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एस्कॉर्ट ने जनवरी माह में बेचे 6,063 ट्रैक्टर, बिक्री में 1.2 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी

एस्कॉर्ट ने जनवरी माह  में बेचे 6,063 ट्रैक्टर, बिक्री में 1.2 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी

देश के प्रमुख ट्रैक्टर निर्माताओं मे शुमार एस्कॉर्ट्स के कृषि मशीनरी खंड (ईएएम) ने जनवरी 2020 में 6,063 ट्रैक्टर बेचे हैं। इंजीनियरिंग समूह एस्कॉर्ट्स लिमिटेड ने बताया कि उसके कृषि मशीनरी खंड ने जनवरी 2020 में 6,063 ट्रैक्टर बेचकर बिक्री में 1.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।

कंपनी ने पिछले साल जनवरी 2019 मेें 5,991 ट्रैक्टर बेचेे थे। जबकि दिसंबर 2019 में कंपनी ने घरेलू बाजार में 3,806 ट्रैक्टर बेचे थे, जो कि एक साल पहले की अवधि में 4,212 ट्रैक्टरों के मुकाबले 9.64% की गिरावट दर्ज की । वहीं जनवरी 2020 में कंपनी के निर्यात में 4.8 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई है। जनवरी 2020 में 218 ट्रैक्टर निर्यात किए गए जबकि जनवरी 2019 में 229 ट्रैक्टर निर्यात किए गए थे। 

एस्कॉर्ट्स समूह एक भारतीय इंजीनियरिंग कंपनी है जो कृषि-मशीनरी, निर्माण और सामग्री हैंडलिंग उपकरण और रेलवे उपकरण के क्षेत्रों में काम करती है।

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जेके टायर ग्रामीण बाजार में बढ़ाएगा भागीदारी

जेके टायर ग्रामीण बाजार में बढ़ाएगा भागीदारी

जेके टायर ने आईटीसी के ई चौपाल से किया टाइअप, ग्रामीण बाजार में नेटवर्क बढ़ाने का प्रयास देश की प्रमुख टायर कंपनी जेके टायर ने देश के ग्रामीण समुदायों से जुडऩे के लिए आईटीसी के ई-चौपाल के साथ ब्रांड के सहयोग की घोषणा की है। जेके टायर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में आईटीसी के चौपाल सागर के नेटवर्क का लाभ उठाएगा। यह साझेदारी जमीनी स्तर से जुडक़र ग्रामीण बाजारों में उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। आईटीसी की एकीकृत ग्रामीण सेवाएं चरणबद्ध तरीके से तीनों राज्यों में हैं। आईटीसी के चौपाल सागर में ग्रामीण ग्राहकों के साथ जेके टायर की उत्पाद श्रृंखला के लिए ब्रांड दृश्यता और जुड़ाव की सुविधा होगी। जेके टायर आईटीसी की ई-चौपाल के साथ अन्य सहयोगी पहल भी करेगा जिसमें लक्ष्य समूह चर्चा और इन्फ्लुएंसर / ग्राहक सेवा आदि शामिल हैं। सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रेक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1 चौपाल के माध्यम से जुड़े ग्रामीणों की मदद करेगा जेके टायर जेके टायर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निदेशक (बिक्री और विपणन) श्रीनिवासु अल्लापन के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में इस चुनौतीपूर्ण चरण के लिए बहुत लचीलापन देखा गया है। आईटीसी के ई-चौपाल के साथ हमारा जुड़ाव आगे चलकर उन ग्राहकों के साथ संपर्क बनाने और उनसे जुडऩे में मदद करेगा जो बदले में हमें बेहतर ढंग से समझने और उनकी सेवा करने में मदद करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि हम कई नई पहलों के साथ अपने ग्रामीण जुड़ाव को और मजबूत करने जा रहे हैं। ऐसी साझेदारी से ग्रामीण समुदाय बनता है सशक्त आईटीसी लिमिटेड, एग्री बिजनेस डिवीजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रजनीकांत राय ने कहा, "हम जेके टायर के साथ साझेदारी करने से वास्तव में खुश हैं, ग्रामीण उपभोक्ताओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए ई-चौपाल ईको-सिस्टम का लाभ उठा रहे हैं। यह पहल समग्र जुड़ाव पर आधारित है। आईटीसी ई-चौपाल की पहल किसानों और ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से अन्य संस्थानों के साथ साझेदारी करती है।” क्या है आईटीसी ई-चौपाल ई- चौपाल आईटीसी लिमिटेड की एक अनोखी पहल है। इसका मकसद कृषि उत्पादों की क्वालिटी और किसानों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। अब ई-चौपाल के माध्यम से किसानों को जे.के. टायर से संबंधित उत्पादों की भी जानकारी मिल सकेगी। ई-चौपाल किसानों के लिए इंटरनेट के इस्तेमाल की सुविधा मुहैया करती है। किसान ई-चौपाल के माध्यम से अपने गांव में ही खेती-किसानी से जुड़ी तमाम नई-नई जानकारी हासिल कर सकते हैं। अपनी समस्याओं को अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं। खेती में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। आईटीसी देश भर में 24 फसलों तथा 300 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के साथ काम करती है। Subscribe our Telegram Channel for Industry Updates- https://t.me/TJUNC Follow us for Latest Tractor Industry Updates- LinkedIn - https://bit.ly/TJLinkedIN FaceBook - https://bit.ly/TJFacebok

बाजार में धूम मचाएंगे महिंद्रा के ‘K2’ श्रृंखला के ट्रैक्टर

बाजार में धूम मचाएंगे महिंद्रा के ‘K2’ श्रृंखला के ट्रैक्टर

तेलंगाना के जहीराबाद प्लांट में शुरू होगा उत्पादन, देश-विदेश के बाजारों में 37 वेरिएंट मिलेंगे वॉल्यूम के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा अब देश और विदेशों के बाजारों में के2 (K2) श्रृंखला के ट्रैक्टर बेचेगी। कंपनी के सबसे आधुनिक प्लांट तेलंगाना के जहीराबाद में के2 (K2) श्रृंखला के ट्रैक्टरों का उत्पादन जल्द शुरू होगा। के2 (K2) श्रृंखला के ट्रैक्टर सबसे ज्यादा उन्नत तकनीक के बने होंगे जो 37 वेरिएंट में उपलब्ध होंगे। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने हाल ही में घोषणा की है कि कंपनी 19.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश से के2 (K2) सीरीज ट्रैक्टर का निर्माण करेगी। के2 (K2) सीरीज के ट्रैक्टर हल्के वजन के होंगे जिन्हे भारत सहित कई अन्य देशों में बेचा जाएगा। इस प्रोजेक्ट में महिंद्रा मित्सुबिशी की इंजीनियरिंग टीम की सहायता लेगी। कंपनी ने कहा है कि वह इस संयंत्र में 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करेगी। 2024 तक संयंत्र में कर्मचारियों की संख्या को दोगुना किया जाएगा। सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रेक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1 महिंद्रा ‘K2’ ट्रैक्टर वजन में हल्के जापान की मित्सुबिशी महिंद्रा कृषि मशीनरी और भारत की महिंद्रा रिसर्च वैली के इंजीनियरिंग टीमों के बीच घनिष्ठ सहयोग के माध्यम से विकसित, के 2 श्रृंखला का उद्देश्य घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों के लिए एक हल्के वजन वाले ट्रैक्टर कार्यक्रम बनाना है। यह नई श्रृंखला महिंद्रा को चार नए ट्रैक्टर प्लेटफार्मों में उत्पाद पेश करने में सक्षम करेगी, जो कि सब कॉम्पैक्ट, कॉम्पैक्ट, स्मॉल यूटिलिटी और लार्ज यूटिलिटी ट्रैक्टर श्रेणियों में विभिन्न एचपी बिंदुओं पर 37 मॉडल को कवर करेगी। नई श्रृंखला संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान और दक्षिण पूर्व एशिया सहित घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों की आवश्यकता को पूरा करेगी। कंपनी ने नए ट्रैक्टरों पर टिप्पणी करते हुए तेलंगाना सरकार की सराहना की है। तेलंगाना के उद्योग मंत्री केटी रामाराव ने कहा कि तेलंगाना की सरकार तेलंगाना में नए निवेश के लिए महिंद्रा की बहुत आभारी है। के2 ट्रैक्टरों का जहीराबाद संयंत्र में उनका निर्माण पूरे देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। रोजगार के अवसरों में होगा काफी सुधार महिंद्रा एंड महिंद्रा के ऑटोमोटिव एंड फार्म इक्विपमेंट सेक्टर के कार्यकारी निदेशक राजेश जेजुरिकर ने बताया कि महिंद्रा के2 श्रृंखला को विकसित करने के लिए अग्रसर है। यह परियोजना दुनिया भर में ग्राहकों और बाजारों की विभिन्न अपेक्षाओं और विभिन्न क्षेत्रीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए केंद्रित है। तेलंगाना सरकार की ओर से हमेशा से ज़हीराबाद सुविधा को बहुत समर्थन मिला है, जो इस चुनौती को पूरा करने के लिए बहुत अच्छी तरह से सुसज्जित है और हमें उम्मीद है कि इस परियोजना के माध्यम से रोजगार के अवसरों में काफी सुधार होगा। महिंद्रा के जहीराबाद संयंत्र की खासियत 2012 में स्थापित जहीराबाद संयत्र क्षमता के मामले में महिंद्रा का सबसे युवा और सबसे बड़ा ट्रैक्टर विनिर्माण संयंत्र है। यहां युवो और जीवो ट्रैक्टर भी बनाते हैं, जिसमें हाल ही में लॉन्च किए गए प्लस सीरीज के ट्रैक्टर भी शामिल हैं। वर्तमान में, महिंद्रा तेलंगाना राज्य में एकमात्र ट्रैक्टर निर्माता है और उसने जहीराबाद में अपनी सुविधानुसार 1,087 करोड़ के करीब निवेश किया है। इस संयत्र में 2-शिफ्ट के आधार पर प्रति वर्ष 100,000 से अधिक ट्रैक्टरों की क्षमता वाले फार्म उपकरण निर्माण इकाई में 1,500 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। जहीराबाद प्लांट तकनीकी रूप से उन्नत है, जिसमें 30 से 100 एचपी तक के 330 विभिन्न ट्रैक्टर वेरिएंट को रोल-आउट करने की सुविधा है। प्लांट ने शुरू से ही टीपीएम (टोटल प्रोडक्टिव मेंटेनेंस) फिलॉसफी और कल्चर को अपनाया है, जिसमें जहीराबाद के ट्रैक्टर उत्पादन का लगभग 65 प्रतिशत वैश्विक स्तर पर निर्यात किया जा रहा है। यह प्लांट महिंद्रा के राइस ट्रांसप्लांटर्स और ट्रैक्टर माउंटेड कंबाइन हार्वेस्टर्स का उत्पादन भी करता है। कृषि उपकरण बनाने के अलावा, महिंद्रा का ऑटोमोटिव डिवीजन भी जहीराबाद संयंत्र में मालवाहक और यात्री वाहनों की एक विस्तृत श्रृंखला का निर्माण करता है। Subscribe our Telegram Channel for Industry Updates- https://t.me/TJUNC Follow us for Latest Tractor Industry Updates- LinkedIn - https://bit.ly/TJLinkedIN FaceBook - https://bit.ly/TJFacebok

एस्कॉर्ट अब 60 हजार ज्यादा ट्रैक्टर बनाएगा

एस्कॉर्ट अब 60 हजार ज्यादा ट्रैक्टर बनाएगा

एस्कॉर्ट ट्रैक्टर उत्पादन क्षमता : 1.2 लाख यूनिट से 1.8 लाख यूनिट सालाना करने की योजना नई दिल्ली। कोरोना से प्रभावित साल 2020 में भारतीय अर्थव्यवस्था को सबसे ज्यादा राहत कृषि क्षेत्र से मिली है, इसमें कोई दो राय नहीं है। कोरोना संक्रमण शुरू होने के शुरुआती दिनों को छोड़ दें तो ट्रैक्टर बिक्री के आंकड़ों ने निर्माता कंपनियों को हमेशा उत्साहित किए रखा। सरकारी नीतियों, बेहतर मानसून और अच्छी फसल के कारण ट्रैक्टरों की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई। भविष्य में भी ट्रैक्टरों की बेहतर बिक्री की उम्मीद प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों को है। देश की कृषि उपकरण और इंजीनियरिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एस्कॉर्ट लिमिटेड मौजूदा मजबूत मांग को पूरा करने के लिए अपनी ट्रैक्टर उत्पादन क्षमता को 60 हजार यूनिट प्रतिवर्ष बढ़ाने की योजना बना रही है। अब कंपनी 1.2 लाख यूनिट ट्रैक्टरों का सालाना निर्माण करती है। सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रेक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1 100 करोड़ रुपए का होगा निवेश, अगले साल बेहतर मांग की उम्मीद एस्कॉर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सालभर में 60 हजार यूनिट ज्यादा बनाने के लक्ष्य को पाने के लिए वित्त वर्ष के बाकी हिस्से में 100 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। एस्कॉर्ट कंपनी की वार्षिक उत्पादन क्षमता इस समय 1.2 लाख यूनिट सालाना है और कंपनी को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में ट्रैक्टर उद्योग कम से कम दो अंकों में बढ़ेगा, जबकि पहले एक अंकों में वृद्धि का अनुमान था। एस्कॉर्ट समूह के सीएफओ भारत मदान के अनुसार ‘हम पहले ही कोविड-19 से पहले के स्तर से आगे बढ़ रहे हैं। क्षमता उपयोग और बिक्री, दोनों में हम कोविड-19 से पहले के स्तर से ऊपर हैं। हमारी घोषित क्षमता प्रति माह लगभग 10 हजार ट्रैक्टर है, लेकिन अब हम क्षमता से आगे जा रहे हैं और जितना संभव हो सके उतना इसे बढ़ाने की कोशिश करेंगे, क्योंकि मांग इतनी अधिक है कि हम इसे पूरा करने में असमर्थ हैं।’ साल 2021 में ट्रैक्टर बिक्री : जनवरी से मार्च तक मजबूत मांग की उम्मीद एस्कॉर्ट समूह के सीएफओ भारत मदान ने आगे बताया कि मौजूदा त्योहारी सीजन और रबी फसलों की बुवाई का सीजन खत्म होने पर कंपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की कोशिश करेगी। कंपनी को जनवरी-मार्च की अवधि में एक बार फिर मजबूत मांग की उम्मीद है। उन्होंने कहा, ''अगले दो महीनों में हम कंपनी और आपूर्ति श्रृंखला के स्तर पर इन्वेंट्री बनाने की कोशिश करेंगे। हम उम्मीद करते हैं कि जनवरी से मार्च के बीच बेहद मजबूत मांग होगी। हम इस बार बहुत अच्छी फसल की उम्मीद कर रहे हैं और इससे आगे ट्रैक्टर की बहुत अच्छी मांग आ सकती है।'' Subscribe our Telegram Channel for Industry Updates- https://t.me/TJUNC Follow us for Latest Tractor Industry Updates- LinkedIn - https://bit.ly/TJLinkedIN FaceBook - https://bit.ly/TJFacebok

ट्रैक्टर को चोरी से बचाना है तो अपनाएं ये उपाय

ट्रैक्टर को चोरी से बचाना है तो अपनाएं ये उपाय

ट्रैक्टर में नहीं होते कार जैसे फीचर्स इसलिए सिर्फ जीपीएस ही बचाएगा चोरी से सर्दी का मौसम शुरू हो गया है। सर्द गहरी रातों में चोरी की घटनाएं अचानक बढ़ जाती है। शहरी इलाकों की अपेक्षा ग्रामीण इलाकों में चोरी की वारदातें ज्यादा होती है। चोर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले किसानों के पशु, वाहन, कुएं की मोटर व ट्रैक्टर आदि को चोरी करके ले जाते हैं। इन सभी में से कुछ की भी चोरी हो तो किसान को आर्थिक नुकसान तो होता है। अगर किसान ट्रैक्टर चोरी हो जाए तो उसकी तो कमर ही टूट जाती है। हम यहां पर आपको ट्रैक्टर को चोरी से बचाने के लिए आसान टिप्स बता रहे हैं। सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रेक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1 ट्रैक्टर को चोरी से बचाने के आसान टिप्स जीपीएस (GPS) के बारे में हम सभी जानते हैं। जीपीएस तकनीक पर आधारित कुछ डिवाइस से हम अपने ट्रैक्टर को चोरी होने से बचा सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जीपीएस बेस्ड कई तरह की डिवाइस मार्केट में उपलब्ध है जिन्हें आप अपने ट्रैक्टर में लगवा सकते हैं और अपने ट्रैक्टर को किसी भी समय ट्रैक कर सकते हैं। इसी कड़ी में ट्रैक्टर जंक्शन किसान भाइयों व आमजन के लिए पिस्ता जीपीएस किट ट्रैकर लेकर आया है जो ट्रैक्टर, कार, बाइक व अन्य वाहनों में बेहद उपयोगी है, तो इस पोस्ट में हम जानते हैं पिस्ता जीपीएस किट ट्रैकर की सभी खास जानकारी। मात्र 3999 रुपए की लागत वाला यह उपकरण वाहन में आसानी से फिट हो जाता है। ट्रैक योर ट्रैक्टर लाइव लोकेशन व एंटी थेफ्ट फीचर्स वाला यह डिवाइस 18 महीने की वारंटी के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। ट्रैक्टर में जीपीएस लगाने के फायदे घर बैठे मिलेगी सारी जानकारी : ट्रैक्टर में जीपीएस डिवाइस लगाने से ट्रैक्टर मालिक को अपने ट्रैक्टर की सारी जानकारी अपने मोबाइल फोन के जरिये घर बैठे मिल जाएगी। इसके लिए उसे बस अपने मोबाइल को ट्रैक्टर में लगे जीपीएस डिवाइस से जोडऩा होगा। अगर आपका ट्रैक्टर चोरी हो जाता है तो तुरंत आपको सूचना मिल जाएगी। ट्रैक्टर की लोकेशन का रहेगा पता : इस डिवाइस की मदद से वे जान पाएंगे की ट्रैक्टर का लोकेशन क्या है और यह चालू है या बंद है या फिर खेत में जुताई का काम कर रहा है या नहीं। इससे उन्हें यह फायदा होगा कि एक काम खत्म होने पर वे दूसरा काम जल्दी शुरू कर पाएंगे। डीजल चोरी होने पर भी आएगा मैसेज : इस डिवाइस की मदद से ट्रैक्टर मालिक ये भी जान सकेंगे कि उनके ट्रैक्टर में कितना डीजल है और कार्य के दौरान कितना डीजल खर्च हुआ है। इससे उन्हें प्रति एकड़ जुताई में खर्च हुए डीजल की जानकारी मिल सकेगी। वहीं यदि ट्रैक्टर से डीजल चोरी हुआ है तो उन्हें मोबाइल पर मैसेज आ जाएगा जिससे वे डीजल की चोरी कम कर सकते है। किसान भाइयों, ट्रैक्टर किसानों की जान होती है, शान होती है और ट्रैक्टर से ही किसान की पहचान होती है। सभी कंपनियां किसानों की सुविधा के लिए ट्रैक्टर में नए-नए फीचर्स ला रही है लेकिन अभी टै्रक्टरों में कारों की तरह सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम, स्टीयरिंग लॉक, गियर लॉक, एंटी थीफ कार व्हील टायर लॉक क्लैंप जैसे फीचर्स नहीं आए हैं, इसलिए जीपीएस बेस्ड डिवाइस लगाकर ही किसान ट्रैक्टर को चोरी से बचा सकता है और हमेशा ट्रैक्टर को अपनी निगरानी में रख सकता है। ट्रैक्टर उद्योग अपडेट के लिए हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्सक्राइब करें- https://t.me/TJUNC नवीनतम ट्रैक्टर उद्योग अपडेट के लिए हमें फॉलो करें- LinkedIn - https://bit.ly/TJLinkedIN FaceBook - https://bit.ly/TJFacebok अगर आप अपनी कृषि भूमि, अन्य संपत्ति, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, दुधारू मवेशी व पशुधन बेचने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु की पोस्ट ट्रैक्टर जंक्शन पर नि:शुल्क करें और ट्रैक्टर जंक्शन के खास ऑफर का जमकर फायदा उठाएं।

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