स्वामित्व योजना : अब गांव के लोगों को भी मिलेगा अपनी संपत्ति का कानूनी मालिकाना हक

स्वामित्व योजना : अब गांव के लोगों को भी मिलेगा अपनी संपत्ति का कानूनी मालिकाना हक

Posted On - 12 Oct 2020

जानें, स्वामित्व योजना क्या है? और इससे कैसे होगा ग्रामीणों का भला

पीएम मोदी ने रविवार 11 अक्टूबर 2020 को स्वामित्व योजना का उद्घाटन किया। इस योजना के तहत ग्रामीण विकास के लिए अनेक कार्य किए जाएंगे। इससे ग्रामीणों सहित ग्राम पंचायतों को फायदा होगा। जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्वामित्व योजना की शुरुआत की। इस मौके पर पीएम ने स्वामित्व योजना के लाभ बताए और कुछ लाभार्भियों से भी बातचीत की। पंचायतीराज मंत्रालय के तहत शुरू की गई इस योजना के जरिए 6 राज्यों की 763 पंचायतों के करीब एक लाख लोगों को फायदा मिलेगा। आने वाले समय में बाकी राज्यों और पंचायतों को इसमें जोड़ा जाएगा। 

 

सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रेक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1

 

स्वामित्व योजना 2020 : तैयार किया जाएगा पूरा रिकार्ड (Svamitva scheme )

स्वामित्व योजना, राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस यानी 24 अप्रैल 2020 को लॉन्च की गई थी। बता दें कि इस योजना के बारें में पीएम ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस, यानि 24 अप्रैल, 2020 को घोषिणा की थी। इस योजना के विषय में पीएम का कहना है कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे लोग आत्मनिर्भर बनेंगे। योजना के तहत प्रापर्टी के कार्ड का फिजिकल वितरण किया जाएगा।

इस मौके पर देश को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि प्रॉपर्टी कार्ड देश के प्रत्येक गांवों में पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड इसके स्वामी में आत्मविश्वास की बढ़ोतरी करेगा और निवेश के नए द्वार खोलेगा। मोदी ने कहा कि इस योजना से ऐतिहासिक बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि आज आप लाभार्थियों के पास अधिकार है, एक वैध दस्तावेज हैं कि आपका घर आपका ही है। प्रधानमंत्री ने कहा, आपके प्रॉपर्टी के रिकार्ड से, आपको बैंक से आसानी से लोन मिल जाएगा।

 


क्या है स्वामित्व योजना / स्वामित्व योजना क्या है?

इस योजना का पूरा नाम है सर्वे ऑफ विलेज एंड मेकिंग विद इम्प्रोवाइज्ड टेक्नोलॉजी इन इमेज एरियाज (स्वामित्व) है। इस योजना के तहत ड्रोन के जरिए जमीनों का सीमांकन किया जाता है। एक गांव की सीमा में जितनी प्रॉपर्टी आती हैं, सभी का डिजिटल नक्शा तैयार किया जाता है। इस योजना के तहत गांव की सभी इमारतों, मकान, दुकान, जमीन, तलाब आदि का एक लेखा जोखा तैयार किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य संपत्ति के रिकॉर्ड तैयार करना और मालिकाना हक तय करना है।


प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना की खास बातें

  • योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को ‘रिकॉर्ड ऑफ राइट्स’ देने के लिए संपत्ति कार्ड का वितरण किया जाना है।
  • इस योजना का क्रियान्वयन 4 साल में चरणबद्ध ढंग से किया जाएगा। इसे 2020 से 2024 के बीच पूरा किया जाना है और देश के 6.62 लाख गांवों को कवर किया जाना है।
  • इसमें से एक लाख गावों को आरंभिक चरण (पायलट फेज) में 2000-21 के दौरान कवर किया जाएगा।
  • इस आरंभिक चरण में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक के गांवों के साथ-साथ से पंजाब और राजस्थान के सीमावर्ती कुछ गांव शामिल किए जाएंगे।
  • पंजाब और राजस्थान में नियमित प्रचालन प्रणाली स्टेशन (सीओआरएस) नेटवर्क भी स्थापित किया जाएगा।
  • इन सभी राज्यों ने सर्वे ऑफ इंडिया के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत इस योजना के क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन सर्वेक्षण किया जाएगा।
  • इन राज्यों ने डिजिटल संपत्ति कार्ड के प्रारूप और जिन गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण किया जाना है उसे अंतिम रूप दे दिया है।
  • पंजाब और राजस्थान में सीओआरएस नेटवर्क की स्थापना के लिए सर्वे ऑफ इंडिया से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं ताकि भविष्य में ड्रोन उड़ाने संबंधी गतिविधियों को संचालित करने में मदद की जा सके।
  • अलग-अलग राज्यों में संपत्ति कार्ड को अलग-अलग नाम दिए गए हैं. हरियाणा में ‘टाइटल डीड’, कर्नाटक में ‘रूरल प्रॉपर्टी ओनरशिप रिकॉर्ड’ (आरपीओआर), मध्यप्रदेश में ‘अधिकार अभिलेख, महाराष्ट्र में ‘सनद, उत्तराखंड में ‘स्वामित्व अभिलेख और उत्तर प्रदेश में ‘घरौनी’ नाम दिया गया है।


पीएम मोदी ने उत्तराखंड के 50 गांवों के 6804 लोगों को बांटे संपत्ति कार्ड 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामित्व योजना मेरी संपत्ति मेरा हक के पायलट फेज के तहत महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के एक लाख ग्रामीणों को प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए गए। इनमें उत्तराखंड के 50 गांवों के 6804 लोगों को संपत्ति कार्ड बांटे। यह अभिलेख ड्रोन सर्वे के माध्यम से तैयार किए गए। सर्वे ऑफ इंडिया और राजस्व विभाग की टीमों ने बहुत कम समय में ये कार्य पूरा किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कुछ लाभार्थियों से भी बात की। पौड़ी के खिर्सू निवासी सुरेश चंद्र से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, वे उत्तराखंड के हिमालय क्षेत्र में काफी रहे हैं। सुरेश बहुत भाग्यशाली हैं कि वे ऐसे स्थान पर रहते हैं, जहां से पवित्र पर्वतों के दर्शन होते हैं।  इसके अलावा इस योजना के तहत रविवार को पीएम मोदी ने छह राज्यों के 763 गांवों के एक लाख लोगों को प्रॉपर्टी कार्ड का वितरण किया। 


स्वामित्व योजना 2020 से लाभ

इस योजना के तहत ड्रोन सर्वे तकनीक की सहायता से गांव के आबादी वाले क्षेत्रों का सीमांकन किया जाएगा। इससे गांव में रहने वाले लोगों को अपनी संपत्ति का रिकॉर्ड्स ऑफ राइट्स हासिल होगा। इन रिकॉर्ड्स के जरिए वे अपनी संपत्ति का वित्तीय रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे और बैंक से कर्ज या अन्य वित्तीय सुविधाएं लेने में कर सकते हैं। इस योजना से ग्रामीण योजना के लिए जमीन के सटीक आंकड़े मिलेंगे और प्रॉपर्टी टैक्स के आकलन में सरकार को मदद मिलेगी। इसके अलावा इससे जमीन से जुड़े कानूनी झगड़े कम करने में मदद मिलेगी।


ऐसे डाउनलोड कर सकेंगे जमीन के कागजात

पीएमओ द्वारा मीडिया को दी गई जानकारी के मुताबिक योजना के तहत 1.32 लाख लोगों को अपनी जमीन के कागज एक एसएमएस लिंक के जरिए डाउनलोड कर सकेंगे। पहले चरण में योजना का लाभ छह राज्यों के 763 गांवों को मिलेगा। इसमें 346 गांव उत्तर प्रदेश, 221 हरियाणा, 100 महाराष्ट्र, 44 मध्य प्रदेश, 50 उत्तराखंड और 2 कर्नाटक से हैं। महाराष्ट्र के अलावा अन्य राज्यों को एक दिन के भीतर उनके जमीन के कागजात डाउनलोड करने के लिए एसएमएस लिंक एक दिन के भीतर भेज दिया जाएगा। महाराष्ट्र में प्रॉपर्टी कार्ड पर शुल्क रखा गया है, इसलिए वहां इसमें एक महीने तक का समय लग सकता है।

 

पीएम ने किया ई-ग्राम स्वराज मोबाइल ऐप लॉन्च / स्वामित्व योजना Portal

पीएम ने ई-ग्राम स्वराज मोबाइल ऐप नाम से एक ऐप भी लॉन्च किया है। इस ऐप के माध्यम से, पंचायती राज मंत्रालय ग्राम पंचायतों को अपनी ग्राम पंचायत विकास योजना को तैयार करने और लागू करने के लिए एक एकल इंटरफ़ेस प्रदान करेगा। वहीं इस वर्ष राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर ई-ग्राम स्वराज पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है। पोर्टल का नाम egramswaraj.gov.in है। देश के सभी लोग इस वेबसाइट से संबंधित मोबाइल ऐप को पोर्टल से भी डाउनलोड कर सकते हैं। 

 

 

स्वामित्व योजना : ऐसे करें ई-ग्राम स्वराज मोबाइल ऐप को डाउनलोड

ग्राम पंचायतों और ग्रामीणों के लिए ई ग्राम स्वराज ऐप लॉन्च किया गया है। ऐप जल्द ही गूगल प्ले स्टोर में लाइव होगा। आप गूगल प्ले के माध्यम से अपने एंड्रॉइड फोन पर ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। ऐप एप्पल स्टोर पर भी उपलब्ध होगा जहां से इसे अपने आई फोन पर डाउनलोड किया जा सकता है। इस बीच, ऐप को egramswaraj.gov.in के आधिकारिक पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है। आप इस पोर्टल पर भी जा सकते हैं। ई-ग्रामस्वराज मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए आपको जिन चरणों का पालन करना होगा, वह इस प्रकार है-

ई ग्राम स्वराज ऐप को डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले आपको अपने एंड्रॉइड मोबाइल पर गूगल प्ले स्टोर या ऐप स्टोर खोलना होगा। लिंक इस प्रकार है- ई- स्वराज एप, अब आपको सर्च बॉक्स में ई-ग्राम स्वराज टाइप करना होगा। ऐसा करने से आपके सामने ई-ग्राम स्वराज ऐप आएगी, उस पर क्लिक करें। अब आपको वहां इंस्टॉल बटन पर क्लिक करना होगा और अपने मोबाइल फोन पर ऐप डाउनलोड करनी होगी। इस प्रकार आपके मोबाइल फोन पर ई-ग्राम स्वराज एप डाउनलोड हो जाएगी।
 

 

 

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