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कोरोना की दूसरी लहर पड़ी कमजोर, महाराष्ट्र सहित 6 राज्यों में कम हो रहे हैं संक्रमण के मामले

कोरोना की दूसरी लहर पड़ी कमजोर, महाराष्ट्र सहित 6 राज्यों में कम हो रहे हैं संक्रमण के मामले

जानें, किस राज्य का क्या है हाल और आगे क्या है सरकार इंतजाम?

कोरोना महामारी के बीच एक राहत भरी खबर आई है। कोरोना की दूसरी लहर अब कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है। इससे लग रहा है कि हम कोरोना की दूसरी लहर जल्द ही काबू पा लेंगे। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार जिन राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामलों में गिरावट आई है उनमें उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात व छत्तीसगढ़ है। बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर में इन्हीं राज्यों कोरोना संक्रमितों की संख्या सबसे अधिक थी। लेकिन अब यहां कोरोना संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या का ग्राफ नीचे की ओर आ रहा है। हालांकि इसमें बहुत कुछ हद तक टीकाकरण का भी योगदान रहा है जिससे यहां मामलों में कमी देखी जा रही है।  इस समय उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात व छत्तीसगढ़ में कोरोना का पीक आ चुका है। अब धीरे-धीरे कोरोना संक्रमण उतार की ओर है। संक्रमितों की संख्या घट रही है। 

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इन राज्यों में पीक आना बाकी इसलिए सतर्कता बरतना है जरूरी

हालांकि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का प्रभाव कम हुआ है और इससे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात व छत्तीसगढ़ में मरीजों की संख्या कम हुई है मगर, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश व तमिलनाडु में अभी कोरोना का पीक आना बाकी है। इसलिए सतर्कता जरूरी है। सबसे अधिक खतरा केरल, बिहार, झारखंड, राजस्थान, हरियाणा व तेलंगाना में है, जहां कोरोना संक्रमण फ्लकचुएट कर रहा है। मतलब लगातार कोरोना संक्रमण में उतार-चढ़ाव का ग्राफ दिख रहा है। यह रिपोर्ट आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. महेंद्र कुमार वर्मा व प्रो. राजेश रंजन की है। उन्होंने यह रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्रालय भी भेजी है। आईआईटी के प्रो. महेंद्र कुमार वर्मा ने कोरोना संक्रमण के द्वितीय लहर (सेकेंड वेव) के प्रतिदिन केस के आधार पर एक सर (द सस्पिटेबल इंफेक्टेड रेसिसटेंट) मॉडल तैयार किया है। इसके आधार पर केसों के बढऩे व घटने की संख्या का आकलन किया जा सकता है। उन्होंने हर प्रदेश की अलग रिपोर्ट तैयार की है। प्रो. वर्मा ने अपनी रिपोर्ट में प्रदेश के अनुसार टीपीआर (नंबर ऑफ पाजिटिव केसेस पर 100 टेस्ट) और सीएफआर (द परसेंटेज ऑफ डेथ पर 100 केस) का भी आकलन किया है। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में टीपीआर व सीएफआर दोनों अधिक हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय को रिपोर्ट 8 मई तक के आधार पर तैयार कर भेजी है। 


इन प्रदेशों में आ चुका है पीक

 

प्रदेश            टीपीआर सीएफआर
महाराष्ट्र 21 1.53
उत्तर प्रदेश 12 1.22
मध्य प्रदेश 18 0.66
गुजरात 9 1.00
छत्तीसगढ़ 23 1.61
दिल्ली 25 1.65

 

इन प्रदेशों में फ्लक्चुएशन यानि उतार-चढ़ाव की स्थिति

 

प्रदेश            टीपीआर सीएफआर
केरल 27 0.14
झारखंड 11 2.22
बिहार 14 0.49
राजस्थान 20 0.91
हरियाणा 28 1.17
तेलंगाना 9 0.80

 

इन प्रदेशों में पीक आना है बाकी

 

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प्रदेश                     टीपीआर सीएफआर
कर्नाटक 31 0.82
आंध्र प्रदेश 19 0.38
तमिलनाडु  16 0.76

 

देश में कोरोना वैक्सीन की कमी, खुराक का अंतराल 16 सप्ताह तक बढ़ाया

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में रोजाना 4000 के करीब मरीजों की कोरोना के कारण मौत हो रही है। संक्रमण के नए मामले भी बीते दिनों चार लाख के पार कर गए।  इस बीच कई राज्यों में टीकों की कमी के बीच एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की खुराक के बीच के अंतराल को 16 सप्ताह तक बढ़ा दिया गया है। भारत में कोरोना की दूसरी लहर ने विशेषज्ञों की भी चिंता बढ़ा दी है। 


अब तक कितनों को लगी कोरोना की वैक्सीन

गुरुवार तक देश में केवल 3.82 करोड़ लोगों को टीके की दूसरी खुराक दी गई है। यह लगभग 135 करोड़ की आबादी का सिर्फ 2.8 प्रतिशत है। इस संबंध में डॉ. पॉल ने कहा कि हम सीमित आपूर्ति के दौर से गुजर रहे हैं। पूरी दुनिया इससे गुजर रही है। इस चरण से बाहर आने में समय लगता है। उन्होंने कहा कि स्पुतनिक वैक्सीन की कुछ खेप भी देश में आ गई है और उन्हें उम्मीद है कि वे अगले सप्ताह से उपलब्ध होंगी।


 को-वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए अन्य कंपनियों को भी आमंत्रण

मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार और हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक अन्य कंपनियों को आमंत्रित करने के लिए तैयार हैं, जो को-वैक्सीन का उत्पादन करने में मदद करना चाहते हैं। एक शीर्ष सरकारी सलाहकार ने गुरुवार को यह जानकारी दी है। आपको बता दें कि में भारत कोरोनो वायरस के टीके की कमी से जूझ रहा है। एनआईटीआई आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि लोग कहते हैं कि को-वैक्सीन के निर्माण की जिम्मेदारी अन्य कंपनियों को भी दी जानी चाहिए। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि चर्चा के दौरान कोवा-इन निर्माण कंपनी  (भारत बायोटेक) ने इसका स्वागत किया है।


कोरोना को लेकर भारत की स्थिति

हेल्थ मिनिस्ट्री की जानिब से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार को 3.62 लाख नए मरीज आए हैं और 4100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। गुरुवार की सुबह हेल्थ मिनिस्ट्री ने बताया कि पिछले 24 घंटों में देशभर में 3,62,727 नए कोरोना के मरीज सामने आए हैं। इसके बाद कुल कोरोना मामलों की तादाद 2,37,03,665 पहुंच गई है। इसके अलावा 4120 लोगों की मौत के बाद कुल मरने वालों की तादाद 2,58,317 पहुंच गई है।

 

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