बीएस 4 ट्रैक्टर अक्टूबर से बिकेंगे, बीएस 3 ट्रैक्टर भी बेफ्रिक होकर चलाएं

बीएस 4 ट्रैक्टर अक्टूबर से बिकेंगे, बीएस 3 ट्रैक्टर भी बेफ्रिक होकर चलाएं

Posted On - 18 Mar 2020

बीएस के नए मानकों से नहीं डरे किसान, देश में 2023 तक बिकेंगे बीएस-3 ट्रैक्टर

ट्रैक्टर जंक्शन पर किसान भाइयों का एक बार फिर स्वागत है। आज हम बात करते हैं भारत स्टेज (बीएस) उत्सर्जन मानकों की। देश ट्रैक्टर उद्योग वर्तमान में बीएस-3 मानकों का उपयोग करते हुए ट्रैक्टरों का निर्माण कर रहे हैं। हालांकि कुछ कंपनियों ने बीएस-4 मानक वाले ट्रैक्टरों का भी निर्माण शुरू कर दिया है। इन दिनों ट्रैक्टर बाजार में चर्चा है कि जल्द ही बीएस-4 नियम लागू हो जाएगा और किसानों को पुराने ट्रैक्टर चलाने में परेशानी हो सकती है। ट्रैक्टर जंक्शन विभिन्न रिपोर्ट्स के अध्ययन के बाद किसान भाइयों को जानकारी दे रहा है कि बीएस-4 नए उत्सर्जन मापदंड केवल 50 एचपी से अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टरों पर लागू होंगे। यह नियम अक्टूबर 2020 से देश में लागू होगा। 50 एचपी से कम क्षमता वाले बीएस-3 उत्सर्जन मानक वाले ट्रैक्टरों को चलाने, खरीदने व बेचने में कोई परेशानी नहीं होगी।

 

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वर्तमान में ट्रैक्टर उद्योग में बीएस-3 ए मानकों की पालना

वर्तमान में देश का ट्रैक्टर उद्योग सभी एचपी श्रेणियों में बीएस-3 ए उत्सर्जन मानदंडों की अनुपालना करता है। ट्रैक्टर उद्योग से जुड़ी रेटिंग एजेंसी आईसीआरए पूर्व में बता चुकी है कि घरेलू ट्रैक्टर उद्योग के लिए प्रस्तावित भारत स्टेज (BS) Trem IV उत्सर्जन मानंदड से ज्यादा बदलाव की परिस्थितियां बनने की संभावना नहीं है। नए उत्सर्जन मानदंड केवल 50 एचपी से अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टरों के लिए लागू होंगे। जो केवल उद्योग की 13 प्रतिशत बिक्री पर ही लागू होगा। 

बीएस 4 ट्रैक्टर अक्टूबर से बिकेंगे, बीएस 3 ट्रैक्टर भी बेफ्रिक होकर चलाएं

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टै्रक्टर उद्योग में बीएस-4 मानक क्या है?

ट्रैक्टर में बीएस रेंज क्या है?

ऑटोमोबाइल सेक्टर में बीएस मानकों का प्रयोग होता है। बीएस का पूरा नाम भारत स्टेज उत्सर्जन मानक (Bharat Stage emission standards) है। बीएस से वाहनों (दुपहिया, चौपहिया, टै्रक्टर व अन्य भारी वाहनों) में कार्बन उत्सर्जन (वाहन प्रदूषण) के मानक तय होते हैं। बीएस यानि भारत स्टेज को देश में साल 2000 से लागू किया था। इससे पहले तक भारत में कार्बन उत्सर्जन के मानक नहीं थे। बीएस को यूरोपियन कार्बन उत्सर्जन मानक यूरो की तर्ज पर भारत में लागू किया गया था। हर एक उत्सर्जन मानक में पेट्रोल और डीजल गाडिय़ों से निकलने वाले धुएं के साथ सल्फर की मात्रा को कम करना होता है। बीएस 4 उत्सर्जन मानक के तहत वाहन के इंजन को इस हिसाब से डिजाइन किया जाता है कि उससे निकलने वाले धुएं से सल्फर की मात्रा भारत सरकार के तय पैमाने के आधार पर निकले। इसके लिए कम सल्फर वाले ईंधन (डीजल) का इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए सरकार की तरफ से ईंधन का ग्रेड तय किया जाता है। देश में ट्रैक्टर व भारी वाहनों को छोडक़र अन्य वाहनों में बीएस-6 के नियम अप्रैल 2020 से लागू हो रहे हैं। बीएस 6 इंजन वाले वाहनों में 10 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम सल्फर उत्सर्जन के मानक लागू हैं। देश में बीएस-4 ट्रैक्टर अक्टूबर 2020 से बिकने लगेंगे। वहीं बीएस-3 ट्रैक्टर 2023 तक बिकेंगे।
 

नए मानदंडों का विकास भारत में ऑटोमोबाइल उद्योग के अनुरूप

BS Trem IV विनियमन कृषि ट्रैक्टरों, निर्माण उपकरणों और डीजल इंजन उपकरणों पर अक्टूबर 2020 से लागू होगा। 50 एचपी से नीचे के ट्रैक्टरों में यह नियम अक्टूबर 2023 से लागू होगा। भारत में BS Trem IV उत्सर्जन मानदंडों की प्रक्रिया अप्रैल 2020 से शुरू हो जाएगी। इन नए मानदंडों का विकास भारत में ऑटोमोबाइल उद्योग के अनुरूप है। 

 

कीमतों में वृद्धि किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण : विशेषज्ञ

आईसीआरए लिमिटेड के कॉर्पोरेट सेक्टर रेटिंग्स अधिकारी रोहन गुप्ता बताते हैं कि देश में BS Trem IV उत्सर्जन के प्रस्तावित मानदंडों को लागू कराने के लिए प्रमुख तकनीकी परिवर्तन पहली बात है। इसमें दोनों इंजनों में बदलाव और बाद में उपलब्ध सर्विस प्रमुख आवश्यकता है। प्रमुख तकनीकी परिवर्तन की जानकारी देश की ट्रैक्टर कंपनियों के पास है। क्योंकि विभिन्न देशों को निर्यात किए गए ट्रैक्टर पहले से ही विकसित उत्सर्जन मानदंडों के दिशा-निर्देशों को पूरा कर रहे हैं। उनका मानना है कि नए उत्सर्जन मानकों से टै्रक्टरों की कीमतों में वृद्धि किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होगी। हालांकि अभी ट्रैक्टर कंपनियों ने BS Trem IV उत्सर्जन मानकों वाले ट्रैक्टरों की कीमतों की घोषणा नहीं की है।

 

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नियमों की पालना में विदेशी हमसे आगे, BS Trem IV केवल उच्च एचपी क्षमता तक सीमित

आईसीआरए के अनुसार भारत का ट्रैक्टर उद्योग सभी एचपी श्रेणियों में वर्तमान में Trem III A उत्सर्जन मानकों की अनुपालना कर रहा है। जिन्हें अप्रैल 2010 और अप्रैल 2011 में चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया था। हालांकि विदेशी देशों जैसे यूरोप और यूएसए और कई अन्य प्रमुख बाजारों में उत्सर्जन नियमों ने पिछले एक दशक में चरणबद्ध तरीके से प्रगति की है। इन देशों के नियम भारत में लागू होने वाले नियमों की तुलना में काफी कठोर है। आईसीआरए के अनुसार भारत में BS Trem IV केवल उच्च एचपी क्षमता वाले ट्रैक्टरों तक सीमित रहेगा। नए उत्सर्जन मानकों के कारण ट्रैक्टर उद्योग में ज्यादा परिवर्तन दिखाई नहीं देगा। 

 

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