ट्रैक्टर इंडस्ट्री की वार्षिक रिपोर्ट : 26.86 फीसदी वृद्धि के साथ करीब 9 लाख ट्रैक्टर बेचे

ट्रैक्टर इंडस्ट्री की वार्षिक रिपोर्ट : 26.86 फीसदी वृद्धि के साथ करीब 9 लाख ट्रैक्टर बेचे

Posted On - 05 Apr 2021

भारत में ट्रैक्टर इंडस्ट्री : कोविड-19 में भी दिखाया दम

वित्तीय वर्ष 2020-21 न केवल ट्रैक्टर उद्योग के लिए बल्कि सभी सेक्टरों के लिए उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। इस साल दुनिया को कोविड-19 वैश्विक महामारी का सामना करना पड़ा। जिसने शुरुआती समय में ही ट्रैक्टर की बिक्री को सीधे प्रभावित किया। लेकिन समय के साथ ट्रैक्टर कंपनियां मजबूत हुईं। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट से पता चलता है कि कई प्रमुख ट्रैक्टर कंपनी के सीईओ ने कहा था कि कोविड -19 वायरस ने ट्रैक्टर उद्योग को हिला दिया। अब हमें इसके साथ रहने की आदत डालनी होगी। ब्रांडों ने इस वायरस की चुनौती को स्वीकार किया और मजबूती के साथ बाजार में अपनी स्थिति बनाए रखी। अब वित्तीय वर्ष के अंतिम कुछ महीनों में ट्रैक्टरों की बिक्री में अच्छा उछाल देखा गया है जो ट्रैक्टर उद्योग के अच्छे भविष्य का शुभ संकेत है।

 

मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था से पटरी पर लौटा ट्रैक्टर उद्योग

कोविड-19 के कारण वित्तीय वर्ष 20-21 के शुरुआती दो महीनों में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के चलते ट्रैक्टर इंडस्ट्री को भारी झटका लगा। अप्रैल की बिक्री में 80 प्रतिशत की गिरावट आई। लॉकडाउन समाप्त होने के बाद सभी वाहन सेगमेंट सहित ट्रैक्टरों की बिक्री में बढ़ोत्तरी देखी गई। देश की मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सरकारी नीतियों और बेहतर फसल उत्पादन के कारण ट्रैक्टर उद्योग पटरी पर लौट आया। वित्तीय वर्ष 20-21 में वार्षिक ट्रैक्टर बिक्री में कुल 26.86 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में वित्तीय वर्ष 20-21 (अप्रैल से मार्च 21) के दौरान 7 लाख 9 हजार 2 इकाइयों के मुकाबले 8 लाख 99 हजार 429 इकाइयां बेचीं गई हैं।


महिंद्रा : सालाना बिक्री में 17.79 प्रतिशत की वृद्धि, फिर भी बाजार हिस्सेदारी में गिरावट

विश्व की नंबर 1 ट्रैक्टर निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा (महिंद्रा+स्वराज+ट्रैकस्टार) ने सालाना ट्रैक्टर बिक्री में 17.79 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। महिंद्रा ने वित्त वर्ष 21 में ट्रैक्टरों की 3 लाख 43 हजार 833 इकाइयां बेचीं, जो वित्त वर्ष 20 की तुलना में 51 हजार 932 इकाई अधिक है। फिर भी, महिंद्रा ट्रैक्टरों की बाजार हिस्सेदारी में 2.94 फीसदी की भारी गिरावट आई, पिछले 6 वर्षों में पहली बार महिंद्रा का बाजार हिस्सा इस स्तर तक गिरा। महिंद्रा का मार्केट शेयर का नुकसान इस वर्ष टैफे और सोनालिका के लाभ के बराबर है।

 

टैफे समूह : बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाई, 37.99 फीसदी ज्यादा बेचे ट्रैक्टर

टैफे समूह (मैसी फर्ग्यूसन + आयशर) ने 1.49 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोत्तरी के साथ अपनी वार्षिक ट्रैक्टर बिक्री में 37.99 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। वित्त वर्ष 20 में कंपनी की बिक्री 1 लाख 20 हजार 151 इकाई थी और अब इस वित्तीय वर्ष में यह 1 लाख 65 हजार 802 इकाई हो गई है। यह वित्तीय वर्ष ट्रैफे समूह के लिए अच्छा रहा क्योंकि कंपनी ने ट्रैक्टर बिक्री और बाजार शेयर में उच्चतम वृद्धि हासिल की है। टैफे का वित्तीय वर्ष 21 का मार्केट शेयर (18.4 प्रतिशत) वित्तीय वर्ष 19 के मार्केट शेयर के बराबर है।


सोनालिका : चुनौतीपूर्ण वर्ष में बिक्री प्रतिशत में सबसे ज्यादा वृद्धि

भारत के सबसे युवा और सबसे तेजी से बढ़ते ट्रैक्टर ब्रांड सोनालिका (सोनालिका + सॉलिस) के लिए वित्त वर्ष 21 सबसे अच्छा वर्ष रहा, क्योंकि कंपनी ने 1.36 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई और 13 प्रतिशत की उच्चतम बाजार हिस्सेदारी को बरकरार रखा। सोनालिका ने वार्षिक ट्रैक्टर बिक्री में 41.64 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी ने वित्त वर्ष 21 में 1 लाख 17 हजार 503 यूनिट बेची है। जबकि वित्त वर्ष 20 में 82 हजार 958 इकाइयां बेची थी। सोनालिका समूह के कार्यकारी निदेशक, रमन मित्तल ने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2021 में 41.6 प्रतिशत की महत्वपूर्ण घरेलू वृद्धि हासिल की, जो उद्योग में सबसे अधिक है और सबसे चुनौतीपूर्ण वर्ष में उद्योग की वृद्धि (26.7 प्रतिशत अनुमानित) काफी आगे रही।


एस्कॉर्ट्स समूह : घरेलू बाजार में एक लाख यूनिट का आंकड़ा किया पार

एस्कॉर्ट्स समूह (फार्मट्रैक + पॉवरट्रैक + डिजिट्रैक) ने अपनी वार्षिक ट्रैक्टर बिक्री में 23.83 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 21 के दौरान कंपनी की बिक्री 1 लाख 1 हजार 849 यूनिट्स रही, जबकि कंपनी ने वित्त वर्ष 20 के दौरान 82 हजार 252 यूनिट्स बेची थी। एस्कॉर्ट्स ने घरेलू ट्रैक्टर बाजार में पहली बार एक लाख का आंकड़ा पार किया है। एस्कॉर्ट्स समूह ने वित्त वर्ष 21 में 0.28 प्रतिशत की बाजार हिस्सेदारी का नुकसान उठाया है। वित्त वर्ष 21 के पहले 6 महीनों के दौरान एस्कॉर्ट्स को आपूर्ति श्रृंखला की भारी कमी का सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप बाजार हिस्सेदारी का नुकसान हुआ।


जॉन डियर : वित्त वर्ष 22 में मार्केट शेयर बढऩे की उम्मीद

वित्त वर्ष 21 में जॉन डियर का मार्केट शेयर 9.52 प्रतिशत रहा जो वित्त वर्ष 20 की तुलना में 0.12 प्रतिशत कम है। जॉन डियर ने वित्त वर्ष 20  की 68 हजार 322 इकाइयों की तुलना में वित्त वर्ष 21 में 85 हजार 610 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है। जॉन डियर को वित्त वर्ष 21 के पहले 6 महीनों में आपूर्ति श्रृंखला में कमी का भारी सामना करना पड़ा था। अब उम्मीद है कि वित्त वर्ष 22 में जॉन डियर 10 प्रतिशत से अधिक मार्केट शेयर प्राप्त कर लेगी।


न्यू हॉलैंड : 33.96 प्रतिशत ट्रैक्टर ज्यादा बेचे

न्यू हॉलैंड ने अपनी वार्षिक ट्रैक्टर बिक्री में 33.96 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। वित्त वर्ष 20 के दौरान बेची गई 26 हजार 745 इकाइयों के मुकाबले वित्त वर्ष 21 में 35 हजार 828 ट्रैक्टर बिक्री दर्ज की गई। न्यू हॉलैंड की बाजार हिस्सेदारी 0.21 प्रतिशत बढ़ गई, जो वित्त वर्ष 20 में खोई गई बाजार हिस्सेदारी के बराबर है।


कुबोटा ट्रैक्टर : 30.06 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 16 हजार 809 यूनिट बेची

कुबोटा ट्रैक्टर की सालाना बिक्री 30.06 प्रतिशत बढ़ी है।  वित्त वर्ष 21 में 16 हजार 809 इकाइयां बेची गई हैं, जबकि वित्त वर्ष 20 के दौरान 12 हजार 924 यूनिट्स की बिक्री हुई। वित्त वर्ष 2011 में भारत में एस्कॉर्ट्स संयुक्तउद्यम के साथ कुबोटा ट्रैक्टर का उत्पादन शुरू किया गया। अगले 2-3 वर्षों में कुबोटा 30 हजार ट्रैक्टरों की वार्षिक बिक्री का आंकड़ा छू सकता है।


वीएसटी शक्ति : वित्तवर्ष 22 में नए ट्रैक्टर मॉडल होंगे लांच

वित्त वर्ष 21 में वीएसटी शक्ति की घरेलू ट्रैक्टर बिक्री 21.17 प्रतिशत बढक़र 8 हजार 162 इकाई हो गई, जो वित्त वर्ष 20 में 6 हजार 703 इकाई थी। वीएसटी शक्ति मुख्य रूप से 30 से कम एचपी के मिनी और कॉम्पैक्ट ट्रैक्टरों में सबसे आगे है, लेकिन वित्त वर्ष 20 में कंपनी ने विराज सीरीज (45 और 50 एचपी) के तहत उच्च एचपी श्रेणी के ट्रैक्टरों पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया है। साथ ही वीएसटी शक्ति वित्त वर्ष 22 में उच्च एचपी श्रेणी में जेटर ट्रैक्टर के साथ कुछ मॉडल लांच कर रही है। 


प्रीत : 266 प्रतिशत की शानदार वृद्धि

यह वर्ष प्रीत ट्रैक्टर्स के लिए अविश्वसनीय रूप से बहुत अच्छा रहा है क्योंकि इसने इंडोफार्म, कैप्टन, एसडीएफ और फोर्स मोटर्स को पीछे छोड़ दिया है और वर्ष 2019-20 की तुलना में इस अवधि के दौरान 266 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की है। प्रीत घरेलू बाजार में वित्त वर्ष 2020 में बेचे गए 1 हजार 643 ट्रैक्टरों की तुलना में 2020-21 के दौरान कुल 6 हजार 14 ट्रैक्टर बेचने में शानदार तरीके से कामयाब रहा है। 266 प्रतिशत की वृद्धि पर वास्तव में विश्वास करना कठिन है, लेकिन वित्त वर्ष 20 की तुलना में प्रीत ने 0.44 प्रतिशत अधिक बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई है।

 

Last 5 Year Tractor Manufacturers Market Share

जानें इंडोफार्म, कैप्टन, फोर्स, ऐस, एसडीएफ की स्थिति

वित्त वर्ष 2021 में इंडो फार्म की ट्रैक्टर बिक्री 60.38 प्रतिशत बढ़ी है। वित्त वर्ष 20 में बेची गई 2 हजार 875 इकाइयों की तुलना में वित्त वर्ष 21 में इंडो फार्म की बिक्री 4 हजार 611 इकाई थी। इंडो फार्म ट्रैक्टर्स ने अपने मार्केट शेयर में 0.11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।

कैप्टन ट्रैक्टर्स ने भी 2019-20 की तुलना में इस साल 42.36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। कैप्टन ट्रैक्टर्स वित्त वर्ष 20 में बेची गई 3 हजार 123 ट्रैक्टरों के मुकाबले वित्त वर्ष 21 में 4 हजार 446 ट्रैक्टरों की घरेलू बाजार में बिक्री की है। इससे उन्हें वित्त वर्ष 20-21 में कुल बाजार हिस्सेदारी का 0.48 प्रतिशत शेयर मिला है।

फोर्स मोटर्स ने 2020-21 के दौरान घरेलू बाजार में कुल 4 हजार 4 ट्रैक्टर बेचे हैं। इसने 2020-21 में 2019-20 की तुलना में कुल बाजार हिस्सेदारी का 0.41 प्रतिशत हिस्सा हासिल करते हुए 23.3 प्रतिशत की अच्छी वार्षिक वृद्धि दिखाई है।

वित्त वर्ष 2020 की तुलना में वित्त वर्ष 2021 में ऐस ट्रैक्टर की बिक्री में 23.60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 20 में 2 हजार 55 इकाइयों की तुलना में वित्त वर्ष 21 में ऐस की बिक्री 2 हजार 540 इकाई रही।

सामे ड्यूज-फार (एसडीएफ) ने वित्त वर्ष 21 के दौरान ट्रैक्टर बिक्री में कमी दर्ज की है। वित्त वर्ष 20 में एसडीएफ की 4102 इकाइयां बेची गईं थी और वित्त वर्ष 21 में यह 2 हजार 418 यूनिट रही। बिक्री में गिरावट के साथ, एसडीएफ की बाजार हिस्सेदारी भी 0.31 प्रतिशत घट गई।

 

 दशक में सबसे अधिक ट्रैक्टर बिक्री

2020-21 में ट्रैक्टर बिक्री की कुल वृद्धि किसी भी दशक में सबसे अधिक है। कोविड-19 महामारी भारत के ट्रैक्टर उद्योग के लिए सबसे बड़ा अवसर साबित हुई है। ट्रैक्टर इंडस्ट्री वित्त वर्ष 20-21 में केवल 571 इकाइयों द्वारा 9 लाख ट्रैक्टर की ऐतिहासिक ट्रैक्टर बिक्री के रिकॉर्ड से चूक गई है। वित्त वर्ष 21 में 8 लाख 99 हजार 429 ट्रैक्टर्स 26.9 प्रतिशत की वार्षिक ग्रोथ के साथ बेचे गए हैं।

ट्रैक्टर उद्योग के प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों को वित्त वर्ष 21-22 में भी ट्रैक्टर की बिक्री में वृद्धि की उम्मीद है। महिंद्रा एंड महिंद्रा के फार्म इक्विपमेंट सेक्टर के प्रेसिडेंट हेमंत सिक्का ने कहा कि भविष्य में ट्रैक्टर की मांग मजबूत रहने की उम्मीद है क्योंकि रबी की कटाई जारी है। इसके बाद कुछ राज्यों में गर्मियों की फसलों की बुआई शुरू हो जाएगी।

भारतीय ट्रैक्टर इंडस्ट्री वित्त वर्ष 22 में 10 लाख से ज्यादा ट्रैक्टर बेचें, इसी उम्मीद के साथ वित्त वर्ष २१ के सकारात्मक बिक्री आंकड़ों पर खुश होना चाहिए।

 

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