प्रधानमंत्री जन औषधी योजना : सरकार से मिलेगी 7 लाख रुपए तक की मदद 

प्रधानमंत्री जन औषधी योजना : सरकार से मिलेगी 7 लाख रुपए तक की मदद 

Posted On - 17 Aug 2021

जानें, क्या है प्रधानमंत्री जन औषधी योजना और आप कैसे खोल सकते हैं केंद्र

केंद्र सरकार की ओर से देश के नागरिकों के लिए कई लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही है जिनका लोगों को लाभ मिल रहा है। केंद्र की इन योजनाओं की क्रियान्विति के लिए राज्य सरकारें भी इसमें अपना सहयोग दे रही हैं। केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिले इसके लिए जरूरी है कि लोगों को इन योजनाओं की जानकारी हो। हम ट्रैक्टर जंक्शन के माध्यम से आपको समय-समय पर इन योजनाओं की जानकारी देते रहते हैं। साथ ही योजना में जो कुछ नया संशोधन होता है उसके बारे में भी आपको अवगत कराया जाता है। इसी क्रम में आज हम बात कर रहे हैं प्रधानमंत्री जन औषधी योजना की। इस योजना के तहत देश में भर में जन औषधी केंद्र खोले जा रहे हैं। अब तक देश में करीब 7500 जन औषधी केंद्र खोले जा चुके हैं। आप भी इस योजना के तहत जन औषधी केंद्र खोल सकते हैं। इसके लिए सरकार से 7 लाख रुपए तक की मदद दी जा रही है। वहीं इस केंद्र के माध्यम से दवाइयां बेचकर आप 20 प्रतिशत तक मुनाफा कमा सकते हैं। तो आइए जानते हैं कि क्या है प्रधानमंत्री जन औषधी योजना और इससे हम कैसे उठा सकते हैं फायदा। 

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क्या है प्रधानमंत्री जन औषधी योजना ( Pradhan Mantri Jan Aushadhi Yojana )

प्रधानमंत्री जन औषधि योजना भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 1 जुलाई 2015 को घोषित एक योजना है। इस योजना में सरकार द्वारा उच्च गुणमवत्ता वाली जैनरिक दवाइयों के दाम बाजार मूल्य से कम किए जा रहें है। सरकार द्वारा जन औषधि केंद्र बनाए गए हैं, जहां जेनरिक दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही है। जेनरिक दवाइयां ब्रांडेड या फार्मा की दवाईयों के मुकाबले सस्ती होती है, जबकि प्रभावशाली उनके बराबर ही होती है। प्रधानमंत्री जन औषधि अभियान मुख्य रूप से जनता को जागरूक करने के लिए शुरू किया गया हैं ताकि जनता समझ सके कि ब्रांडेड मेडिसिन की तुलना में जेनेरिक मेडिसिन कम मूल्य पर उपलब्ध हैं साथ ही इसकी क्वालिटी में किसी तरह की कमी नहीं हैं। साथ ही यह जेनेरिक दवायें मार्केट में मौजूद हैं जिन्हें आसानी से प्राप्त किया जा सकता हैं। इस योजना में आम नागरिकों को बाजार से 60 से 70 फीसदी कम कीमत पर दवाइयां मुहैया कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार देश भर में जन औषधी केंद्र खोल रही है। 


अब तक देश में खोले जा चुके हैं 7500 जन औषधी केंद्र

बीते 7 मार्च 2021 को पीएम मोदी ने जन औषधि दिवस के मौके पर देश में 7500वें जन औषधि केंद्र को देश को समर्पित किया है। पीएम मोदी ने साल भर के अंदर जन औषधि केंद्रों की संख्या को बढ़ाकर 10,000 पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। बता दें कि इस स्कीम के जरिए केंद्र सरकार लोगों को सस्ती दरों पर दवा उपलब्ध करा रही है। मोदी सरकार इसके जरिए देश के कई हिस्सों में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने के लिए लोगों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। 


जन औषधी केंद्र खोलने के लिए पात्रता

  • देश का कोई भी व्यक्ति जो भारत का नागरिक हो और जिसकी उम्र 18 वर्ष हो।
  • केंद्र सरकार ने जन औषधि केंद्र खोलने के लिए तीन तरह की कैटेगरी बनाई है। इसमें पहली कैटेगरी के तहत काई भी व्यक्ति, बेरोजगार फार्मासिस्ट, डॉक्टर या रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशन स्टोर शुरू कर सकता है।
  • दूसरी कैटेगरी में ट्रस्ट, एनजीओ, प्राइवेट हॉस्पिटल, सोसायटी सेल्फ हेल्प गु्रप जन औषधी केंद्र खोलने के लिए पात्र माना गया है।
  • तीसरी कैटेगरी में राज्य सरकारों की तरफ से नॉमिनेट की गई एजेंसीज होती हैं। फिर प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र के नाम से दवा की दुकान खोली जाती है।


जन औषधी केंद्र खोलने के लिए सरकार से मिलने वाली सहायता

नया जन औषधि केंद्र खोलने वालों को मोदी सरकार 5 लाख रुपए तक की प्रोत्साहन राशि दे रही है। लेकिन अगर यही केंद्र किसी आकांक्षी जिले में खोला जाए तो 2 लाख रुपए और मिलेंगे। यानी इस स्थिति में प्रोत्साहन राशि 7 लाख रुपए होगी। अगर कोई महिला, विकलांग, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का व्यक्ति का जनऔषधि केंद्र खोलता है तो उसे भी मोदी सरकार 7 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देगी। कुछ समय पहले तक यह प्रोत्साहन राशि सिर्फ 2.5 लाख रुपए थी। 


जन औषधी केंद्र खोलने से ये होंगे फायदें

जन औषधी केंद्र खोलने पर सरकार की ओर से लाभार्थी को सहायता प्रदान कर लाभान्वित किया जाता है। अब मोदी सरकार इस योजना के तहत जनऔषधि केंद्र के फर्नीचर और अन्य जरूरी सुविधाओं को तैयार करने के लिए प्रति केंद्र 1.5 लाख रुपए की मदद कर रही है। साथ ही कंप्यूटर और प्रिंटर समेत बिलिंग की व्यवस्था विकसित करने के लिए केंद्र सरकार हर जन औषधि केंद्र को 50,000 रुपए दे रही है। जन औषधि केंद्र से दवाओं की बिक्री पर 20 फीसदी तक कमीशन मिलता है। इसके अलावा हर महीने होने वाली बिक्री पर अलग से 15 फीसदी का इंसेंटिव मिलता है।

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जन औषधी केंद्र शुरू करने पर खरीदनी होगी एक लाख रुपए की दवाइयां

जन औषधी केंद्र शुरू करने पर सबसे पहले आपको एक लाख रुपए की दवाइयां खरीदनी होगी। इसके बाद में सरकार इसे रीइंबर्समेंट करेगी। इसके अलावा दुकान शुरू करने में रैक, डेस्क आदि बनवाने, फ्रीज खरीदने में सरकार आपको एक लाख रुपए तक की सहायता करेगी। सेंटर खोलने के लिए कंप्यूटर आदि के सेटअप पर 50 हजार रुपए तक के खर्च पर भी सरकार यह पैसा रिटर्न करेगी।


जन औषधी केंद्र खोलने के लिए आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज

जन औषधी केंद्र खालने के लिए आवेदन करने हेतु आपको कुछ दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। इसमें आवेदन करने के लिए आपके पास आधार कार्ड और पैन कार्ड होना जरूरी है। वहीं संस्थान/एजीओ/हॉस्पिटल/चैरिटेबल संस्था को आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, गठन का प्रमाण-पत्र एवं पंजीयन प्रमाण-पत्र की जरूरत होगी। 


जन औषधी केंद्र खोलने के लिए कहां लें फार्म / कैसे करें आवेदन

यदि आप जन औषधि केंद्र खोलना चाहते हैं तो आपके पास जन औषधि केंद्र खोलने के लिए 120 वर्ग फुट की दुकान होनी चाहिए। इसके अलावा आपको रिटेल ड्रग सेल्स का लाइसेंस जन औषधि केंद्र के नाम से लेना होगा। इसके लिए आप इसकी आफिशियल वेबसाइट http://janaushadhi.gov.in/online_registration.aspx पर जा कर फार्म डाउनलोड कर सकते हैं। फार्म डाउनलोड करने के बाद आपको आवेदन ब्यूरो ऑफ फॉर्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑफ इंडिया के जनरल मैनेजर (एएंडएफ) के नाम से भेजना होगा। पहले के मुकाबले इस स्कीम में एक बदलाव यह भी हुआ है कि अब बतौर आवेदन शुल्क 5000 का भुगतान करना पड़ेगा। पहले सरकार कोई आवेदन शुल्क नहीं लेती थी। वहीं यदि आवेदक महिला उद्यमियां, दिव्यांग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और नीति आयोग द्वारा अधिसूचित आकांक्षी जिलों के किसी भी उद्यमी, हिमालयी, द्वीपीय क्षेत्रों उत्तरपूर्वी राज्यों में श्रेणी के अंतर्गत आता है तो उससे आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा। 


किसी भी समस्या के लिए यहां कर सकते हैं संपर्क

यदि आप  जन औषधि योजना ऑनलाइन आवेदन करने में किसी भी प्रकार की परेशानी का अनुभव कर रहे है तो आप अपने किसी नजदीकी सीएससी में जा कर आवेदन कर सकते है। इसे अलावा इस योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप टोल फ्री नंबर 1800-180-8080 पर संपर्क कर सकते हैं। 

 

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