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मोदी सरकार एक्शन में, भ्रामक विज्ञापनों के प्रचार पर होगी कार्रवाई

मोदी सरकार एक्शन में, भ्रामक विज्ञापनों के प्रचार पर होगी कार्रवाई

क्या है नया कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट-2019, जाने इसकी विशेषता व लाभ

हम सभी भारतीय नागरिक होने के साथ ही इस देश के उपभोक्ता भी है। उपभोक्ता से तात्पर्य वस्तु के क्रय  करने वाले से है। हम सभी अपनी आवश्यकता की वस्तुएं बाजार से क्रय करते हैं। कभी-कभी उपभोक्ता को बाजार से क्रय की गई वस्तु से शिकायत होती है। पर प्रभावी कानून नहीं बन पाने से उसकी शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निरस्तारण नहीं हो पाता है और उपभोक्ता अपने आप को ठगा सा महसूस करता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उपभोक्ताओं की समस्याओं व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए देश की मोदी सरकार अब कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट -2019 लागू करने जा रही है। बहुत ही जल्द ये एक्ट पूरे देश में लागू किया जाएगा है। इसके तहत उपभोक्ताओं को कुछ विशेष अधिकार दिए जाएंगे जिससे उपभोक्ताओं की समस्याओं का निस्तारण शीघ्र हो सकेगा। 

समाचार पत्र व मीडिया में प्रकाशित खबर के हवाले से उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो 20 जुलाई 2020 को या अगले हफ्ते किसी भी दिन यह अधिनियम लागू किया जा सकता है। यह नया कानून उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 का स्थान लेगा। मोदी सरकार ने इस अधिनियम में कई बदलाव किए हैं। उपभोक्ता एवं खाद्य मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने पिछले ही दिनों कहा था, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के नियमों का मसौदा तैयार हो चुका है। पीएम मोदी के दिशा-निर्देश में एक ऐसा कानून बना है, जिसको लागू हो जाने के बाद अगले 50 सालों तक देश में कोई और कानून बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

 

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क्या है नया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019

नया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 का स्थान लेगा। मोदी सरकार ने इस अधिनियम में कई बदलाव किए है। जैसे आम उपभोक्ता, उपभोक्ता की शिकायतें, उपभोक्ता कहां शिकायत करे आदि। इसके अलावा नए कानून में उपभोक्ताओं को भ्रामक विज्ञापन जारी करने पर भी कार्रवाई की जाएगी। अब इस कानून के लागू हो जाने के बाद उपभोक्ता से संबंधित की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई शुरू हो जाएगी। 

 

 

कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के प्रमुख विशेषताएं

  • केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण की स्थापना - इसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करना होगा। इसके साथ-साथ अनुचित व्यापारिक गतिविधियां, भ्रामक विज्ञापनों और उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित मामलों को भी देखेगा और त्वरित गति से उसका निपटारा करेगा। इस प्राधिकरण के पास अधिकार होगा कि वह भ्रामक या झूठे विज्ञापन जैसे-लक्ष्मी धन वर्षा यंत्र बनाने वालों और उनका प्रचार-प्रसार करने वालों पर जुर्माना लगाए। इस प्राधिकरण के पास अधिकार है कि 2 वर्ष से लेकर 5 साल तक की कैद की सजा सुनाने के साथ-साथ 50 लाख रुपये तक जुर्माना वसूलने का। इसका नेतृत्व महानिदेशक सीसीपीए करेंगे।
  • उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का गठन - इस आयोग का काम है कि अगर आपसे कोई अधिक मूल्य वसूलता है, आपके साथ अनुचित व्यवहार करता है, जीवन के लिए खतरनाक और दोषपूर्ण वस्तुओं और सेवाओं की बिक्री की जाती है तो इसकी शिकायत सीडीआरसी सुनेगी और फैसला सुनाएगी।

 

कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट -2019 की खास बातें

  • पीआईएल या जनहित याचिका अब कंज्यूमर फोरम में फाइल की जा सकेगी। पहले के कानून में ऐसा नहीं था।
  • नए कानून में ऑनलाइन और टेलीशॉपिग कंपनियों को पहली बार शामिल किया गया है।
  • खाने-पीने की चीजों में मिलावट तो कंपनियों पर जुर्माना और जेल का प्रावधान।
  • कंज्यूमर मीडिएशन सेल का गठन। दोनों पक्ष आपसी सहमति से मीडिएशन सेल जा सकेंगे।
  • कंज्यूमर फोरम में एक करोड़ रुपए तक के केस।
  • स्टेट कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन में एक करोड़ से दस करोड़ रुपये।
  • नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन में दस करोड़ रुपए से ऊपर केसों की सुनवाई।
  • कैरी बैग के पैसे वसूलना कानूनन गलत।
  • सिनेमा हॉल में खाने-पीने की वस्तुओं पर ज्यादा पैसे लेने वालों की अगर मिलती है शिकायत तो होगी कार्रवाई।

 

 

कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट -2019 से उपभोक्ता को लाभ

भ्रामक विज्ञापन जारी करने पर हो सकेगी कार्रवाई : नए कानून में उपभोक्ताओं को भ्रामक विज्ञापन जारी करने पर भी कार्रवाई की जाएगी। नए उपभोक्ता कानून आने के बाद उपभोक्ता विवादों को समय पर, प्रभावी और त्वरित गति से निपटारा किया जा सकेगा। नए कानून के तहत उपभोक्ता अदालतों के साथ-साथ एक केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण बनाया गया है। इस प्राधिकरण का गठन उपभोक्ता के हितों की रक्षा कठोरता से हो इसके लिए की गई है। नए कानून में उपभोक्ता किसी भी सामान को खरीदने से पहले भी उस सामान की गुणवत्ता की शिकायत सीसीपीए में कर सकती है।
मामला दर्ज कराने में होगी आसानी : कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 लागू हो जाने के बाद उपभोक्ता किसी भी उपभोक्ता न्यायालयों में मामला दर्ज करा सकेगा। पहले के कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था। इसको आप ऐसे समझ सकते हैं। मान लीजिए कि आप बिहार के रहने वाले हैं और मुंबई में सामान खरीदते हैं। मुबंई के बाद आप गोवा चले जाते हैं और वहां पता चलता है कि आपने जो सामान खरीदा है उसमें खराबी है तो आप गोवा के ही किसी उपभोक्ता फोरम में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। अगर आप बिहार लौट जाते हैं तो आप नजदीक के किसी भी उपभोक्ता फोरम में उसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पहले के उपभोक्ता कानून में इस तरह की सुविधा नहीं थी। आपने जहां से सामान खरीदा है वहीं जा कर आपको शिकायत दर्ज करानी पड़ती थी।

 

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