प्रवासी मजदूरों के लिए घर बनाएगी यूपी सरकार, न्यूनतम किराये के साथ मिलेंगे कई फायदे

प्रवासी मजदूरों के लिए घर बनाएगी यूपी सरकार, न्यूनतम किराये के साथ मिलेंगे कई फायदे

Posted On - 17 Sep 2020

जानें, क्या है रेंटल कॉम्प्लेक्स स्कीम और इससे क्या होगा फायदा?

केंद्र सरकार की ओर से प्रवासियों की कई तरह से मदद की जा रही है। वहीं नई - नई योजनाएं चला कर उन्हें सहायता प्रदान करने के प्रयास सरकार की ओर से किए जा रहे हैं। इस काम में राज्य सरकारें भी पीछे नहीं है। वे भी प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए योजनाएं चला रही हैं। इनमें से एक योजना प्रवासी मजदूरों की मकान संबंधी आवश्यकता का पूरा करने को लेकर तैयारी की गई है। इसके लिए यूपी सरकार ने पहल करते हुए इस दिशा में कार्य शुरू कर दिया है। यूपी सरकार ने प्रवासी मजदूरों को सस्ते किराये पर घर मुहैया करने का बीड़ा उठाया है जिससे काफी संख्या में प्रवासी मजदूरों  ( Pravasi Majdur ) को फायदा होगा। सरकार का प्रयास रहेगा कि प्रवासी मजदूरों को उनके कार्य स्थल के समीप ही घर बनाकर किराये पर दिए जाएं ताकि उन्हें आवागमन में परेशानी नहीं हो और उनके समय व श्रम की बचत भी हो सके। जानकारी के अनुसार यूपी सरकार प्रवासी मजदूरों के रहने के लिए रेंटल कॉम्प्लेक्स बनाने जा रही है। आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य यूपी में पहली बार प्रवासियों के लिए शहरों में किराये के घर बनाए जा रहे हैं।

 

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क्या है अफोर्डेबल रेंटल कॉम्प्लेक्स स्कीम

केंद्रीय कैबिनेट ने जुलाई 2020 में अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग स्कीम को मंजूरी दी थी। इस स्कीम में शहरी प्रवासियों और गरीबों के लिए किराये के घर विकसित किये जाएंगे। यह योजना प्रधानमंत्री आवास योजना की उप योजना के रूप में है। इस योजना से कंस्ट्रक्शन वर्कर्स, लेबर्स और प्रवासी मजदूर जैसे असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों और गरीबों को किफायती किराए के साथ रहने को घर मिल सकेगा। इस योजना पर अनुमानित कुल व्यय 600 करोड़ रुपये होगा। इस नई योजना में वर्तमान में खाली पड़े सरकारी वित्त पोषित घरों को अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में बदला जाएगा। इस योजना से 3 लाख लोगों को फायदा पहुँचेगा।

 


 

किन - किन लोगों को मिलेगा इस योजना का लाभ

इस स्कीम के तहत बनाए जा रहे मकानों में प्रवासी मजदूरों ( pravasi majdur yojana ) सहित कामगारों, छात्रों और कम आय वर्ग के लोगों को सस्ते किराये पर रहने की सुविधा दी जाएगी। इससे उनकी आवास संबंधी समस्या को हल करने में सहायता मिलेगी।


कितना होगा किराया

यूपी की राजधानी लखनऊ में कम कीमत के मकान बनाने की यह योजना शुरू की जा चुकी है। इनका किराया 5,000 रुपए प्रति महीने या इससे कम रखे जाने की उम्मीद है। इस तरह का पहला कॉम्प्लेक्स राजधानी लखनऊ में ऐशबाग इलाके में बनाया जा रहा है। रेसिडेंशियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण लखनऊ विकास प्राधिकरण कराने जा रहा है। यहां टू बीएचके और टू बीएचके प्लस स्टडी टाइप के फ्लैट बनने जा रहे हैं।


कौन सी कंपनी को दिया गया है ठेका और कितने फ्लैट बनेंगे

यूपी सरकार की इस स्कीम के तहत शुरुआत में करीब 600 फ्लैट बनाए जाएंगे। इसके लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण ने रेंटल कॉम्प्लेक्स के बनाने के लिए आर्किटेक्ट और कंस्लटेंट से बातचीत शुरू कर दी है। एलडीए सभी सुविधाओं के साथ पांच हजार रुपए प्रति माह से कम किराये वाली बिल्डिंग बना कर देगा। इसमें प्रवासी मजदूर, नर्स, छात्र, फ़ैक्टरियों में काम करने के लिए बाहर से आए लोगों को रहने में प्राथमिकता दी जाएगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने ऐशबाग में कम कीमत के फ्लैट बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। ऐशबाग में औद्योगिक क्षेत्र की खाली जमीन पर एलडीए की 600 फ्लैट बनाने की योजना है।

 


 

स्कीम के तहत और क्या होंगे फायदे

इस स्कीम के तहत बनने वाले इन फ्लैटों के आवंटियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत मिलने वाले लाभ के साथ ही जी एसटी में छूट भी दी जाएगी। इसके अलावा एलडीए अधिकारियों के मुताबिक 90 वर्गमीटर और 45 लाख रुपए से कम कीमत वाले इन फ्लैट पर जहां सिर्फ एक फीसदी जी एसटी देना होगा, वहीं पीएमएवाई में होम लोन पर सब्सिडी भी मिलेगी। इससे आवंटियों को सीधे तौर पर करीब तीन लाख रुपए तक का फायदा हो सकता है।

 

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