गेहूं के बीज पर सब्सिडी : छोटे और सीमांत किसानों को दी जाएगी प्राथमिकता

Published - 03 Nov 2020

गेहूं के बीज पर सब्सिडी : छोटे और सीमांत किसानों को दी जाएगी प्राथमिकता

पंजाब सरकार ने दी गेहूं बीज सब्सिडी नीति 2020-21 को मंजूरी, किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी देगी सरकार

किसानों के लिए केंद्र सरकार की ओर से कई योजनाओं को चलाया जा रहा है जिससे किसानों को फायदा पहुंच सके। वहीं राज्य सरकारें भी किसान के लाभार्थ कई योजनाएं चला रही हैं। यही नहीं, किसानों को राहत देने के लिए कई नई घोषणाएं भी राज्य व केंद्र सरकार की ओर से जा रही है। हाल ही में पंजाब राज्य में किसानों को राहत पहुंचाने के लिए गेहूं के बीज 50 प्रतिशत सब्सिडी पर दिए जाने की घोषणा राज्य के मुख्यमंत्री द्वारा की गई है।

जानकारी के अनुसार पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने रबी सत्र में किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर प्रमाणित गेहूं के बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग की गेहूं बीज सब्सिडी नीति 2020-21 को मंजूरी दी है। अब किसानों को आधी कीमत पर बीज मुहैया कराया जाएगा जिससे छोटे किसानों को फायदा होगा।
मीडिया में प्रकाशित एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि कुल 1.85 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज करीब 2.5 लाख किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए 18.50 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। बीजों की कुल लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 1,000 रुपए प्रति क्विंटल के बराबर सब्सिडी सीधे आवेदक किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। गेहूं के बीज के लिए सब्सिडी अधिकतम पांच एकड़ खेत के लिए दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने सब्सिडी युक्त बीज के लिए छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने एसीएस (विकास) अनिरुद्ध तिवारी को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि केवल गुणवत्ता वाले बीज ही किसानों तक पहुंचे।

 

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योजना का लाभ लेने के लिए यहां करें आवेदन

कृषि विभाग की गेहूं बीज सब्सिडी नीति 2020-21 की मंजूरी के बाद किसान इस योजना का लाभ एक नवंबर से ले सकते हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पात्र किसान सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए दी गई तिथि में अपने क्षेत्रों के कृषि विभाग कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं। विभाग रबी सीजन 2020-21 के दौरान राज्य में लगभग 35 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की खेती होने की उम्मीद जता रहा है।

 


अधिकतम पांच एकड़ क्षेत्र के लिए मिलेगी सब्सिडी

एसीएस ( विकास ) अनिरुद्ध तिवारी ने बताया कृषि विभाग ने किसानों को रियायती दरों पर गेहूं के बीज उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित कर लिए हैं। बीजों की कुल लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 1,000 रुपए प्रति क्विंटल के बराबर सब्सिडी सीधे आवेदक किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। अधिकतम पांच एकड़ क्षेत्र के लिए गेहूं के बीज पर सब्सिडी प्रदान की जाएगी।


इधर राज्य में यूरिया की कमी से रबी फसल की बुवाई में हो रही है देरी

पंजाब में यूरिया की कमी के कारण रबी फसल की बुवाई प्रभावित हो रही है। इससे गेहूं सहित रबी फसलों की बुआई पर असर पड़ रहा है। बता दें कि किसान आंदोलन के चलते पंजाब में कुछ रूटों पर मालगाडियां रद्द कर दी गई हैं। इसका असर यूरिया की सप्लाई पर पड़ रहा है। इसकी वजह से राज्य में यूरिया की कमी हो गई है। इस संबंध में राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना है कि यूरिया की कमी से रबी फसल की बुवाई प्रभावित हो सकती है।

किसानों को रबी फसलों की बुवाई के लिए यूरिया और डीएपी (डायमोनियम फॉस्फेट) की जरूरत होती है। कृषि विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार राज्य में यूरिया की कमी हो गई है। अधिकारियों के अनुसार पंजाब में रबी सत्र के लिए 14.50 लाख टन यूरिया की जरूरत है, लेकिन राज्य में केवल 75,000 टन यूरिया उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि चार लाख टन यूरिया की खेप अक्टूबर में आने वाली थी, लेकिन केवल एक लाख टन ही पहुंची।

नवंबर के लिए राज्य में चार लाख टन यूरिया का आवंटन किया गया है। गेहूं की बुवाई का सत्र 1 नवंबर में शुरू हो चुका है। रबी सत्र के दौरान राज्य में लगभग 35 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई होने की उम्मीद है। पंजाब को गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से रेलगाडिय़ों के जरिये यूरिया की आपूर्ति होती है। केंद्र के नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने कुछ रेल पटरियों को बाधित कर दिया है, जिसके मद्देनजर रेलवे ने पंजाब में मालगाड़ी सेवाओं को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने माल ढुलाई सेवाओं को बहाल करने के लिए रेल मंत्री पीयूष गोयल से हस्तक्षेप करने के लिए कहा था, जिस पर गोयल ने पंजाब सरकार से रेलगाडिय़ों और चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा का आश्वासन मांग है।

 

 

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