खुशखबरी : इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर लॉन्चिंग की तैयारी, डीजल के खर्चे से मिलेगी राहत

प्रकाशित - 09 Aug 2022

खुशखबरी : इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर लॉन्चिंग की तैयारी, डीजल के खर्चे से मिलेगी राहत

देश में किसानों के लिए लांच होगा इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर

वित्त वर्ष 2022-23 के अंत तक किसानों को इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर की सौगात मिलने वाली है। डीजल की बढ़ती कीमतों के चलते किसानों के बीच इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर का क्रेज बना हुआ है। देश में ग्रामीण इलाकों में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर की जोरदार बिक्री के बाद इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनी ओमेगा सेकी मोबिलिटी ने किसानों के लिए इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर जल्दी लांच करने की घोषणा की है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी की ओर से इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर खरीदने के लिए फाइनेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही चार्जिंग के लिए जगह-जगह चार्जिंग पाइंट भी लगाए जाएंगे। ट्रैक्टर जंक्शन की इस पोस्ट में आपको भारत में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर लांचिंग के बारे में पूरी जानकारी दी जा रही है, तो बने रहें ट्रैक्टर जंक्शन के साथ।

ओमेगा सेकी मोबिलिटी ने एग्री जंक्शन के साथ की साझेदारी

देश के ग्रामीण बाजारों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री के लिए ओमेगा सेकी मोबिलिटी कंपनी ने एग्री जंक्शन के साथ साझेदारी की घोषणा की है। इस घोषणा के तहत इस वित्त वर्ष के अंत तक ग्रामीण बाजारों में 10 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री की जाएगी। दोनों कंपनियों ने एक बयान में जानकारी देते हुए कहा कि पहले चरण में इन इलेक्ट्रिक वाहनों को उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र के टियर-2 और टियर-3 श्रेणी के बाजारों में उतारा जाएगा। देश में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन इन दो राज्यों में बिकते हैं। यहां आपको बता दें कि फरीदाबाद स्थित कंपनी ओमेगा सेकी मोबिलिटी (OSM) इलेक्ट्रिक थ्री व्हीकल के अलावा छोटे कमर्शियल व्हीकल भी बनाती है। कंपनी ग्रामीण बाजार में कार्गो इलेक्ट्रिक वाहन रेंज में रेज प्लस, रेज प्लस रैपिड, रेज प्लस रैपिड प्रो, रेज प्लस फ्रॉस्ट और रेज प्लस स्वाप और इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल में स्ट्रीम की बिक्री कर रही है। अब कंपनी ग्रामीण बाजारों की मांग को देखते हुए ड्रोन और ट्रैक्टर भी लेकर आएगी।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत मिलेगा लोन

भारत के ग्रामीण बाजार का मुख्य उपभोक्ता किसान ही है। हर किसान परिवार में दुपहिया व ट्रैक्टर होना आम बात है। डीजल की बढ़ती कीमत के कारण दुपहिया व ट्रैक्टर चलाना महंगा हो गया है। ईंधन की महंगाई से राहत इलेक्ट्रिक व्हीकल ही दिला सकते हैं। ओमेगा सेकी मोबिलिटी और एग्री जंक्शन के बीच समझौते से किसानों को इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने पर आसान शर्तों पर लोन भी मिलेगा। कृषि उत्पादों का डिजिटल बाजार मंच एग्री जंक्शन ओमेगा सेकी मोबिलिटी के इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनी वेबसाइट पर लिस्टेड करने के साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) का ढांचा तैयार करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत कर्ज भी मुहैया कराएगा। वहीं ओएसएम इलेक्ट्रिक व्हीकल मुहैया कराने के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने और ग्रामीण बाजारों के लिए खासतौर पर नए उत्पाद पेश करने के लिए एक रिचर्स एवं डेवलवमेंट टीम भी तैनात करेगी। साथ ही डीलर बनाने, किसान समुदाय, छोटे व्यापारियों और ग्रामीण बाजारों में ईवी के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर काम किया जाएगा। 

दक्षिण कोरिया और थाईलैंड में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर की टेस्टिंग

इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर संभवत: वित्तवर्ष 2022-23 के अंत तक भारतीय बाजार में लांच कर दिए जाएंगे। इन इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों की टेस्टिंग भारत के बाहर दो देशों में चल रही है। ओमेगा सेकी मोबिलिटी के संस्थापक एवं चेयरमैन उदय नारंग के अनुसार कंपनी दक्षिण कोरिया और थाइलैंड स्थित अपने रिचर्स एवं डेवलवमेंट सेंटरों पर अपने इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों की टेस्टिंग कर रही है। वित्तवर्ष 2022-23 के अंत तक हम दूसरी और तीसरी श्रेणी के बाजारों के लिए ट्रैक्टर सर्विस एवं पट्टा पर देने की नई पहल के साथ आएंगे। परिचालन और रखरखाव लागत कम होने के कारण इलेक्ट्रिक वाहन निजी और व्यावसायिक कार्यों के लिए किफायती और पर्यावरण अनुकूल विकल्प बन गए हैं। 

किसानों को अधिक कार्य सक्षम बनाने की दिशा में काम

एग्री जंक्शन के संस्थापक और सीईओ राज यादव ने इस समझौते पर कहा कि ओमेगा सेकी मोबिलिटी से जुड़कर हम बहुत उत्साहित हैं। एग्री जंक्शन, देश के पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में लोगों की मदद करने के उद्देश्य से काम कर रही है। कंपनी किसानों को अधिक कार्य सक्षम बनाने के नए विचारों पर कार्य कर रही है। हम स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण के लक्ष्य से उत्पाद तैयार करते हैं। किसानों को इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर उपलब्ध कराना इस दिशा में एक बेहतरीन काम होगा।

ग्रामीण  बाजारों में इलेक्ट्रिक वाहनों का बड़ा बाजार

शहरों से ज्यादा ग्रामीण इलाकों में इलेक्ट्रिक वाहन अधिक बिक रहे हैं। ग्रामीण भारत ईवी का बहुत बड़ा बाजार है। ग्रामीण भारत में माल परिवहन के लिए पिकअप ट्रक और ट्रैक्टर का उपयोग अधिक होता है। ट्रांसपोर्ट में काम आने वाले इन वाहनों में से अधिकांश वाहन बहुत पुराने हैं और अधिक ईंधन की खपत करते हैं। इस परिदृश्य में ग्रामीण बाजारों में इलेक्ट्रिक वाहन सबसे अच्छा समाधान है। एक अनुमान के मुताबिक 2025 तक भारत के ई-कॉमर्स उद्योग में लास्ट-मील लॉजिस्टिक्स का कारोबार 9 गुना बढ़कर 5.23 अरब डॉलर होगा।

भारत में ई-ट्रैक्टर की खास बातें

यहां आपको बता दें कि हैदरबाद की प्रमुख कंपनी सेलेस्टियल ई-मोबिलिटी मार्च 2020 में ई-ट्रैक्टर का अनावरण कर चुकी है। यहां इस ट्रैक्टर की खास बातें बताई जा रही है।

  • इसके इंजन में करीब 300 वो पार्ट्स नहीं होंगे जो नियमित ट्रैक्टर के इंजन के साथ आते हैं। इससे किसानों का समय बचेगा और वाहन की मेंटीनेंस का खर्चा भी कम से कम होगा।
  • ई-ट्रैक्टर में बैटरी स्वैपिंग, रीजेनरेटिव ब्रेकिंग, पॉवर इनवर्सन (ट्रैक्टर द्वारा यूपीएस को चार्ज करने) और फास्ट चार्जिंग जैसे फीचर्स उपलब्ध होंगे।
  • 6 एचपी का इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर सिंगल चार्ज पर 75 किमी तक चल सकता है। यह 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकता है। स्टार्ट अप का कहना है कि उनका 6 एचपी का ट्रैक्टर 21 एचपी के डीजल ट्रैक्टर के बराबर है।
  • आवासीय वातावरण में बैटरी को पूरी तरह से चार्ज करने में छह घंटे का समय लगता है जबकि औद्योगिक पॉवर सॉकेट में बैटरी 2 घंटे में फास्ट चार्ज हो सकती है।
  • ई-ट्रैक्टर एक शून्य-उत्सर्जन पारिस्थितिक ट्रैक्टर है, जो बागवानी या ग्रीनहाउस कार्य के लिए उपयुक्त है।


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