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किसानों को राहत, अल्पावधि ऋण चुकाने की अवधि अब 31 अगस्त तक बढ़ाई

किसानों को राहत, अल्पावधि ऋण चुकाने की अवधि अब 31 अगस्त तक बढ़ाई

राज्य सरकार ने कोरोना महामारी को देखते हुए दूसरी बार बढ़ाई ऋण चुकाने की अवधि

कोरोना महामारी संकट के दौर के बीच किसानों को राहत प्रदान करने वाली खबर आई है। कोरोना संक्रमण के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है और कई छोटे किसान फसली ऋण चुकाने में असमर्थ है। इस बात को ध्यान में रखते हुए राजस्थान की गहलोत सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए किसानों को फसली ऋण चुकाता करने के लिए दो माह का समय और दिया है। ये दूसरी बार है जब गहलोत सरकार ने किसानों को फसली ऋण चुकाने की अवधि को बढ़ाया है। अब किसान अपने द्वारा लिए गए फसली ऋण का भुगतान 31 अगस्त तक कर सकेंगे। 

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इस संबंध में विभाग की ओर से आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्य के सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने मीडिया को बताया कि सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना महामारी के कारण किसानों को फसल सीजन रबी 2020-21 के अल्पकालीन फसली ऋणों के भुगतान की अंतिम तिथि को 31 अगस्त तक बढ़ाने के निर्देश दिए थे। गहलोत के इस निर्णय से 1 सितंबर, 2020 से 31 मार्च, 2021 तक फसली ऋण लेने वाले लाखों किसानों को लाभ मिलेगा।

 

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राज्य में दो बार बढ़ाई गई ऋण चुकाने की अवधि

कोरोना को देखते हुए राजस्थान राज्य की गहलोत सरकार ने दो बार ऋण चुकाने की अवधि को बढ़ाया गया है। पहले 31 मार्च ऋण चुकाने की अवधि थी जिसे बढ़ा कर 30 जून किया गया था। इसके बाद एक बार फिर राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर 31 अगस्त तक कर दिया गया है। इस संबंध में सहकारिता मंत्री ने मीडिया को बताया कि गहलोत ने खरीफ, 2020 के अल्पकालीन फसली ऋणों की वसूली तिथि को 31 मार्च, 2021 से 30 जून, 2021 तक बढ़ाने के पूर्व में निर्देश भी दिए थे। इस संबंध में भी किसानों के हित में खरीफ, 2020 के फसली ऋण चुकाने की तिथि को 31 मार्च, 2021 से बढ़ाकर 30 जून, 2021 अथवा खरीफ फसली ऋण लेने की तिथि से एक वर्ष, जो भी पहले हो, तक बढ़ा दी गई थी। गहलोत के इस संबंध में दिए गए निर्देशों के क्रम में भी ऋण चुकाने की तिथि में अधिकतम एक साल की बाध्यता को समाप्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि राज्य में केंद्रीय सहकारी बैंकों की ओर से ग्राम सेवा सहकारी समितियों के सदस्य काश्तकारों को अल्पकालीन फसली ऋण वितरित किए जाते हैं। खरीफ सीजन में लिए गए फसली ऋणों का चुकता 31 मार्च तक तथा रबी सीजन में लिए गए ऋणों का चुकारा 30 जून तक करना होता है। किसानों के हित में लिए गए इस निर्णय से लाखों किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसली ऋण की सुविधा मिलती रहेगी। 


ऋण माफी का लाभ लेने वाले किसानों को भी दिया जाएगा लोन

मीडिया में प्रकाशित खबरों के हवाले से सहकारिता मंत्री श्री उदय लाल आंजना ने बीते दिनों मीडिया को बताया कि वर्ष 2018 एवं 2019 में ऋण माफी का लाभ लेने वाले अवधिपार ऋणी किसानों को फसली ऋण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा किसान हित में लिये फैसले से प्रदेश के 7.5 लाख से अधिक किसानों को लाभ होगा। इन किसानों को मिल सकेगा नया लोन राज्य में वर्ष 2018 एवं 2019 में हुई ऋण माफी में ऐसे किसान जिनकी ओर 5 हजार रुपए से अधिक राशि का अवधिपार फसली ऋण बकाया था तथा वर्तमान में कोई ऋण बकाया नहीं था, को फसली ऋण वितरित नहीं किया जा रहा था। राज्य सरकार द्वारा खरीफ 2021 फसली चक्र से अल्पकालीन साख सुविधा से जोड़ते हुए फसली ऋण मुहैया करवाया जाएगा। 

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किसानों को कितना ऋण दिया जाएगा

सहकारिता मंत्री ने बताया कि ऐसे किसानों को राशि 25 हजार रुपए या उसकी साख सीमा जो भी कम हो के आधार पर जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से फसली ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। बैंकों की तरलता के आधार पर आगामी फसली चक्रों में फसली ऋण राशि में वृद्धि की जाएगी। यहां यह जानना जरुरी है कि 5 हजार रुपए से कम अवधिपार राशि के बकाया ऋण वाले किसानों को पहले से फसली ऋण दिया जा रहा था। राज्य सरकार के इस फैसले से अब सभी किसान अल्पकालीन फसली ऋण के दायरे में आ जाएंगे।


क्या होता है अल्पकालीन फसली ऋण

छोटी अवधि के लिए लिया गया लोन अल्पकालीन फसली ऋण कहलाता हैं। फसल ऋण को अल्पावधि ऋण भी कहा जाता हैं। इस तरह से किसान जरूरत पढऩे पर जैसे जुताई, बुवाई, निराई, प्रत्यारोपण, बीजों, उर्वरकों, कीटनाशकों आदि से खेत में पैदावार बढ़ाने के लिए छोटी अवधि का लोन लेता है। इन्हें ही अल्पावधि ऋण या अल्पकालीन फसली ऋण कहा जाता हैं।


देश के ये बैंक देते हैं किसानों को अल्पकालीन फसली ऋण

भारत में भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, आंध्रा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, ऐक्सिस बैंक, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, पंजाब एंड सिंध बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कॉर्पोरेशन बैंक किसानों को अल्पकालीन फसली ऋण प्रदान करते हैं जिनकी ब्याज दरें भी सस्ती होती है। इसके अलावा देश के शीर्ष सात बैंक ऐसे हैं जो किसानों को फसली के अलावा विभिन्न उद्देश्यों के लिए कृषि ऋण भी प्रदान करते हैं। इनमें देना बैंक, भारतीय बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, विजय बैंक, सिंडीकेट बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया हैं।

 

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