पीएम फसल बीमा योजना : खरीफ फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई तक बढ़ाई

पीएम फसल बीमा योजना : खरीफ फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई तक बढ़ाई

Posted On - 26 Jun 2021

जानें, किन फसलों कितना लगेगा प्रीमियम और कितना मिलेगा बीमा लाभ

पीएम फसल बीमा योजना 2021 के तहत इस वर्ष खरीफ की फसल का बीमा कराने की तिथि को आगे बढ़ा दिया गया है। अब किसान 31 जुलाई 2021 तक अपनी खरीफ फसलों का बीमा करा सकेंगे। बता दें कि पहले ये तिथि 30 जून 2021 निर्धारित की गई थी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत सभी बैंकों के केसीसी धारकों का खरीफ एवं रबी फसलों का बीमा बैंक के जरिए किया जाता है। इसके लिए बीमा प्रीमियम की राशि केसीसीधारक के खाते से ली जाती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजनान्तर्गत खरीफ 2021 के लिए फसल बीमा स्वैच्छिक किया गया है।

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ऋणी किसानों योजना से हटने के लिए देना होगा घोषणा-पत्र

पंजाब नेशनल बैंक अलवर के अग्रणी जिला प्रबंधक के द्वारा मीडिया को बताए अनुसार, जो ऋणी किसान इस योजना से अपने को हटाना चाहते हैं उन्हें 24 जुलाई तक इस योजना से हटने के लिए शाखा में उपस्थित होकर घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर करने होंगे। यदि ऋणी किसान बैंक को पूर्व में सूचित फसल में कोई बदलाव चाहता है तो उसे 29 जुलाई तक विवरण बैंक शाखा में प्रस्तुत करना होगा। इस योजना का लाभ लेने के लिए केसीसी खाते से आधार लिंक करवाना जरूरी है।


इन दशाओं में किसानों को नहीं मिलेगा फसल बीमा का लाभ

यदि कोई कृषक फसल बीमा योजना से एक बार ओप्ट आउट हो जाता है, तो वह जब तक पुन: ओप्ट इन का फार्म नहीं देता, तब तक उसका फसल बीमा नहीं होगा। उन्होंने बताया कि किसान क्रेगडिट कार्ड खाते में आधार नंबर लिंक नहीं होने या आधार की सूचना पोर्टल से मैच नहीं होने अथवा केसीसी खाते में पर्याप्त राशि न होने पर यदि फसल का बीमा नहीं होता है तो फसल का नुकसान होने पर बीमा क्लेम के लिए बैंक जिम्मेदार नहीं होगा।

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हरियाणा में खरीफ फसल धान, मक्का, बाजरा, कपास का होगा बीमा

हरियाणा में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वर्ष 2021 के दौरान खरीफ सीजन में धान, मक्का, बाजरा, कपास का बीमा 31 जुलाई तक किया जाएगा। यह योजना सभी किसानों के लिए स्वैच्छिक है। 


खरीफ फसलों का बीमा के लिए किसानों को कितना देना होगा प्रीमियम

  • धान के लिए 713.99 रुपए प्रति एकड़ प्रीमियम देय होगा।
  • मक्का के लिए 356.99 रुपए प्रति एकड़ प्रीमियम देय होगा।
  • बाजरा के लिए 335.99 रुपए प्रति एकड़ प्रीमियम देय होगा।
  • कपास के लिए 1732.50 रुपए प्रति एकड़ प्रीमियम देय होगा।


खरीफ की फसल बीमा के लिए कितनी होगी बीमित रकम

  • धान की फसल पर 35699.78 रुपए प्रति एकड़ 
  • मक्का पर 17849.89 रुपए प्रति एकड़ 
  • बाजरा पर 16799.33 रुपए प्रति एकड़ 
  • कपास पर 34650.02 रुपए प्रति एकड़ 


पीएम फसल बीमा के संबंध में महत्वपूर्ण बातें

  • प्राकृतिक आपदा में फसलों को नुकसान पहुंचने पर केंद्र सरकार ने किसानों को उसकी भरपाई के लिए फरवरी 2016 में अति महत्वाकांक्षी ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ की शुरुआत की थी।
  • पीएम फसल बीमा योजना के अंतर्गत ओले पडऩा, जमीन धसना, जल भराव, बादल फटना और प्राकृतिक आग से नुकसान पर खेतवार नुकसान का आंकलन कर भुगतान किया जाता है। 
  • इस योजना के तहत बुआई के 10 दिन के अंदर किसान को पीएमएफबीवाई का अप्लीकेशन भरनी होती है। बीमा की रकम का लाभ तभी मिलेगा जब आपकी फसल किसी प्राकृतिक आपदा की वजह से ही खराब हुई हो।
  • पीएम फसल बीमा योजना के अंतर्गत बुवाई से कटाई के बीच खड़ी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं, रोगों व कीटों से हुए नुकसान की भरपाई की जाती है। 
  • खड़ी फसलों को स्थानीय आपदाओं, ओलावृष्टि, भू-स्खलन, बादल फटने, आकाशीय बिजली से हुए नुकसान की भरपाई की जाती है।
  • फसल कटाई के बाद अगले 14 दिन तक खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसलों को बेमौसम चक्रवाती बारिश, ओलावृष्टि और आंधी से हुई क्षति की स्थिति में व्यक्तिगत आधार पर क्षति का आकलन कर बीमा कंपनी भरपाई करेगी।
  • प्रतिकूल मौसमी स्थितियों के कारण फसल की बुवाई न कर पाने पर भी किसान को बीमा का लाभ मिलता है।
  • खरीफ की फसल के लिए किसान को 2 फीसदी प्रीमियम और रबी की फसल के लिए 1.5 प्रतिशत प्रीमियम देना पड़ता है। इसके अलावा वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए किसानों को 5 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है।
  • पीएम फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए किसान को कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है जिनमें आवेदन करने वाले किसान की एक फोटो, आईडी कार्ड, एड्रेस प्रूफ, खेत का खसरा नंबर, खेत में फसल बुवाई का प्रमाण या सबूत देना होगा। 
  • किसान क्लेम हेतु बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर 18002005142 या फिर 1800120909090 पर या बीमा कंपनी और कृषि विभाग विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए 72 घंटे का समय निर्धारित है। इसलिए फसल खराबे की सूचना किसान को 72 घंटे के दौरान बीमा कंपनी को देनी होती है।
  • खेत में नुकसान होने की दशा में बीमा कंपनी द्वारा अधिकृत व्यक्ति किसान के खेत में जाकर फसल खराबे का आकलन कर रिपोर्ट बीमा कंपनी सौंपता है। इसके बाद बीमा कंपनी की ओर से किसान को क्लेम का भुगतान किया जाता है। 

 

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