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किसान सम्मान कार्ड : किसानों के लाभ के लिए सरकार देगी किसान सम्मान कार्ड

किसान सम्मान कार्ड : किसानों के लाभ के लिए सरकार देगी किसान सम्मान कार्ड

जानें, क्या है किसान सम्मान कार्ड और इससे लाभ?

मध्यप्रदेश सरकार अब राज्य के किसानों को किसान सम्मान कार्ड देने जा रही है। मीडिया में प्रकाशित खबरों के आधार पर मिली जानकारी के अनुसार हाल ही में कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा है कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का सरकार का वादा है। उन्हें सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को किसान सम्मान-कार्ड दिए जाएंगे। इस कार्ड में कृषि को उन्नत बनाने और कृषि संबंधी योजनाओं से किसानों को लाभ पहुंचाने की पूरी जानकारी दी जाएगी। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र तथा कृषि महाविद्यालय व अनुसंधान केन्द्र ढोलिया बेमेतरा के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय किसान मेला सह संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें किसानों को अलसी व दलहन से संबंधित जानकारी दी गई और किसानों की फसल संबंधी समस्याओं का वैज्ञानिकों द्वारा समाधान किया गया।  क्या है किसान सम्मान कार्ड?
मध्य प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को किसान सम्मान कार्ड जारी किया जाएगा। इसमें कृषि को उन्नत बनाने और कृषि संबंधी योजनाओं से किसानों को लाभ पहुंचाने की सारी जानकारी दी जाएगी। इससे किसानों सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल सकेगा।

 

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मंडियों में होंगी ये सुविधाएं

मंत्री कमल पटेल ने कहा कि हरदा मंडी को आधुनिक बनाया जाएगा। किसानों के लिए एयरकूल्ड विश्राम-गृह बनाए जाएंगे। मंडी प्रांगण में ही किसानों के लिए गुणवत्तापूर्ण दैनिक उपयोग की वस्तुएं, कृषि संबंधी सामग्री उचित दाम पर उपलब्ध कराई जाएगी। किसानों के लिए कैंटीन होगी। मंडी परिसर की सडक़ों का चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

 

कृषि मेले में दी जाएगी विभागों की योजनाओं की जानकारी

कृषि विज्ञान मेले में कृषि के सहयोगी उद्यानिकी, मत्स्य-पालन, पशु-पालन, रेशम-पालन, कृषि अभियांत्रिकी आदि विभागों की योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। कृषि वैज्ञानिक उन्नत कृषि तकनीकी, नरवाई प्रबंधन, ग्रीष्मकालीन मूंग फसल उत्पादन एवं जैविक खेती संबंधी जानकारी किसानों को देंगे। मेले में कृषि और अन्य संबद्ध विभाग स्टॉल लगाकर किसानों को खेती किसानी की जरूरी जानकारी देंगे।

 

अलसी व दलहनी फसलों के उत्पादन पर दिया जोर

कृषि विज्ञान केंद्र तथा कृषि महाविद्यालय व अनुसंधान केन्द्र ढोलिया बेमेतरा के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय किसान मेला सह संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मेला का मुख्य उद्देश्य अलसी व दलहनी फसलों तथा खरीफ/रबी फसलों के बीज उत्पादन को प्रत्साहित करना था। (मेला अखिल भारतीय समन्वित अलसी अनुसंधान परियोजना, अखिल भारतीय समन्वित मुलार्प अनुसंधान परियेजना तथा राष्ट्रीय बीज परियोजना- मेगा सीड परियोजना द्वारा प्रायोजित था।) कार्यक्रम में सर्वप्रथम प्रक्षेत्र भ्रमण के बाद तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. एस. के रस्तोगी, डॉ. पी. के. चंद्राकर, डॉ. नंदन मेहता, डॉ. दीपक चंद्राकर, डॉ. संजय द्विवेदी, डॉ. ए. के. त्रिपाठी ने दलहनी, तिलहनी व अन्य फसलों के बारे में जानकारी दी। किसानों ने संगोष्ठी में बढ़-चढक़र हिस्सा लिया तथा कई संभावनाओं का समाधान वहां आए वैज्ञानिकों से प्राप्त किया।

किसान मेला में कृषि उद्यानिकी, मत्स्य व पशु विभाग का सहयोग रहा तथा स्टाल भी लगाए गए। स्टॉल का मुख्य आकर्षण केंद्र कृषि विज्ञान केन्द्र बेमेतरा के मार्गदर्शन में महिला स्वसहायता समूह द्वारा उत्पादित हर्बल गुलाल रहा, जिसकी बड़ी मात्रा में बिक्री भी महिला स्वसहायता समूह द्वारा की गई। इसी दौरान कृषि मंत्री के द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र तथा अखिल भारतीय समन्वित अलसी अनुसंधान परियोजना अखिल भारतीय समन्वित मुलार्प द्वारा संचालित प्रदर्शनी के लाभार्थी किसानों के स्प्रेयर, स्टोरेज बिन का वितरण किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा कृषि मंत्री के माध्यम से ग्राम पंचायत ठेलका, वि. ख. साजा की महिला स्वसहायता समूह को 200 नग कडक़नाथ के चूजे प्रदान किए गए।  

 

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