कुसुम योजना : किसानों को 75 प्रतिशत सब्सिडी पर मिलेंगे सोलर पंप

कुसुम योजना : किसानों को 75 प्रतिशत सब्सिडी पर मिलेंगे सोलर पंप

Posted On - 15 Sep 2021

जानें, क्या है कुसुम योजना और इससे किसान कैसे उठा सकते हैं लाभ

सरकार की ओर से सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कुसुम योजना चलाई जा रही है। इसके तहत किसानों को सब्सिडी पर सिंचाई के लिए सौलर पंप लगाए जा रहे हैं। राजस्थान में इस सितंबर माह की 30 तारीख तक सरकार की ओर से 25 हजार किसानों को सोलर पंप दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

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बता दें कि राजस्थान राज्य में गत बजट घोषणा के तहत राज्य में 25 हजार सोलर पंप स्थापित किए जाने हैं। जिनमें करीब 22 हजार पंप लगाने के कार्यादेश जारी कर दिए हैं, शेष रहे 3 हजार पम्प के लिए भी नियत तिथि 30 सितंबर से पहले कार्यादेश जारी करने की बात प्रमुख शासन सचिव ने कही है। इसी के साथ कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के प्रमुख शासन सचिव भास्कर ए सावंत ने आगामी 30 सितंबर तक कुसुम योजना के तहत लक्षित सभी 25 हजार सोलर पंप के कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए। प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि गत बजट घोषणा के तहत राज्य में 25 हजार सोलर पंप स्थापित किए जाने हैं। करीब 22 हजार पंप लगाने के कार्यादेश जारी कर दिए हैं, शेष रहे 3 हजार पंप के लिए भी नियत तिथि 30 सितंबर से पहले कार्यादेश जारी करना सुनिश्चित करें। 


सूक्ष्य सिंचाई का लाभ काश्तकारों को देने के निर्देश

प्रमुख शासन सचिव ने सूक्ष्म सिंचाई योजना की समीक्षा करते हुए प्राप्त आवेदनों का शीघ्र सत्यापन कर काश्तकारों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सत्यापन की ज्यादा पेंडेंसी वाले जिलों को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को स्पष्टीकरण नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। 


इस वर्ष स्थापित किए जाएंगे 50 हजार सोलर पंप

उद्यानिकी विभाग के आयुक्त अभिमन्यु कुमार ने विभागीय योजनाओं की प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि वर्ष 2020-21 की बजट घोषणा की अनुपालना में 25 हजार सोलर पंप की प्रशासनिक स्वीकृति एवं 21 हजार 845 के कार्यादेश जारी किए गए हैं। इनमें से 18 हजार 808 पंपों की आपूर्ति कर 17 हजार 530 पंप स्थापित कर दिए गए हैं । उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार से इस वर्ष 50 हजार सोलर पंप लगाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके लिए केंद्र सरकार के स्तर पर फर्म एम्पेनलमेंट का कार्य किया जा रहा है, तब तक पिछली एम्पेनल्ड फर्मों से 25 प्रतिशत सोलर पम्प स्थापित कराने के निर्देश प्राप्त हुए हैं, जिसके लिए कार्यवाही शुरू कर दी गई है। 


राज्य में सोलर पंप पर कितनी दी जा रही सब्सिडी

राज्य की ओर से कुसुम योजना के तहत लगाए जा रहे सोलर पंपों पर सब्सिडी का लाभ किसानों को दिया जा रहा है। इसके तहत स्टैंड अलोन सौर कृषि पंप की लागत की बेंच मार्क लागत या निविदा लागत इनमें से जो भी कम हो, के लिए 30 प्रतिशत केंद्रीय सहायता, 30 प्रतिशत राज्य सहायता एवं शेष 40 प्रतिशत अंशदान का भुगतान किसान द्वारा किया जाएगा जिसमें भी केवल 10 प्रतिशत का भुगतान किसान देगा और शेष 30 प्रतिशत ऋण के रूप में बैंक से वित्तीय सहायता दी जाएगी। यानि सौर ऊर्जा पंप संयंत्रों पर किसानों को 60 प्रतिशत अनुदान दिया दिया जाएगा। किसान के हिस्से से लगने वाली 40 प्रतिशत राशि में से 30 प्रतिशत राशि तक का लोन किसान बैंक से ले सकते हैं जिससे उन्हें मात्र 10 प्रतिशत राशि ही देनी होगी।


हरियाणा में इस साल 50 हजार किसानों को दिए जाएंगे सोलर पंप

कुसुम योजना के तहत हरियाणा को 520 करोड़ रुपए की लागत से 15,000 सोलर पंप लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें अब तक हरियाणा सरकार ने 14,418 सोलर पंप लगाने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। इसके साथ ही देश भर में हरियाणा इस योजना को लागू करने में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। हरियाणा में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान का लाभ हरियाणा के सीमांत किसान तथा डीजल पम्प से सिंचाई करने वाले किसानों ज्यादा मिला है। राज्य में सोलर पैनल से 105 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। 

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हरियाणा में सोलर पंप पर 75 तक मिलती है प्रतिशत सब्सिडी

वैसे तो कुसुम योजना के तहत अधिकांश राज्यों में किसानों को 60 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है परन्तु हरियाणा में 75 प्रतिशत सब्सिडी के साथ 3 एचपी से 10 एचपी क्षमता के स्टैंडअलोन सोलर पंप स्थापित किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत भारत सरकार 30 प्रतिशत केंद्रीय वित्तीय सहायता और राज्य सरकार 45 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रही है। किसानों को कुल पंप लागत का केवल 25 प्रतिशत भुगतान करना होता है। इस योजना के तहत सोलर पम्प को सिंचाई / जल प्रयोक्ता संघ / समुदाय / क्लस्टर आधारित सिंचाई प्रणाली आदि के लिए किया जा सकता है। इसके साथ ही सोलर पंप के रख रखाव, आपदा से नुकसानी तथा चोरी होने पर भरपाई के लिए बीमा कराया जाएगा। सोलर पंप का बीमा 5 वर्षों के लिए रहता है। 

सोलर पंप लगाने के लिए किसानों के तरफ से मांग इतनी ज्यादा है कि 15000 पंपों के लक्ष्य के मुकाबले अभी तक 14,418 सोलर पम्प केंद्र सरकार के द्वारा दिए गए हैं। जबकि विभाग को सोलर पंप के लिए करीब 42,000 से अधिक ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस प्रतिक्रिया को देखते हुए विभाग ने चालू वित्त वर्ष के लिए 844 करोड़ रुपए की कुल परियोजना लागत के साथ 22,000 पंप स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसके लिए केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा दरों एवं फर्मों को अंतिम रूप देने के तुरंत बाद आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। पीएम कुमुम योजना संबंध और अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-3333 पर कॉल करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 


क्या है कुसुम योजना ( Kusum Yojana )

केंद्र सरकार के नवीन एवं नवीनकरनीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) द्वारा शुरू की गई कुसुम योजना के तहत किसानों को सब्सिडी पर सोलर पंप दिए जाते हैं, जिससे कृषि की लागत तो कम होती ही है साथ ही किसान निर्वाध रूप से फसलों की सिंचाई कर सकते हैं। केंद्र तथा राज्य सरकारों के द्वारा दी जा रही सब्सिडी के कारण किसान को कम मूल्य में सोलर पंप मिल जाते हैं। इससे किसान अपने खेतों पर सोलर पंप की मदद से सिंचाई कर सकते हैं। इसके अलावा किसान अतिरिक्त बिजली उत्पादन कर ग्रिड को बेचकर पैसा भी कमा सकते हैं। इस तरह ये योजना किसानों के लिए दो तरफा फायदा पहुंचाती है।  


कुमुम योजना में आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज

कुमुम योजना में सोलर पंप लगवाने हेतु आवेदन करते समय किसान कुछ आवश्यक दस्तावेज की जरूरत होगी। वे इस प्रकार से हैं-

  • आवेदन करने वाले किसान का आधार कार्ड    
  • किसान का वोटर आईडी कार्ड    
  • आवेदन करने वाले किसान का मूलनिवास प्रमाण-पत्र
  • किसान के नाम के भूमि के कागज    
  • आवेदन करने वाले किसान का रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर    
  • आवेदन करने वाले किसान का पासपोर्ट साइज फोटो
  • किसान का आय प्रमाण-पत्र    
  • किसान की बैंक पासबुक ओर अकाउंट नंबर (इसके लिए पासबुक की प्रथम पेज की कॉपी संलग्न करनी होगी।)


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