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Union Cabinet approves closure of tractor unit of HMT in Pinjore, Haryana

Union Cabinet approves closure of tractor unit of HMT in Pinjore, Haryana

28 October, 2016

Hopes of over 1,100 employees for revival of the tractor unit of HMT factory in Pinjore were dashed on Thursday, as the Union Cabinet approved the closure of the factory and disbursement of VRS to all its employees. Asserting that the tractor division was incurring losses and its continuation with its insignificant market share in the sector might not be a financially viable option for HMT Limited, the Cabinet stated that the unit be closed down and focus be shifted on the machine tools unit.

“In view of the deteriorating position of the company and hardships being faced by employees due to non-payment of salaries and other dues, the tractor unit be closed down and attractive Voluntary Retirement Scheme (VRS) be given to its employees at 2007 notional pay scales,” read the order.

A budgetary support of Rs 718.72 crore was announced for the factory for payment of outstanding salaries, other employee-related dues, VRS and clearing of the tractor division’s liabilities towards banks and creditors.

Over 1,100 employees of the tractor unit have not been paid their salaries since July 2014 while statutory dues have been pending since November 2013. “We do not know what to say. The last hope has gone now. There are over 450 employees for whom VRS will not offer much. We had come here for a job and that is all we wanted to keep doing,” said Mahender Singh, president, HMT Employees’ Union.

Advocate V K Bansal, who had been spearheading the cause of the employees, said it had left the employees dejected. “Until now, the employees had a hope that the factory will be revived, but it seems to be over now. The government has left the employees in the dark few days before Diwali,” he said.

However, Kalka MLA Latika Sharma hailed the government’s decision stating that the employees would be relieved as their pending salaries would be released. “One should not merely look at the closure of the factory, but focus on the other aspect of the decision of releasing salaries, which had been pending for the last two years. The families were struggling with a financial crisis.”

She added that HMT’s ailing condition had been continuing for years and the last two years could not be blamed for its closure.

A central public sector enterprise, HMT tractor division was established in Haryana in 1971 to manufacture HMT tractors. However, performance of the company began to decline in the 1990s. The government highlighted that several efforts were made in the past to arrest the declining trend, but no success was achieved, following which the decision on closure was taken.

Source:- http://indianexpress.com/

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Tractor Sales in April 2020: Decline of 79.4% due to the nationwide lockdown

Tractor Sales in April 2020: Decline of 79.4% due to the nationwide lockdown

Domestic tractor industry witnessed a decline of ~79.4% on-year in April 2020 due to the nationwide lockdown effective from 25th March'20 which led to closing of tractor manufacturing units and dealerships. Even, exports decreased significantly by 87.8% on-year in April 2020 due to lower demand from export destinations and hindrances to export amid the lockdown. The sales numbers show above was recorded in last few days of the month after the exemption of sale of Agri Machinery was announced by the Union Government on 20th April. • Mahindra’s overall sales was 4,772 units in April 2020, as against 28,552 units in Apr’19. Its domestic sales saw a decline of 82.8% while overall sales slumped by 83.3%. Exports were down by 94.7% against 1,057 units from April 2019. • India’s 2nd Largest Tractor Manufacturer TAFE Group domestic tractor sales were registered 2,982 units in Apr’20 and in Apr’19 it was registered 9,554 units which were decreased by 16.96%. • Sonalika tractors domestic sales were 749 units in Apr’20 and it was recorded 5,612 units in FY19 which indicates 86.6% of the drop in the tractor sales. • Escorts Agri Machinery Segment announced overall sales of 705 tractors in April 2020 against 5,264 tractors sold in April 2019. Domestic tractor sales of Escorts was at 613 tractors against 4,986 tractors in April 2019. • John Deere tractor sales also decreased by 76.7% as sales were registered 1150 units in April 2020 compared to 4909 units in Apr 2019. • New Holland tractor sales were only 881 units and in April’20, sales were 2238 units in April’19. Tractor manufacturers are hopeful of strong recovery of lost sales as a result of the pandemic-induced lockdown that was imposed from the last week of March. “Upto 50% of the sales lost due to lockdown from March, April and May can be recovered in the months of June – October as we can see that the rural sentiment is positive on good rabi crop output this year. Water reservoir levels are high and good monsoon forecast will further encourage the demand for tractors," Shenu Agarwal, chief executive officer, Escorts Agri Machinery said The hopes of tractor manufacturers will also be boosted by the announcements made by the Finance minister on Friday, which focused on providing a stimulus to the agricultural and animal husbandry sectors and allied industries. M&M has resumed operations across all of its tractor plants except for the Kandivali unit in Mumbai. On May 14, the company’s Mohali-based facilities resumed operations. "With most of our plants having commenced production, we will ramp up our production numbers through May, as the supply chain opens up," said Hemant Sikka, president, farm equipment sector, Mahindra & Mahindra Ltd (M&M). Shenu Agarwal added that the farm machinery segment is not hit as much as the automotive industry as agricultural activities were gradually exempted from the lockdown measures.

प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना :  किसानों को आधी कीमत पर मिलेंगे ट्रैक्टर

प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना : किसानों को आधी कीमत पर मिलेंगे ट्रैक्टर

नए वित्त वर्ष 2020-21 में उठाएं लाभ, जानें रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया ट्रैक्टर जंक्शन पर किसान भाइयों का एक बार फिर स्वागत है। आधुनिक युग में बिना कृषि उपकरणों के खेती की बात करना भी बेमानी है। केंद्र की मोदी सरकार 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। केंद्र सरकार की ओर से किसानों को सब्सिडी पर ट्रैक्टर उपलब्ध कराया जाता है। अब नया वित्त वर्ष 2020-21 शुरू हो गया है। इस वित्त वर्ष में भी सरकार की ओर से सब्सिडी पर किसानों को ट्रैक्टर उपलब्ध कराए जाएंगे। किसानों की पात्रता व राज्य सरकार के नियमों के अनुसार किसानों को 50 फीसदी तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई जाती है। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि किसान किसी भी कंपनी का ट्रैक्टर खरीद सकता है और पात्र किसान को आधी कीमत चुकानी होती है। ट्रैक्टर जंक्शन के माध्यम से आपको प्रधानमंत्री ट्रैक्टर योजना 2020 की सभी प्रमुख जानकारी दी जाएगी। सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रेक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1 प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना 2020 का उद्देश्य देश में छोटे एवं सीमांत किसानों की संख्या ज्यादा है। बहुत से किसान ऐसे हैं जो आर्थिक रूप से इतने समक्ष नहीं है कि नया ट्रैक्टर खरीद सके। अधिकांश किसान किराए पर ट्रैक्टर मंगाकर खेतों में काम कराते हैं जिससे उनकी उत्पादन लागत बढ़ जाती है और लाभ कम होता है। देश के किसानों की परेशानियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना शुरू कर रखी है। इस योजना के तहत किसानों को नया ट्रैक्टर खरीदने पर 20 से 50 प्रशित की सब्सिडी सरकार द्वारा प्रदान की जाती है। सरकार का मानना है कि अगर किसान के पास कृषि के लिए पर्याप्त साधन होंगे तो इससे ना केवल कृषि विकास दर को गति मिलेंगी बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा और आय में वृद्धि होगी। प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना 2020 की खास बातें प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना सीमांत व छोटे किसानों के लिए शुरू की गई है। इस योजना को देश के हर राज्य में लागू किया गया है। किसानों को ट्रैक्टर खरीदने के लिए लोन दिया जाता है। साथ में सब्सिडी भी दी जाती है। योजना का लाभ उठाने के लिए किसान ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। सभी राज्यों द्वारा योजना के लिए अलग-अलग वेबसाइट बनाई गई है। किसान ऑनलाइन या नजदीकी सीएससी सेंटर पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं। प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना की प्रमुख शर्तें योजना का लाभ रजिस्ट्रेशन के बाद किसानों को सीधे उनके बैंक खाते में दिया जाएगा। इस योजना में रजिस्टर करने वाले किसान ने पिछले 7 साल में कोई ट्रैक्टर नहीं खरीदा हो। एक किसान सिर्फ एक ही ट्रैक्टर खरीद सकता है और महिला किसानों को इस स्कीम में प्राथमिकता दी जाती है। किसान के नाम पर जमीन होनी चाहिए और सभी डाक्यूमेंट्स भी होने चाहिए। योजना में रजिस्ट्रेशन के बाद यदि आपका आवेदन स्वीकार होता है तो आप अपनी पसंद का कोई भी ट्रैक्टर खरीद सकते हैं। किसानो को उनकी श्रेणी के अनुसार नया ट्रैक्टर खरीदने पर 20 से 50 प्रतिशत की सब्सिडी मिलती है। इस योजना से जुडऩे वाले किसान अन्य किसी कृषि यंत्र सब्सिडी योजना में जुड़ा नहीं होना चाहिए। यह भी पढ़ें : लॉकडाउन में रोजगार खोने वाले हर किसान के बेटे को मिलेंगे 6000 रुपए प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना में आवेदन की प्रक्रिया इस योजना में देश के सभी किसानों को लाभ प्रदान किया जाता है। इच्छुक लाभार्थी को प्रधानमंत्री ट्रैक्टर योजना 2020 के अंतर्गत आवेदन करना होगा। इस योजना के तहत किसानों को नए ट्रैक्टर पर दी जाने वाली सब्सिडी सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाई जाएगी। इसलिए आवेदक का बैंक अकाउंट होना चाहिए तथा बैंक अकाउंट आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए। इस योजना के अंतर्गत एक परिवार का एक ही किसान प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना 2020 में आवेदन कर सकता है। यह योजना देश के किसानों के लिए काफी लाभकारी साबित होगी और किसानों को अपने खेतों में खेती करने में भी आसानी होगी। प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना के आवश्यक दस्तावेज किसान के पास अपने नाम कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए। आवेदक का आधार कार्ड ज़मीन के कागज़ात पहचान प्रमाण पत्र जैसे मतदाता पहचान कार्ड/पैन कार्ड/पासपोर्ट/आधार कार्ड/ड्राइविंग लाइसेंस बैंक अकाउंट पासबुक मोबाइल नंबर पासपोर्ट साइज फोटो प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना 2020 में ऑनलाइन / ऑफलाइन आवेदन देश के इच्छुक किसान जो इस योजना के तहत नए ट्रैक्टर खरीदने पर 20 से 50 प्रतिशत की सब्सिडी प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किसान भाई को कृषि विभाग या नज़दीकी जन सेवा केंद्र (सीएससी) में जाना होगा। जन सेवा केंद्र में जाने के बाद आपको आवेदन फॉर्म प्राप्त करना होगा। आवेदन फॉर्म प्राप्त करने के बाद आपको उसमे पूछी गयी सभी जानकारी जैसे नाम ,पता आदि भरनी होगी और फिर अपने सभी दस्तावेज़ों को आवेदन फॉर्म के साथ अटैच करके जन सेवा केंद्र में ही जमा करना होगा। कुछ राज्य में लोग ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते है जिसकी पूरी जानकारी इस प्रकार है। प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना में जनसेवा केंद्र पर आवेदन प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना के तहत देश के इन राज्यों में जनसेवा केंद्र के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन किया जाता है। इन राज्यों में अंडमान-निकोबार, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चड़ीगढ़, छत्तीसगढ़, दादरा नगर हवेली, दमन-द्वीप, दिल्ली, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरला, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, उड़ीसा, पांडीचेरी, पंजाब, राजस्थान (ई-मित्र), सिक्किम, तमिलनाडू, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तरांचल, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल शामिल है। प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना में ऑनलाइन आवेदन प्रधानमंत्री किसान ट्रैक्टर योजना में कुछ राज्य की सरकारों द्वारा समय-समय पर ऑनलाइन आवेदन मांगे जातें है। इन प्रमुख राज्यों के ऑनलाइन लिंक नीचे दिए गए हैं। असम : https://mmscmsguy.assam.gov.in/documents-detail/forms-for-the-revised-scheme-distribution-of-tractor-units-under-cmsguy मध्य प्रदेश : https://dbt.mpdage.org/index.htm महाराष्ट्र : https://agriwell.mahaonline.gov.in/ बिहार : http://farmech.bih.nic.in/FMNEW/Homenew.aspx गोवा : https://www.agri.goa.gov.in/HomePage;jsessionid=BE5778AAB3688AF12C043A05938AFAE7.jvm1?0 सभी कंपनियों के ट्रैक्टरों के मॉडल, पुराने ट्रैक्टरों की री-सेल, ट्रैक्टर खरीदने के लिए लोन, कृषि के आधुनिक उपकरण एवं सरकारी योजनाओं के नवीनतम अपडेट के लिए ट्रैक्टर जंक्शन वेबसाइट से जुड़े और जागरूक किसान बने रहें।

ट्रैक्टरों की मांग बढ़ी, एक तिमाही में सामान्य स्तर पर लौटने की उम्मीद

ट्रैक्टरों की मांग बढ़ी, एक तिमाही में सामान्य स्तर पर लौटने की उम्मीद

ट्रैक्टरों की मांग ने पकड़ी रफ्तार, जल्द ही सामान्य स्तर पर लौटेगी इंडस्ट्री मुंबई। कोरोना लॉकडाउन में धीरे-धीरे बाजार को मिली छूट का असर अब दिखने लगा है। केंद्र की मोदी सरकार का लॉकडाउन के पहले चरण से ही यह प्रयास था कि कृषि कार्य प्रभावित नहीं हो। लॉकडाउन में किसानों व कृषि से जुड़े बाजारों को मिली छूट का फायदा भी मिला है। देश में इस साल खाद्यान्न रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की बिक्री जमकर हो रही हैं। फसल बिक्री के बाद किसानों के हाथ में पैसा है और देश में ट्रैक्टरों की मांग बढ़ रही है। इस बार सामान्य मौसम का पूर्वानुमान है। जलाशयों में 10 साल के औसत से अधिक पानी है। ऐसे में ट्रैक्टर कंपनियों को उम्मीद है कि जल्द ही सामान्य स्तर पर ट्रैक्टरों की बिक्री होने लगेगी। सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रेक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1 ट्रैक्टर इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रैक्टरों की मांग बढऩे के बावजूद नियमित आपूर्ति फिलहाल धीमी है क्योंकि ट्रैक्टर निर्माण संयंत्रों में लॉकडाउन के दौरान अपनी क्षमता के साथ के अनुरूप उत्पादन नहीं हुआ। ट्रैक्टर कंपनियों ने एक चौथाई ही उत्पादन किया। अब ट्रैक्टरों की मांग को देखते हुए अग्रणी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी महिंद्रा एवं महिंद्रा ने दूसरी शिफ्ट की योजना शुरू कर दी है। जबकि प्रतिद्वंदी एस्कॉट्र्स और सोनालिका ट्रैक्टरों ने संकेत दिया है कि बाजार एक तिमाही के भीतर सामान्य स्तर पर लौट आएगा। वहीं अंदरूनी सूत्रों को उम्मीद है कि यह सेगमेंट बढ़ता रहेगा और ऑटोमोटिव उद्योग में सबसे अच्छा प्रदर्शन जारी रखेगा। महिंद्रा एंड महिंद्रा के कृषि उपकरण व्यवसाय खंड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हेमंत सिक्का के अनुसार टै्रक्टर की डिमांड बढऩे से ट्रैक्टर इंडस्ट्री का आत्मविश्वास लौट रहा है। बाजार में ट्रैक्टरों की खरीद-फरोख्त के लिए पूछताछ का स्तर बढ़ा है। बाजार खुलने पर यह 65 प्रतिशत था जो एक सप्ताह के भीतर 80 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी फसल के कारण नकदी प्रवाह मजबूत है। मंडी व्यवस्था को चालू करने में सरकार सक्रिय रही है। यदि संक्रमण नहीं घटता है, तो हम एक चौथाई के भीतर सामान्य स्थिति में लौट सकते हैं। उन्होंने कहा कि तालाबंदी शुरू होने के बाद थोक कृषि बाजार कार्यात्मक रहे। लॉकडाउन के कारण डिमांड पर असर पड़ा था। बेहतर फसलों के कारण नकदी प्रवाह में इजाफा होने की संभावना के कारण शहरी केंद्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में डिमांड तेजी से बढऩे की उम्मीद है। वहीं एस्कॉर्ट्स ने कहा कि दूसरी तिमाही में बिक्री बढऩी शुरू होनी चाहिए। भविष्य में ज्यादा तेजी के साथ सुधार के आसार सरकार के राहत पैकेज से देश के बाजारों के बदलते हालातों में वाहन एवं कृषि उपकरण वाहन क्षेत्र में, सबसे बड़ा लाभार्थी ट्रैक्टर सेगमेंट होगा। जहां बाजार दिग्गज एमएंडएम के साथ साथ एस्कॉट्र्स प्रमुख लाभार्थी होंगी, वहीं वीएसटी टिलर्स टैक्टर्स को भी बड़ी मदद मिलने की संभावना है। एस्कॉट्र्स के समूह सीएफओ भरत मदान का कहना है कि मंडियों के खुलने, सरकार द्वारा अनाज की आक्रामक खरीदारी, और बैंकों तथा एनबीएफसी में भी काम शुरू होने से मांग में अल्पावधि सुधार का संकेत मिलता है। भविष्य में, हमें अन्य क्षेत्रों के मुकाबले ट्रैक्टर उद्योग में ज्यादा तेजी से सुधार के आसार दिख रहे हैं। इन कारणों से है ग्रामीण आय में सुधार की संभावना लॉकडाउन राहत पैकेज में वित्त मंत्री द्वारा घोषित कई उपायों के साथ-साथ शानदार रबी पैदावार और ग्रामीण भारत में कोविड-19 महामारी के कम प्रभाव की वजह से ग्रामीण आय में सुधार आने की संभावना है। विश्लेषकों का मानना है कि कृषि पर ध्यान जरूरी है क्योंकि राहत पैकेज की दूसरी और तीसरी किस्त में 65-70 फीसदी आवंटन कृषि क्षेत्र से संबंधित है। विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों के दौरान सरकार द्वारा 74,300 करोड़ रुपये की उपज खरीद जैसे उपायों के साथ साथ मौजूदा खरीद से कृषि को मदद मिलनी चाहिए। फसल पैदवार ग्रामीण भारत के लिए विकास का मुख्य वाहक है, जिसे देखते हुए फसल वर्ष 2019-2020 में अनाज उत्पादन 29.567 करोड़ टन के सर्वाधिक ऊंचे स्तर पर रहना सकारात्मक रुझान है। 16 मई तक 16,394 करोड़ रुपये के वितरण के साथ पीएम किसान कार्यक्रम के आवंटन के अलावा ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) के लिए 40,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवंटन के साथ कुल एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के आवंटन अन्य सकारात्मक बदलाव हैं। सभी कंपनियों के ट्रैक्टरों के मॉडल, पुराने ट्रैक्टरों की री-सेल, ट्रैक्टर खरीदने के लिए लोन, कृषि के आधुनिक उपकरण एवं सरकारी योजनाओं के नवीनतम अपडेट के लिए ट्रैक्टर जंक्शन वेबसाइट से जुड़े और जागरूक किसान बने रहें।

सोनालीका ने निर्यात में किया अपने नेतृत्व को और भी मज़बूत

सोनालीका ने निर्यात में किया अपने नेतृत्व को और भी मज़बूत

भारत की सबसे लीडिंग ट्रैक्टर मैन्युफ़ैक्चरिंग कंपनियों में से एक, सोनालीका ट्रैक्टर्स ने COVID–19 प्रतिबंधों के बावजूद अप्रैल, 2020 के दौरान भारत से निर्यात में अपना नं. 1 स्थान दृढ़ता से बनाए रखते हुए 302 ट्रैक्टर्स का निर्यात दर्ज किया | इस अवसर पर सोनालीका समूह के प्रबंध निदेशक, डॉ. दीपक मित्तल ने कहा, “इस कठिन समय के दौरान निर्यात में हमारी लीडरशिप पोज़िशन ने हमारे उत्पाद की स्वीकृति और विश्व स्तर पर किसानों द्वारा दिखाए गए विश्वास को साबित किया है। हम अपनी ग्लोबल टेक्नोलॉजी विशेषज्ञता को लगातार उन्नत करते हुए किसानों की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध हैं। आंशिक रूप से खुलने वाले पोर्ट के साथ, हम अप्रैल 2020 में 302 ट्रैक्टर निर्यात करने में सक्षम रहे हैं और 40% बाज़ार हिस्सेदारी के साथ भारत से नं. 1 निर्यातक बने रहे।” मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए, सोनालीका समूह के कार्यकारी निदेशक, श्री रमन मित्तल ने कहा, “मैं इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि मौजूदा स्थिति के कारण व्यापार पर प्रभाव पड़ा है। जन-केंद्रित होने के प्रति हमने चुनौती का सामना किया है। हमने विभिन्न पहलों की शुरूआत की है, जैसे स्वास्थ्य सुविधाओं का समर्थन करने के लिए दिल्ली और होशियारपुर (पंजाब) के अस्पतालों में आइसोलेशन केंद्र स्थापित करना, हमारे ट्रैक्टर्स के लिए वारंटी अवधि पर अतिरिक्त समय प्रदान करना, लॉकडाउन अवधि के दौरान सर्विस एवं पुर्जों और स्टैंडबाय ट्रैक्टर्स की उपलब्धता, सोशल डिस्टेंसिंग और स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के विषय में चल रही जागरूकता, दूर-दराज़ के क्षेत्रों में खाना एवं समुदायों के लिए ज़रूरति सामान की सुविधाएं उप्लब्ध करना. “ साथ ही उन्होंने कहा, "सरकार यह देखते हुए कि अब फसल-कटाई का मौसम है, कृषि समुदाय के हित में कृषि कार्यों का समर्थन कर रही है । ताज़ा घोषणाओं में, पूरी कृषि श्रृंखला छूट के तहत कवर की गई है। सोनालीका इस कृषि इकोसिस्टम का एक अभिन्न अंग है, और किसानों को उनकी विभिन्न कृषि ज़रूरतों को पूरा करने के लिए प्रौद्योगिकी समाधान प्रदान करना जारी रखे हुए है। हम मौजूदा स्थिति से एकजुट होकर मज़बूत और बेहतर बनकर उभरेंगे।” सभी कंपनियों के ट्रैक्टरों के मॉडल, पुराने ट्रैक्टरों की री-सेल, ट्रैक्टर खरीदने के लिए लोन, कृषि के आधुनिक उपकरण एवं सरकारी योजनाओं के नवीनतम अपडेट के लिए ट्रैक्टर जंक्शन वेबसाइट से जुड़े और जागरूक किसान बने रहें।

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