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We have transitioned from being vulnerable to being world beaters:Mallika Srinivasan

We have transitioned from being vulnerable to being world beaters:Mallika Srinivasan

24 September, 2016

From being just another tractor maker, Tafe has grown to become the world's third largest exporter of the vehicles in the past 30 years under the stewardship of its chairman and CEO Mallika Srinivasan. In an interview to TOI, Srinivasan explains how she turned the 56-year-old company around

What are the highlights of your three-decade journey in Tafe?

Let's start from 2000. Back then, we had a company with a very strong foundation, and well-entrenched core values.The change began with the Eicher buy (in May 2005 Tafe acquired Eicher's tractor and components business), when my father was around. This is not a transition story, but a transformation. When the economy was opening up, we had to take on multinational companies and international competitors. There was a compelling need to transform or build new skillsets to compete. Or, we would have been left behind. We took help from an IIM professor and external agencies.

We drafted our vision statement. We never said we want to be number one in sales, instead we said we want to be the farmer's first choice by setting benchmark standards in performance and customer care. And we wanted to expand our global presence.

From there, we put in a growth strategy with a good participative approach.We took Warwick Manufacturing Group's help. We built a plan to convert our vision to reality. We started to work on strategy, placed emphasis on people, and focused on chosen areas.

Over the past 10 years, we have invested significantly in product develop ment, engine design, product design, R&D, and engine development. Today, in the passenger car industry with massive volumes, there are six or seven players. Here too, we have six to seven players for much smaller volumes.

How much are you investing in technology?

We don't stop investing. It is important we invest care fully as investment has to pay. Our investments have been in relevant technology and cost-effective engineer ing. Being privately held, we do not worry about short-term gains. Ours is a cyclical industry. Whether we go up or down, we con tinue to invest. We keep look ing at opportunities to grow. We added a farm implements business, then acquired Eicher Tractors.

Tell us more about the Eicher acquisition.

It was a good match. It fitted perfectly into our strategy. From that business, we came up with a group two brand approach. Within the family, we discussed the acquisition in detail. It was my call to go ahead, but with my father's backing. It was synergistic fit in terms of geographies, products and culture. Eicher was in UP and Haryana, and Massey Ferguson was strong in Rajasthan and Gujarat. Our payback from the acquisition was faster than our estimates. The profits of Eicher have risen, and we increased the R&D capabilities of Eicher. The engines we got were worked around and used in telecom and other non-cyclical businesses like gensets. We've had organic growth through agri implements and inorganic growth through Eicher acquisition.These have helped us combat our competition.

Then, we had to get our international play right. We had an existing partnership. We strengthened that partnership with AGCO reasonably successfully. We have gained through export of aggregates.

Tell us the impact of all these actions on growth?

We are in a dominant position in the Indian market. We are the world's third largest exporter of tractors. We are very well positioned for the future. We have replicated a cost-effective Indian way of doing business in export markets. We have transitioned as an organization from being vulnerable (with technology) to world beaters. We are playing a global game.

What is the way forward? What will Tafe look like in 2025?

Tafe in 2025 will continue to strive to be the farmer's first choice. We have the foundation to play an international game and be a major player in the farm mechanization space.

How long will you remain a privately-held family entity?

What's wrong with that? We have built value for stakeholders fabulously.We are probably one of the largest unlisted companies in the country. There is no compelling need to get listed. The focus is to make the company stronger even as we understand that we are in a cyclical business. Our idea is to reduce the shocks in a downturn.

Source:- http://epaperbeta.timesofindia.com/

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एस्कॉर्ट्स ने जून में 23 प्रतिशत ज्यादा ट्रैक्टर बेचे

एस्कॉर्ट्स ने जून में 23 प्रतिशत ज्यादा ट्रैक्टर बेचे

नई दिल्ली। कोरोना लॉकडाउन का असर अब धीरे-धीरे बाजारों से कम होने लगा है। ट्रैक्टर उद्योग में कई कंपनियों ने अपनी बिक्री में वृद्धि दर्ज की है। एस्कॉर्ट्स ट्रैक्टर ने जून 2020 में पिछले साल के मुकाबले घरेलू बाजार में 23 प्रतिशत ज्यादा ट्रैक्टर बेचे हैं। जून 2020 में एस्कॉर्ट्स की घरेलू बाजार में ट्रैक्टर बिक्री 22.8 प्रतिशत वृद्धि के साथ 10,623 यूनिट दर्ज की गई। जबकि कंपनी के निर्यात में 26.9 प्रतिशत की गिरावट आई है। कंपनी ने 228 यूनिट्स का निर्यात किया है। जून 2020 में कुल ट्रैक्टर की बिक्री में मई 2020 की तुलना में 64.6 प्रतिशत का उछाल आया है। एस्कॉर्ट्स ने मई 2020 में 6,554 इकाइयां बेची थी। कंपनी ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि हमने इस महीने में अभूतपूर्व मांग देखी है। उद्योग को उम्मीद है कि लॉकडाउन अवधि के बाद अब मांग में काफी वृद्धि होगी। सामान्य मानसून की भविष्यवाणी के कारण खरीफ बुवाई को लेकर किसानों की धारणा पहले से बेहतर है। फसल उत्पादन और फसल की कीमतों के कारण ग्रामीण इलाकों में बेहतर नकदी प्रवाह बना हुआ है। साथ ही खुदरा वित्त की यथोचित अच्छी उपलब्धता है। एक या दो सेक्टरों को छोडक़र सभी उद्योगों में सकारात्मक वृद्धि के संकेत है। हमारी इन्वेंट्री का स्तर, कंपनी और चैनल दोनों के साथ सबसे कम रहा है। आवश्यक अनुमति के बाद हम अपने कारखानों को 90 प्रतिशत क्षमता के साथ कई शिफ्टों में चलाने के लिए सक्षम हुए। आपूर्ति श्रृंखला की स्थिति, हालांकि पहले से बेहतर है लेकि अस्थिर बनी हुई है। एस्कॉर्ट्स ट्रैक्टर की बिक्री वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में पिछले वित्त वर्ष 2020 की तुलना में 12.1 प्रतिशत घट गई है। एस्कॉर्ट सेल्स वर्ष 2020 वर्ष 2019 प्रतिशत में परिवर्तन अप्रैल 613 4986 -87.7 प्रतिशत मई 6454 6488 0.5 प्रतिशत जून 10623 8648 22.8 प्रतिशत पहली तिमाही 17690 20122 -12.1 प्रतिशत पिछले तीन महीनों में एस्कॉर्ट्स के शेयरों ने 76.36 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है, जबकि निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 44.27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। एस्कॉर्ट्स की रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2019 की चौथी तिमाही की तुलना में मार्च 2020 की चौथी तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ 9.71 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 127.73 करोड़ रुपए है। साथ ही 15.97 प्रतिशत की गिरावट के साथ शुद्ध बिक्री 1385.65 करोड़ रुपए है। उल्लेखनीय है कि एस्कॉर्ट्स समूह एक भारतीय इंजीनियरिंग कंपनी है जो कृषि-मशीनरी, निर्माण और सामग्री हैंडलिंग उपकरण और रेलवे उपकरण के क्षेत्रों में काम करती है। अगर आप अपनी कृषि भूमि, अन्य संपत्ति, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, दुधारू मवेशी व पशुधन बेचने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु की पोस्ट ट्रैक्टर जंक्शन पर नि:शुल्क करें और ट्रैक्टर जंक्शन के खास ऑफर का जमकर फायदा उठाएं।

महिंद्रा ने जून में बेचे 35 हजार 844 ट्रैक्टर, बिक्री में 12 प्रतिशत की वृद्धि

महिंद्रा ने जून में बेचे 35 हजार 844 ट्रैक्टर, बिक्री में 12 प्रतिशत की वृद्धि

नई दिल्ली। महिंद्रा एंड महिंद्रा के फार्म इक्विपमेंट सेक्टर (एफईएस) ने जून 2020 में घरेलू ट्रैक्टर बाजार में 35 हजार 844 यूनिट बेचकर बिक्री में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। यह अब तक की दूसरी सबसे बड़ी बिक्री है। कंपनी ने पिछले साल जून में 31,879 यूनिट बेची थी। वहीं कंपनी के निर्यात में गिरावट दर्ज की गई है। जून 2019 की 1215 इकाइयों के मुकाबले जून 2020 में 700 इकाइयों का निर्यात किया गया है। इस हिसाब से निर्यात में 42 फीसदी की गिरावट आई है। जून 2020 में कंपनी की ट्रैक्टरों की कुल बिक्री 36,544 इकाइयां रही है, जो जून 2019 की 33,094 इकाइयों से 10 प्रतिशत अधिक है। प्रबंधन ने अपने बयान में कहा है कि समय पर दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन की संभावना, रबी फसलों की रिकॉर्ड पैदावार, किसानों के लिए सरकारी नीतियां और खरीफ फसल की अच्छी बुवाई के कारण किसानों में सकारात्मक माहौल बना है। कुल मिलाकर वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही के दौरान महिंद्रा ट्रैक्टर की बिक्री में 22.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। महिंद्रा वर्ष 2020 वर्ष 2019 परिवर्तन (प्रतिशत में) अप्रैल 4616 27495 -83.2 मई 24017 23539 2.0 जून 35844 31879 12.4 पहली तिमाही 2020 64477 82,913 -22.2 ग्रामीण बाजारों में बेहतर नकदी प्रवाह के साथ इन अंतर्निहित कारकों ने जून के दौरान ट्रैक्टर की मांग को बढ़ाने में मदद की है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले महीनों में भी यह मांग बनी रहेगी। कुल मिलाकर, एम एंड एम की कुल बिक्री में पिछले साल की तुलना में 50 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट देखी गई है। एम एंड एम ने जून 2019 में यात्री, वाणिज्यिक और उपयोगिता वाहन मिलाकर 42 हजार 547 इकाइयां बेची थी जबकि जून 2020 में 19,358 इकाइयां बेची है। एम एंड एम में ऑटोमोटिव डिवीजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजेय नकड़ा के अनुसार ऑटोमोटिव उद्योग ने यात्री और छोटे वाणिज्यिक वाहन खंडों दोनों में सुधार की गुंजाइश को देखना शुरू कर दिया है। देशभर में बढ़ती ग्रामीण मांग और आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही से बाजार में भारी सुधार होगा। कंपनी के प्रमुख ब्रांड जैसे बोलेरो, स्कॉर्पियो और पिक-अप आदि सभी में अच्छी मांग की उम्मीद है। अगर आप अपनी कृषि भूमि, अन्य संपत्ति, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, दुधारू मवेशी व पशुधन बेचने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु की पोस्ट ट्रैक्टर जंक्शन पर नि:शुल्क करें और ट्रैक्टर जंक्शन के खास ऑफर का जमकर फायदा उठाएं।

Mahindra Tractors Records Second Highest June Sales Ever

Mahindra Tractors Records Second Highest June Sales Ever

Mahindra & Mahindra’s farm equipment sector (FES) reported 12 percent year on year (YoY) growth in domestic tractor sales at 35,844 units in June 2020 as against 31,879 units sold in June last year. This is the second highest June sales ever, the company said. Meanwhile, its export shipments declined 42 per cent during the month at 700 units as against 1,215 units in the same month last year. The company’s tractors' total sales for the month were at 36,544 units, up 10 per cent from 33,094 units in June last year. "Timely arrival of the south west monsoon, combined benefits of a record Rabi crop, Government support for Agri initiatives and very good progress in the sowing of the Kharif crop have led to positive sentiments among farmers," the management said in its statement. Overall 22.2% drop in Mahindra Tractor sales during Quater 1 for GY'21. Mahindra Year 2020 Year 2019 %Change April 4616 27495 -83.2 May 24017 23539 2.0 June 35844 31879 12.4 Q1 64477 82913 -22.2 These underlying factors along with better cash flows in rural markets have helped boost tractor demand during June. It is expected that this demand will continue to remain buoyant in the coming months, it said. Overall, M&M's total sales including passenger, commercial and utility vehicles, more-than-halved to 19,358 units compared to 42,547 units sold in June last year. "The automotive industry has started to see recovery both in the passenger and small commercial vehicle segments. This has been led primarily by rising rural demand and movement of essential goods across the country. The company’s key brands such as Bolero, Scorpio and Pik-Ups, are all seeing good traction," said Veejay Nakra, Chief Executive Officer, Automotive Division, at M&M.

Escorts Tractor sales jump 23% in June 2020

Escorts Tractor sales jump 23% in June 2020

Escorts' total domestic tractor sales stood at 10,623 units (up 22.8% YoY) and total exports were at 228 units (down 26.9% YoY) in June 2020. Total tractor sales spurted 64.6% month-on-month (MoM) in June 2020 compared with 6,554 units in May 2020. "We have seen unprecedented demand in this month. The industry is expected to grow significantly backed by pent-up demand of the lockdown period, better farmer sentiment due to good monsoon prediction reflected in better than normal Kharif sowing, better rural cash flows owing to record crop output and crop prices, and reasonably good availability of retail finance. The industry growth is widespread with positive growth in almost all markets barring one or two. Our inventory levels, both with the company and with channel have been lowest ever. After necessary permissions, we were able to run our factories in multiple shifts to achieve production at about 90% of the capacity. Supply chain situation, though better than before, continues to remain volatile," the company said in a release. Overall in Quarter-1 of FY'21 Escorts Tractor sales is decreased by 12.1% compare to FY'20. Escort Sales Year 2020 Year 2019 %Change April 613 4986 -87.7% May 6454 6488 0.5% June 10623 8648 22.8% Q1 17690 20122 -12.1% Shares of Escorts have rallied 76.36% in last three months as against 44.27% rise in the Nifty Auto index. Escorts reported 9.71% rise in consolidated net profit to Rs 127.73 crore on a 15.97% fall in net sales to Rs 1385.65 crore in Q4 March 2020 over Q4 March 2019 The Escorts Group is an Indian engineering company that operates in the sectors of agri-machinery, construction and material handling equipment, and railway equipment.

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