• Home
  • News
  • Sarkari Yojana News
  • दीपावली से पहले मोदी सरकार की सौगात, आत्मनिर्भर भारत 3.0 का ऐलान 

दीपावली से पहले मोदी सरकार की सौगात, आत्मनिर्भर भारत 3.0 का ऐलान 

दीपावली से पहले मोदी सरकार की सौगात, आत्मनिर्भर भारत 3.0 का ऐलान 

14 करोड़ किसानों को फर्टिलाइजर सब्सिडी का मिलेगा फायदा

दीपावली से पहले केंद्र की मोदी सरकार ने देशवासियों को खास सौगात दी है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर भारत 3.0 का ऐलान करके किसानों, मजदूरों, श्रमिकों, व्यापारियों सहित हर वर्ग को राहत प्रदान की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने धनतेरस से एक दिन पहले गुरुवार को पत्रकार वार्ता में जानकारी दी कि कोरोना के कारण डगमगाई अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। मोदी सरकार की ओर से आत्मनिर्भर भारत 3.0 का ऐलान किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण काल में नए रोजगार के अवसरों का सृजन करने के लिए आत्मनिर्भर भारत योजना की शुरुआत की थी। 

 

सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रैक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1

 

आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज / आत्मनिर्भर भारत अभियान क्या है (atam nirbhar bharat)

कोरोना वायरस की मार से भारतीय अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए 12 मई 2020 को देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक राहत पैकेज, आत्मनिर्भर भारत अभियान की शुरुआत की की थी।  इस आत्मनिर्भर भारत अभियान 2020 के तहत 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की गई थी जो देश की जीडीपी का लगभग 10 प्रतिशत है। अब इसके तीसरे चरण का शुभारंभ किया गया है।

 

 

आत्मनिर्भर भारत 3.0 की घोषणाएं (atamnirbhar bharat)

केंद्र की मोदी सरकार ने आत्म निर्भर भारत अभियान 3.0 के तहत 2 लाख 65 हजार 80 करोड़ रुपए की 12 घोषणाएं की है। यह जीडीपी का करीब 15 फीसदी है। आत्मनिर्भर भारत 3.0 की प्रमुख 12 घोषणाएं नीचे दी गई हैं। 

1. आत्म निर्भर भारत रोजगार योजना

ऐसे कर्मचारी जो पहले पीएफ के लिए रजिस्टर्ड नहीं थे और उनकी सैलरी 15 हजार रुपये से कम है उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। जो लोग कोरोना काल के दौरान अगस्त से सितंबर तक नौकरी में नहीं थे, लेकिन उसके बाद पीएफ से जुड़े हैं उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। यह योजना 30 जून 2021 तक लागू रहेगी। इस योजना का लक्ष्य यह है कि ज्यादा से ज्यादा कर्मचारी ईपीएफओ से जुड़ें और पीएफ का फायदा उठायें।

2. फर्टिलाइजर सब्सिडी

सरकार किसानों को फर्टिलाइजर खरीदने के लिए सब्सिडी के रूप में 65 हजार करोड़ रुपए देगी। इससे 14 करोड़ किसानों को फायदा होगा। देश में खाद की खपत 2019-20 के मुकाबले 17.8 फीसदी बढ़ी है।

3. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना 

यह कोरोना लॉकडाउन के दौर में घर लौटे मजदूरों के लिए सरकार की व्यापक सोच वाली योजना है। पीएम गरीब कल्याण रोजगार योजना के लिए सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

4. पीएलआई स्कीम

पीएलआई स्कीम के तहत केंद्र सरकार अगले पांच साल के दौरान 1.46 लाख करोड़ रुपए का प्रोत्साहन देगी। पीएलआई स्कीम एक आउटपुट आधारित प्रोत्साहन योजना है जिसमें निर्माता/उत्पादक यदि किसी सामान का उत्पादन करता है तो उसे सरकार की तरफ से पहले से निर्धारित प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत 5-7 साल के लिये नकद प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसमें सभी उभरते हुए महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया जाता है। इन निर्माण क्षेत्रों में ऑटोमोबाइल, नेटवर्किंग उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, उन्नत रसायन विज्ञान और सोलर पावर सिस्टम शामिल हो सकते हैं।

5. पीएम आवास योजना शहरी

पीएम शहरी आवास योजना की मदद से देश में 12 लाख नए, 18 लाख पुराने घरों का निर्माण पूरा हो सकेगा। इसके लिए 18 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इस योजना में कुल 30 लाख मकान बन सकेंगे। यह बजट में घोषित 8 हजार करोड़ रुपए के अतिरिक्त होगा। इसमें 78 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

6. इमरजेंसी क्रेडिट गारंटी स्कीम

केंद्र सरकार ने 3 लाख करोड़ रुपये की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम की समय-सीमा बढ़ाकर 31 मार्च 2021 तक कर दी है। आत्मनिर्भर भारत के तहत ईसीएलजी स्कीम के तहत 61 लाख लोगों ने लाभ उठाया है।

7. इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को प्रदर्शन सुरक्षा राशि में राहत

निर्माण क्षेत्र की कंपनियों को को अब कान्ट्रेक्टस के लिए परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के रूप में 5-10 फीसदी की जगह सिर्फ 3 फीसदी रकम रखनी होगी। यह राहत ३१ दिसंबर 2021 तक मिलेगी।

8. इनकम टैक्स रिलीफ 

डवलपर्स और घर खरीदारों को इनकम टैक्स में राहत दी गयी है। इससे रियल एस्टेट को बूस्ट मिलेगा और मध्य वर्ग को राहत मिलेगी। सर्कल रेट और एग्रीमेंट वैल्यू में अंतर को 10 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी करने का फैसला किया गया है।

9. एनआईआईएफ 

केंद्र सरकार एनआईआईएफ के डेट प्लेटफॉर्म में 6000 करोड़ रुपए इक्विटी के रूप में निवेश करेगी।

10. एग्जिम बैंक को 3000 करोड़ 

प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए एक्जिम बैंक को 3000 करोड़ रुपये लाइन ऑफ क्रेडिट के रूप में दिए जाएंगे।

11.उद्योग और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 10 हजार 200 करोड़ रुपए

सरकार ने कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर अगले साल तक 10,200 करोड़ रुपए खर्च करने का ऐलान किया है।

12.कोविड पर रिसर्च के लिए 900 करोड़ 

कोविड पर रिसर्च के लिए 900 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। यह फंड बायोटेक्नोलॉजी विभाग को मिलेगा। यह कोविड टीका बनाने के लिए नहीं, बल्कि उसके बारे में रिसर्च के लिए होगा। कोविड टीके का खर्च अलग होगा।

 

अगर आप अपनी कृषि भूमि, अन्य संपत्ति, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, दुधारू मवेशी व पशुधन बेचने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु की पोस्ट ट्रैक्टर जंक्शन पर नि:शुल्क करें और ट्रैक्टर जंक्शन के खास ऑफर का जमकर फायदा उठाएं।

Top Sarkari Yojana News

राजीव गांधी किसान न्याय योजना : सीधे बैंक खातें में मिलेगी सहायता राशि

राजीव गांधी किसान न्याय योजना : सीधे बैंक खातें में मिलेगी सहायता राशि

जानें, कैसे कराएं राजीव गांधी किसान न्याय योजना में पंजीकरण और क्या देने होंगे दस्तावेज प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के खातों में सीधे सहायता प्रदान की जाती है। इसी योजना की तर्ज पर अब कई राज्यों ने किसानों को आवश्यक आदान खरीदने के लिए सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योजना की शुरुआत कर दी है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से किसानों के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की गई है। इसके तहत धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग, उड़द, रामतिल, कोदो, कुटकी तथा रबी में गन्ना के तहत किसानों को सीधे सहायता राशि दी जाती है। कृषि विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के क्रियान्वयन हेतु खरीफ-2020 में योजना अंतर्गत सम्मिलित फसल एवं पेराई वर्ष 2020-21 के गन्ना फसल हेतु कृषकों के पंजीयन एवं पात्रता निर्धारण के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रेक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1 क्या है राजीव गांधी किसान न्याय योजना (Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojana) छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ शुरू की है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि यानि 21 मई 2020 को पर इस योजना को लॉन्च किया। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत राज्य के 19 लाख किसानों को 5700 करोड़ रुपए की राशि चार किस्तों में सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की जानी है। राज्य सरकार इस योजना के तहत खरीफ 2019 से धान व मक्का लगाने वाले किसानों को सहकारी समिति के माध्यम से उपार्जित मात्रा के आधार पर अधिकतम 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से सहायता राशि देगी। अब तक 18.34 लाख से ज्यादा किसानों को किया 4500 करोड़ का भुगतान राजीव गांधी किसान न्याय योजना Online Payment : अब तक इस योजना में किसानों को तीन किस्तों का भुगतान किया जा चुका है। चौथी किस्त आना अभी बाकी है। पहली किस्त का भुगतान 21 मई 2020 को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर किया गया जिसके तहत 18.34 लाख से ज्यादा धान किसानों को 1500 करोड़ की पहली किस्त उनके खाते में हस्तांतरित की गई। दूसरी किस्त का भुगतान पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के जन्मदिन 20 अगस्त 2020 को किया गया जिसमें किसानों को 1500 करोड़ की सहायता राशि दी गई। इसी तरह तीसरी किस्त का भुगतान छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस 1 नवंबर को किया गया जिसमें 1500 करोड़ रुपए की सहायता राशि किसानो को प्रदान की गई। चौथी किस्त आना अभी है बाकी जिसके लिए किसानों के पंजीकरण का कार्य किया जा रहा है। राजीव गांधी योजना के तहत धान व मक्का फसल के लिए पंजीकरण की ये हैं व्यवस्था खरीफ वर्ष 2020-21 में धान एवं मक्का फसल का समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा किसानों का पंजीयन किया गया है। खाद्य विभाग द्वारा पंजीकृत किसानों के डाटा को राजीव गांधी किसान न्याय योजना हेतु मान्य किया जाएगा तथा उपार्जित मात्रा के आधार पर अनुपातिक रकबा ज्ञात कर आदान सहायता राशि की गणना की जाएगी। राजीव गांधी किसान न्याय योजना Registration / गन्ना किसान कैसे कराएं इस योजना में पंजीकरण वह किसान जो गन्ना पेराई वर्ष 2020-21 हेतु सहकारी शक्कर कारखाना में पंजीकृत रकबा को योजना अंतर्गत सहायता अनुदान राशि की गणना हेतु मान्य किया जाएगा। अन्य फसल लगाने वाले किसानों को कृषि साख सहकारी समिति में कराना होगा पंजीयन धान, मक्का एवं गन्ना के अलावा अन्य फसल लगाने वाले किसानों को संबंधित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराना होगा। क्षेत्र ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा किसानों के आवेदन पत्र का सत्यापन भुईया पोर्टल में प्रदर्शित संबंधित मौसम की गिरदावरी के आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा। सत्यापन उपरांत किसान को संबंधित सहकारी समिति में पंजीयन कराना होगा। छत्तीसगढ़ राजीव गांधी किसान न्याय योजना : पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज किसान को पूर्ण रूप से भरे हुए प्रपत्र के साथ आवश्यक अभिलेख जैसे ऋण पुस्तिका, आधार नंबर, बैंक पासबुक की छायाप्रति, संबंधित प्राथमिक सहकारी समिति में जमा कर निर्धारित समय-सीमा 30 नवंबर 2020 तक पंजीयन कराना होगा। योजना अंतर्गत सम्मिलित अन्य फसलों के लिए राजस्व विभाग द्वारा किसानवार फसलवार शत-प्रतिशत (क्षेत्रच्छादन) का गिरदावरी करते हुए भुईया पोर्टल में इंद्राज किया जा रहा है। योजना अंतर्गत धान, मक्का एवं गन्ना उत्पादक किसानों को छोडक़र शेष फसलों यथा सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग उड़द, कुलथी, रामतिल, कोदो, कुटकी एवं रागी फसल हेतु आदान सहायता राशि की गणना संबंधित फसलों की गिरदावरी के अनुसार भुइयां पोर्टल में संधारित रकबा के आधार पर आनुपातिक रूप से की जाएगी। राजीव गांधी न्याय योजना के उद्देश्य फसल क्षेत्राच्छादन उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि कराना। फसल के काश्त लागत की क्षतिपूर्ति कर किसानों के शुद्ध आय में वृद्धि करना। किसानों को कृषि में अधिक निवेश हेतु प्रोत्साहन देना। कृषि को लाभ के व्यवसाय के रूप में पुर्नस्थापित करन के लिए जीडीपी में कृषि क्षेत्र की सहभागिता में वृद्धि करना। योजनांतर्गत सम्मिलित फसल एवं पात्रता व नियम योजनांतर्गत खरीफ सीजन के धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मंूग, उड़द, कुल्थी, रामतिल, कोदो, कुटकी एवं रागी तथा रबी में गन्ना फसल को सम्मिलित किया गया है। किसान द्वारा पंजीकृत/ वास्तविक बोए गए रकबा के आधार पर निर्धारित राशि प्रति एकड़ की दर से आनुपातिक रूप से उनके बैंक खातें में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि अंतरित किया जाएगा। अनुदानग्रहिता किसान यदि पिछले वर्ष धान की फसल लगाया था एवं इस वर्ष धान के स्थान पर योजनांतर्गत शामिल अन्य फसल लगाता है, तो उस स्थिति में किसान को अतिरिक्त सहायता अनुदान प्रदान किया जाएगा। किसानों द्वारा उपभोक्ता फसलों के बोए गए रकबा के आधार पर लाभ प्राप्त करने हेतु घोषणा पत्र के साथ विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। योजनांतर्गत निर्दिष्ट फसल लगाने वाले संस्थागत भू-स्वामी किसान इस योजना हेतु पात्र नहीं होंगे। फसल अवशेष को जलाने वाले किसान योजनांतर्गत संबंधित मौसम में लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र नहीं होंगे। घोषणा पत्र में गलत जानकारी देने वाले किसानों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही अथवा प्रदत्त अनुदान राशि की वसूली भू-राजस्व संहिता के प्रचलित प्रावधान अनुसार की जाएगी। आदान सहायता राशि का निर्धारण मंत्री-मंडलीय समिति द्वारा प्रतिवर्ष प्रत्येक फसल हेतु किया जाएगा। अगर आप अपनी कृषि भूमि, अन्य संपत्ति, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, दुधारू मवेशी व पशुधन बेचने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु की पोस्ट ट्रैक्टर जंक्शन पर नि:शुल्क करें और ट्रैक्टर जंक्शन के खास ऑफर का जमकर फायदा उठाएं।

सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को तोहफा

सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को तोहफा

सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3,971 करोड़ के सस्ते लोन मंजूर केंद्र सरकार की ओर से कृषि क्षेत्र में काफी योजनाओं को मंजूरी दी जा रही है। उनमें से हाल ही में केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को लागू करने के लिए 3,971.31 करोड़ रुपए के ऋण को मंजूरी दी गई है। इससे तमिलनाडु, हरियाणा, गुजरात, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब व उत्तराखंड राज्य के किसानों को फायदा होगा। मीडिया को दी जानकारी में केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने कहा कि उसने सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को लागू करने के लिए 3,971.31 करोड़ रुपए के ऋण को मंजूरी दी है, जिसके लिए सब्सिडी दी जाएगी। सबसे अधिक ऋण तमिलनाडु के लिए मंजूर किया गया है। सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं को लागू करने के लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के तहत बनाए गए सूक्ष्म सिंचाई कोष (एमआईएफ) के तहत ब्याज छूट के साथ कर्ज दिया जा रहा है। वर्ष 2019-20 में चालू किए गए इस फंड की कुल राशि 5,000 करोड़ रुपए है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एमआईएफ की संचालन समिति ने 3,971.31 करोड़ रुपए के ऋण के लिए परियोजनाओं को मंजूरी दी है। सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रेक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1 सूक्ष्म सिंचाई परियोजना : किस राज्य के लिए कितनी राशि मंजूर इसमें तमिलनाडु के लिए सबसे अधिक 1,357.93 करोड़ रुपए का ऋण मंजूर किया गया है, जिसके बाद हरियाणा के लिए 790.94 करोड़ रुपए, गुजरात के लिए 764.13 करोड़ रुपए, आंध्र प्रदेश के लिए 616.13 करोड़ रुपए, पश्चिम बंगाल के लिए 276.55 करोड़ रुपए, पंजाब के लिए 150 करोड़ रुपए और उत्तराखंड के लिए 15.63 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। हालांकि, नाबार्ड ने अभी तक राज्यों को कुल 1,754.60 करोड़ रुपए की ऋण राशि जारी की है। इसमें से लगभग 659.70 करोड़ रुपए हरियाणा, तमिलनाडु और गुजरात को दिए गए हैं। राजस्थान में परियोजना सुरक्षा राशि जमा कराने की अंतिम तिथि अब 7 दिसंबर तक बढ़ाई प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (कुसुम योजना (कंपोनेंट-ए) में किसानों की बंजर/अनुपयोगी भूमि पर राजस्थान विद्युत वितरण निगमों के 33 तथा 11 के.वी. के सब स्टेशन सेे 5 किलो मीटर के अंदर 500 किलोवॉट से 2 मेगावॉट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए परियोजना सुरक्षा राशि जमा करा कर विद्युत क्रय अनुबन्ध करने की अंतिम तिथि 7 दिसंबर 2020 कर दी गई है। पहले इसकी अंतिम तिथि 10 नवंबर थी। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि कुसुम योजना -कंपोनेंट-ए के अंतर्गत प्रदेश में सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन के लिए कुल 722 मेगावॉट क्षमता के लिए 623 सौर ऊर्जा उत्पादकों को आंवटन पत्र जारी किए गए थे, जिनमें से अब तक 168 मेगावॉट क्षमता के लिए 162 सौर ऊर्जा उत्पादकों द्वारा विद्युत क्रय अनुबन्ध हेतु अपने आवेदन प्रस्तुत किए जा चुके हैं। सूक्ष्म सिंचाई योजना : मध्यप्रदेश में घरेलू संयोजनों पर सोलर रूफटाप लगाने के लिए रेट तय किए इधर मध्यप्रदेश राज्य की मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने घरेलू संयोजनों पर सोलर रूफटाप लगाने के लिये निविदा के माध्यम से रेट तय कर ठेकेदारों (एजेंसियों) को कार्य आवंटित कर दिया है। तय रेट विगत वर्षों से काफी कम हैं जो कि तीन कि.वा. तक रेट 37000/- प्रति कि.वा. तथा 3 से 10 कि.वा. तक रेट 39,800/- प्रति कि.वा. है। इसमें 3 कि.वा. तक 40 प्रतिशत तथा 3 कि.वा. से अधिक शेष भार पर 20 प्रतिशत सब्सिडी शामिल है। रेट, सब्सिडी, अधिकृत एजेंसी व तकनीकी विवरण की विस्तृत जानकारी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in या निकटतम बिजली कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। घर पर सोलर प्लांट लगाने पर कितना आएगा खर्चा / सोलर प्लांट • एक कि.वा. से ऊपर – 3 कि.वा. तक – रुपए 37000/- प्रति कि.वा. • 3 कि.वा. से ऊपर -10 कि.वा. तक- रुपए 39800/- प्रति कि.वा. • 10 कि.वा. से ऊपर -100 कि.वा. तक – रुपए 36500/- प्रति कि.वा. • 100 कि.वा. से ऊपर -500 कि.वा. तक – रुपए 34900/- प्रति किवा. वेबसाईट / टोल फ्री नंबर मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि उक्त राशि में सब्सिडी शामिल है, सब्सिडी घटाकर एजेन्सी को भुगतान की जाने वाली राशि 3 कि.वा. हेतु 66600 रुपए और 5 कि.वा. पर 135320 रुपए है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि कंपनी द्वारा दिए तकनीकी विवरण के कार्य के लिए उक्त राशि से अधिक भुगतान नहीं करें। गु्रप हाउसिंग सोसायटी को कॉमन सुविधा वाले संयोजन पर 500 कि.वा. तक (10 कि.वा. प्रति घर) 20 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी। कंपनी द्वारा अधिकृत एजेंसी, तकनीकी विवरण, सब्सिडी व भुगतान की जाने वाली राशि की जानकारी के लिए विद्युत वितरण कंपनी के निकटतम कार्यालय, कंपनी की वेबसाईट portal.mpcz.in पर देखें या टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क किया जा सकता है। अगर आप अपनी कृषि भूमि, अन्य संपत्ति, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, दुधारू मवेशी व पशुधन बेचने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु की पोस्ट ट्रैक्टर जंक्शन पर नि:शुल्क करें और ट्रैक्टर जंक्शन के खास ऑफर का जमकर फायदा उठाएं।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना : किसान रबी फसलों का 15 दिसंबर तक कराएं बीमा

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना : किसान रबी फसलों का 15 दिसंबर तक कराएं बीमा

रबी की फसल के लिए बीमा कराने के लिए आवेदन शुरू देश भर में इस समय रबी की बुवाई का सीजन चल रहा है। प्राकृतिक आपदाओं व प्रतिकूल मौसम जैसे- सूखा, बाढ़, कीट व्याधि, ओलावृष्टि, प्राकृतिक आग सहित खड़ी फसल को चक्रवात से होने वाली संभावित हानि की सुरक्षा के लिए फसलों का बीमा करवाना भी बेहद जरूरी है। हर साल किसान को प्राकृतिक आपदाओं सहित कीट व्याधि या अति बारिश व ओलावृष्टि से नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में फसलों का बीमा कराया जाए तो काफी हद तक नुकसान की भरपाई करना संभव हो जाता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना फसल की बुआई से लेकर कटाई के बाद तक की पूरे फसल चक्र से जुड़ी गतिविधियों के दौरान फसल के नुकसान के खिलाफ सुरक्षा सुनिश्चित करती है। इस योजना के तहत फसलों को प्रतिकूल मौसम जैसे-सूखा, बाढ़, कीट व्याधि, ओलावृष्टि, प्राकृतिक आपदा, प्राकृतिक आग और खड़ी फसल के लिए चक्रवात के साथ-साथ ओलावृष्टि से बचाव के लिए व्यापक जोखिम कवर की व्यवस्था है। सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रेक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1 रबी फसलों का बीमा के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू / प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आवेदन प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत इस समय रबी की फसलों का बीमा करवाने के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अधिकतर राज्यों में किसान 15 दिसंबर 2020 तक बीमा करा सकते है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत ऋणी एवं अऋणी किसान जो भू-धारक व बटाईदार हो सम्मिलित हो सकते हैं। अऋणी किसान इस तरह करवाएं पंजीकरण पंजीकरण अधिसूचित फसल उगाने वाले सभी गैर ऋणी किसान, जो योजना में सम्मिलित होने के इच्छुक हो। वे बुआई पुष्टि प्रमाण पत्र क्षेत्रीय पटवारी या ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा सत्यापित कराकर एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत कर योजना में सम्मिलित हो सकते है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत कृषक प्रीमियम राशि निर्धारित है। ऐसे किसान जिन्होंने किसी प्रकार का ऋण नहीं लिया है वे किसान बैंक, सहकारी समिति एवं लोक सेवा केन्द्र में बीमा प्रस्ताव फार्म, नवीनतम आधारकार्ड, बैंक पासबुक, भू-स्वामित्व साक्ष्य बी-1 पांच साला अथवा किरायेदार अथवा साझेदार किसान का दस्तावेज, बुवाई प्रमाण पत्र एवं घोषणा पत्र देकर बीमा करा सकते है। ऋणी किसान इस तरह करवाएं पंजीकरण प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत ऋणी किसान ऐच्छिक आधार पर फसल बीमा करा सकते हैं। किसान को निर्धारित प्रपत्र में हस्ताक्षरित घोषणा पत्र बीमा की अंतिम तिथि के 7 दिवस पूर्व संबंधित बैंक में अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। किसान द्वारा निर्धारित प्रपत्र में घोषणा पत्र जमा नहीं करने पर संबंधित बैंक द्वारा संबंधित मौसम के लिए स्वीकृत अथवा नवीनीकृत की गई अल्पकालीन कृषि ऋण का अनिवार्य रूप से बीमा किया जाना है। बीमा योजना अंतर्गत ऋणी किसानों का बीमा संबंधित बैंक, सहकारी समिति द्वारा अनिवार्य रूप से किया जाएगा। उन्हें केवल घोषणा एवं बुवाई प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन / प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ऑनलाइन फॉर्म 2020 वे किसान जो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत नामांकन करना चाहता है, उन्हें अपने नजदीकी बैंक, प्राथमिक कृषि ऋण सोसायटी, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) / ग्राम स्तरीय उद्यमियों (वीएलई), कृषि विभाग के कार्यालय, बीमा कंपनी के प्रतिनिधि या सीधे राष्ट्री फसल योजना एनसीआईपी के पोर्टल https://pmfby.gov.in/ और फसला बीमा ऐप (https://play.google.com/store/apps/details?id=in.farmguide.farmerapp.central) के माध्यम से ऑनलाइन कर सकता है। बीमा के संबंध में कोई भी जानकारी के लिए किसान भाई फसल बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर कॉल करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं या केंद्र सरकार के टोल फ्री नंबर 18001801551 पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2020 : पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज नामांकन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए किसानों को आधार संख्या, बैंक पासबुक, भूमि रिकॉर्ड / किरायेदारी समझौते, और स्व-घोषणा प्रमाण पत्र ले जाना होगा। इस सीजन में, योजना के तहत नामांकित सभी किसानों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर नियमित एसएमएस के माध्यम से उनके आवेदन की स्थिति के बारे में सूचित किया जाएगा। रबी फसलों का बीमा / फसल बीमा कराते समय इन बातों का रखें ध्यान एक ही अधिसूचित क्षेत्र एवं अधिसूचित फसल के लिए अलग-अलग वित्तीय संस्थाओं से कृषि ऋण स्वीकृत होने की स्थिति में किसान को एक ही स्थान से बीमा कराया जाना है। इसकी सूचना किसान को संबंधित बैंक को देनी होगी। ऋणी एवं अऋणी किसानों के द्वारा समान रकबा, खसरा को दोहरा बीमा कराने की स्थिति में किसान के समस्त दस्तावेज को निरस्त करने का अधिकार बीमा कंपनी के पास होगा। किसान द्वारा अधिसूचित फसल के नाम में बदलाव करने के लिए संबंधित बैंक में लिखित रूप से बोनी प्रमाण पत्र, बीमा आवेदन की अंतिम तिथि के दो दिवस पूर्व जमा कर फसल परिवर्तन कर सकते है। फसलों का बीमा करने से मिलने वाले लाभ- फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदा, कीड़े और रोग की वजह से सरकार द्वारा अधिसूचित फसल में से किसी नुकसान की स्थिति में किसानों को बीमा कवर और वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में प्राकृतिक आपदाओं के कारण खराब हुई फसल के मामले में बीमा प्रीमियम को बहुत कम रखा गया है। इससे हर कोई किसान आसानी से इस बीमा योजना का लाभ ले सकता है। फसल बीमा किसानों के लिए अब स्वैच्छिक कर दिया गया है जबकि पहले प्रत्येक किसान को अपनी फसल का बीमा कराना अनिवार्य था। इस योजना के तहत सरकार की ओर से किसानों की खेती में रुचि बनाए रखने के प्रयास एवं उन्हें स्थायी आमदनी उपलब्ध कराने का प्रयास किए गए हैं। किसानों को कृषि में इन्नोवेशन एवं आधुनिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना एवं कृषि क्षेत्र में ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करना इस योजना का उद्देश्य है। अगर आप अपनी कृषि भूमि, अन्य संपत्ति, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, दुधारू मवेशी व पशुधन बेचने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु की पोस्ट ट्रैक्टर जंक्शन पर नि:शुल्क करें और ट्रैक्टर जंक्शन के खास ऑफर का जमकर फायदा उठाएं।

सामूहिक मिनी ग्रीन ट्यूबवेल योजना : 10 किसानों के समूह मिलकर लगवा सकते हैं ट्यूबवेल

सामूहिक मिनी ग्रीन ट्यूबवेल योजना : 10 किसानों के समूह मिलकर लगवा सकते हैं ट्यूबवेल

योजना के लिए सरकार ने रखा 600 लाख रुपए का बजट, जानें, ट्यूबवेल लगावाने के लिए किसान कहां और कैसे करें आवेदन? उत्तरप्रदेश सरकार की ओर से किसानों के लिए सामूहिक मिनी ग्रीन ट्यूबवेल योजना शुरू की गई है। इस संबंध में हाल ही में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2020-21 से निजी लघु सिंचाई कार्यक्रम के तहत ‘सामूहिक मिनी ग्रीन ट्यूबवेल योजना शुरू किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। नई योजना के रूप में वर्ष 2019-20 से प्रस्तावित की जा रही है। योजना के तहत लघु एवं सीमांत श्रेणी के कम से कम 10 किसानों के समूह के लिए सौर ऊर्जा चालित नलकूप का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। एक नलकूप की लागत 4.69 लाख रुपए आंकी की गई है, जिसमें सामान्य श्रेणी के लिए केन्द्रांश 0.7305 लाख रुपए व राज्यांश 2.4215 लाख रुपए और कृषक समाज का अंश 1.5380 लाख रुपए है। एससीपी के लिए केन्द्रांश 0.7305 लाख रुपए, राज्यांश 2.9855 लाख रुपए और कृषक समूह का अंश 0.974 लाख रुपए है। सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रेक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1 योजना के तहत 69 मीटर तक गहरे नलकूपों का होगा निर्माण योजना के तहत नलकूप का कार्य लघु सिंचाई विभाग द्वारा और सोलर पम्प की स्थापना कृषि विभाग द्वारा कराई जाएगी। कुसुम योजना-बी के लिए कृषि विभाग नोडल विभाग है। एक नलकूप से 6 हेक्टेयर शुद्ध क्षेत्र सिंचित होगा और 10 हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित होगी। योजना के तहत 69 मीटर तक गहरे नलकूप का निर्माण कराया जाएगा। नलकूप स्थापना के साथ-साथ पम्प हाउस, जल वितरण प्रणाली के लिए एचटीपीई पाइप इत्यादि की व्यवस्था का प्रस्ताव है। नलकूप में जल निकासी के लिए पांच हार्स पावर के सौर ऊर्जा चालित पंप की स्थापना की जाएगी। 179 नलकूपों के लिए 600 लाख रुपए का बजट योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एक वर्ष के लिए प्रस्तावित की गई है, जिसमें 179 नलकूपों के लिए 600 लाख रुपए का बजट है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार अतिरिक्त बजट की स्वीकृति प्राप्त कर बड़े जनपदों के लिए 10 एवं छोटे जनपदों के लिए पांच सामूहिक नलकूपों के निर्माण की कार्यवाही की जाएगी। योजना के क्रियान्वयन से आर्थिक दृष्टि से अत्यन्त कमजोर लघु एवं सीमान्त कृषक सौर ऊर्जा चालित नलकूप स्थापित कर सकेंगे और ऊर्जा एवं जल की बचत होगी। यह योजना प्रदेश अति दोहित-क्रिटिकल विकास खंडों को छोडक़र शेष में क्रियान्वित की जाएगी। इस योजना का मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन में सार्थक परिणाम आने पर इसे विस्तार दिया जाएगा। कहां से खरीदी जाएगी सामग्री सामूहिक मिनी ग्रीन ट्यूबवेल योजना के लिए यूपी सरकार ने अपने नियम निर्धारित कर दिए हैं। इस योजना के तहत लगने वाले सभी सौर ऊर्जा चलित टयूबवेल की सामग्री जेम पोर्टल उत्तरप्रदेश के माध्यम से ही खरीदी जाएगी। सामूहिक मिनी ग्रीन ट्यूबवेल योजना का लाभ किसान कैसे उठा सकते हैं? जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, कि यह समूह आधारित योजना है। इस योजना का लाभ किसानों को समूह बना कर उठाना होगा। न्यूनतम 10 किसानों का समूह इस योजना के लिए पात्र माना जाएगा। समूह में किसानों की संख्या 10 से कम नहीं होनी चाहिए। यदि समूह लघु एवं सीमांत किसानों ने मिल कर बनाया है, तो उन्हें सौर ऊर्जा चलित बोरवेल स्कीम में उनका चयन संभव हो सकता है। सामूहिक मिनी टयूबवेल स्कीम के लिए बजट का प्रावधान वर्तमान समय में यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की गई है। इसलिए फिलहाल यह 1 वर्ष के लिए प्रस्तावित व लागू है। इस अवधि के दौरान कुल 179 नलकूप उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थापित किए जाएंगे। जिसके लिए प्रदेश सरकार ने वर्ष 2020-21 के लिये 6 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है। मिनी ग्रीन टयूबवेल योजना के तहत जिलों में टयूबवेल स्थापना संबंधी नियम सामूहिक ग्रीन टयूबवेल योजना यूपी के तहत जिन जिलों का आकार बड़ा है, उन जिलों में 10 सामूहिक नलकूपों का निर्माण कराया जाएगा। जिन जिलों का क्षेत्रफल छोटा है, उन जिलों में केवल 5 नलकूप स्थापित होंगें। यानि बड़े जिलों में ज्यादा और छोटे जिलों में कम। उत्तरप्रदेश सामूहिक मिनी ग्रीन टयूबवेल योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज किसानों के आधार कार्ड खसरा खतौनी की नकल मूल निवास प्रमाण पत्र समूह के सभी सदस्यों के पासपोर्ट साइज फोटो मोबाइल नंबर आदि सामूहिक मिनी ग्रीन ट्यूबवेल योजना के लिए कहां और कैसे करें आवेदन ? यदि आप लघु एवं सीमांत किसान की श्रेणीं में आते हैं और आप अपने खेत के आसपास सौर ऊर्जा नलकूप लगवाने के लिए सामूहिक मिनी ग्रीन ट्यूबवेल लगवाना चाहते हैं तो आपको इस योजना में आवेदन करने के लिए आप अपने जिले के लघु सिंचाई विभाग तथा कृषि विभाग के कार्यालय में जाकर संपर्क करना होगा तथा योजना से संबंधित फार्म की मांग करनी होगी। फार्म मिल जाने के बाद 10 अथवा 10 से अधिक किसानों का समूह बनाएं और फिर फार्म को भर कर तथा सभी जरूरी दस्तावेजों को संलंग्न करके जमा कर दें। आपका आवेदन पत्र जांच में सही पाए जाने की स्थिति में आपके समूह का चयन इस योजना के तहत कर लिया जाएगा और फिर लघु सिंचाई विभाग आपके खेत के आसपास नलकूप लगाने का कार्य आरंभ कर देगा। वहीं सोलर पंप की स्थापना कृषि विभाग द्वारा की जाएगी। आनलाइन आवेदन सामूहिक मिनी ग्रीन ट्यूबवेल योजना के लिए फिलहाल ऑनलाइन सुविधा मौजूद नहीं है। इसके लिए लघु सिंचाई विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। अगर आप अपनी कृषि भूमि, अन्य संपत्ति, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, दुधारू मवेशी व पशुधन बेचने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु की पोस्ट ट्रैक्टर जंक्शन पर नि:शुल्क करें और ट्रैक्टर जंक्शन के खास ऑफर का जमकर फायदा उठाएं।

close Icon

Find Your Right Tractor and Implements

New Tractors

Used Tractors

Implements

Certified Dealer Buy Used Tractor