र बन रहा है। इसके कारण एक कम दबाव का क्षेत्र उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और तटीय क्षेत्र में बना हुई है। इसके अगले 24 घंटों में और गहरा होने की संभावना है। इसका असर राजधानी रांची में मंगलवार की रात से देखने को मिल सकता है। बंगाल की खाड़ी में बने इस चक्रवातीय क्षेत्र का असर पूरे राज्य में देखने को मिलेगा। इसके कारण राज्य में मध्य और दक्षिणी जिले पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, रांची, खूंटी, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़ और गुमला में 29 सितंबर को भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। इसके साथ ही मेघ गर्जन और वज्रपात की भी संभावना है। इसे देखते हुए मौसम विभाग के द्वारा आरेंज अर्ल्ट जारी किया गया है। 30 सितंबर को चक्रवात का असर उत्तर पश्चिम जिलों में ज्यादा देखने को मिलेगा। वहीं राज्य में तीन अक्टूबर तक अलग-अलग हिस्सों में मध्यम से हल्के दर्जे के बारिश की संभावना है। 

उत्तराखंड में अगले कुछ दिन में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

उत्तराखंड में मानसून की बारिश का सिलसिला जारी है। देहरादून समेत कई इलाकों में दिनभर में एक से दो बार बारिश का क्रम बना हुआ है। अक्टूबर के पहले सप्ताह तक मानसून के बने रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिन मैदानों में तेज बौछार और पहाड़ी इलाकों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में धूप के साथ ही बारिश हो रही है। 

दिल्ली में हो सकती है हल्की बारिश

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली में तीन और चार अक्टूबर को हल्की बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने 2 अक्टूबर तक के लिए ग्रीन जबकि तीन और चार अक्टूबर के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इससे पूर्व शनिवार तक बादल तो कमोबेश रोज ही छाए रहेंगे, लेकिन बूंदाबांदी के अलावा और कोई संभावना नहीं है। इससे पहले मंगलवार को भी गर्मी के तेवर अपेक्षाकृत ढीले ही रहे। दिन भर बादलों और सूरज के बीच लुकाछिपी भी चलती रही।

हरियाणा में होगी हल्की से मध्यम बारिश

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग अध्यक्ष डॉ. मदन खिचड़ द्वारा मीडिया को दी गई जानकारी के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में एक और कम दबाब का क्षेत्र बनने की संभावना को देखते हुए राज्य में 29 सितंबर रात्रि से 30 सितंबर के दौरान बीच-बीच में हवाएं व गरज चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की भी संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आमतौर मॉनसून 20 सितंबर तक वापस लौट जाता था लेकिन इस साल पूरे सितंबर महीने और अक्टूबर के कुछ शुरुआती दिनों तक मॉनसून अपनी सक्रियता दर्ज करवा सकता है।
 

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